DilSe Diaries

DilSe Diaries ❤️ Har ehsaas dil tak...

🌿 Family | Emotions | Life

✨ Original Quotes & Reels

🤍 Dil se judi har baat.

"तुम दोनों अलग नहीं हो..."मीरा की एक पुरानी रिकॉर्डिंग अन्वी और आहना के सामने ऐसा सच खोलती है, जो उनकी पूरी पहचान बदल दे...
25/08/2026

"तुम दोनों अलग नहीं हो..."
मीरा की एक पुरानी रिकॉर्डिंग अन्वी और आहना के सामने ऐसा सच खोलती है, जो उनकी पूरी पहचान बदल देता है।

दो अधूरी यादें...
एक ही कहानी...
लेकिन तभी The Order वापस आ जाता है।
और Project Zero का अगला चरण शुरू हो जाता है।

❤️ खामोश पन्ने Chapter 28 – दो आधी यादें पढ़िए और जानिए मीरा का Project Zero से असली connection।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

📖 KHAMOSH PANNE

Chapter 28 – दो आधी यादें ❤️

"जब दो अधूरी यादें एक-दूसरे से मिलती हैं...
तो सच पूरा नहीं होता...
बल्कि एक नया सच जन्म लेता है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

Site 2 के अंदर...

स्क्रीन अब भी चमक रही थी।

𝗖𝗥𝗘𝗔𝗧𝗢𝗥 𝗥𝗘𝗖𝗢𝗚𝗡𝗜𝗭𝗘𝗗

𝗖𝗥𝗘𝗔𝗧𝗢𝗥:
𝗔-𝟭𝟯 + 𝗔-𝟭𝟱

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी और आहना...

अब भी एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए थीं।

लेकिन...

इस बार उनके बीच सिर्फ़ हाथ नहीं जुड़े थे।

उनकी यादें...

एक-दूसरे में घुल रही थीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने आँखें बंद कर लीं।

और अचानक...

उसके सामने एक पुराना घर दिखाई दिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

बारिश हो रही थी।

खिड़की के पास...

मीरा बैठी थी।

उसकी गोद में एक बच्ची थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और सामने...

नैना खड़ी थी।

उसकी आँखों में आँसू थे।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा ने कहा—

"अगर हमने इसे आज अलग नहीं किया..."

"तो The Order इसे कभी नहीं छोड़ेंगे।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने काँपती आवाज़ में पूछा—

"और अगर अलग कर दिया तो?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा ने बच्ची की तरफ़ देखा।

"तो इसकी यादें अधूरी हो जाएँगी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"कम से कम ये ज़िंदा रहेगी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने अचानक आँखें खोल दीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"माँ..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसके सामने सब कुछ फिर गायब हो गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने उसका हाथ दबाया।

"तुमने भी देखा?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उसकी तरफ़ देखा।

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"वो याद मेरी नहीं थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने धीरे से कहा—

"वो मेरी भी नहीं थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दोनों कुछ पल चुप रहीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

डॉ. राघव ने स्क्रीन की तरफ़ देखा।

"ये Memory Merge नहीं है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने पूछा—

"तो क्या है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

राघव ने जवाब दिया—

"ये..."

"Memory Reconstruction है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना अचानक उनकी तरफ़ मुड़ी।

"नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"ये उससे भी खतरनाक है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"क्यों?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने स्क्रीन की तरफ़ इशारा किया।

"क्योंकि अब..."

"यादें सिर्फ़ वापस नहीं आ रहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"वो खुद अपनी कहानी जोड़ रही हैं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने गंभीर आवाज़ में कहा—

"और अगर ये पूरा हुआ..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उसकी बात पूरी की—

"तो Project Zero को किसी Creator की ज़रूरत नहीं रहेगी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

कमरे में सन्नाटा छा गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने पूछा—

"मतलब?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कहा—

"मतलब..."

"Project Zero खुद फैसले लेने लगेगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की नज़र स्क्रीन पर टिक गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसी पल...

एक नया संदेश दिखाई दिया—

𝗠𝗘𝗠𝗢𝗥𝗬 𝟭:
𝗜𝗡𝗖𝗢𝗠𝗣𝗟𝗘𝗧𝗘

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर दूसरी लाइन आई—

𝗠𝗘𝗠𝗢𝗥𝗬 𝟮:
𝗜𝗡𝗖𝗢𝗠𝗣𝗟𝗘𝗧𝗘

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने धीरे से पूछा—

"दो अधूरी यादें..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने कहा—

"जो एक-दूसरे को पूरा कर सकती हैं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

तभी...

स्क्रीन पर तीसरी लाइन दिखाई दी—

𝗠𝗘𝗠𝗢𝗥𝗬 𝟯:
𝗟𝗢𝗖𝗞𝗘𝗗

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन का चेहरा बदल गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तीसरी याद..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने पूछा—

"क्या हुआ?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने धीमे से कहा—

"वो याद..."

"मीरा ने खुद लॉक की थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने तुरंत पूछा—

"क्यों?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने उसकी तरफ़ देखा।

"क्योंकि..."

"उसमें तुम्हारे जन्म का असली सच था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी आगे बढ़ी।

"उसे खोलो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने तुरंत कहा—

"नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"अभी नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आवाज़ सख्त हो गई।

"अब और कुछ मत छुपाइए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मैंने बहुत कुछ खोया है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन अब..."

"मैं अपना सच किसी और के डर की वजह से नहीं खोऊँगी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने अन्वी का हाथ पकड़ लिया।

"मैं तुम्हारे साथ हूँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या भी उनके पास आ गई।

"मैं भी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने कुछ पल सबको देखा।

फिर...

उन्होंने धीरे से कहा—

"तो इसे खोलना होगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उनकी तरफ़ देखा।

"तुम जानते हो इसके बाद क्या होगा?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने कहा—

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"शायद पहली बार..."

"उसे सब कुछ जानने का अधिकार है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

राघव ने सिस्टम सक्रिय किया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

स्क्रीन पर आया—

𝗟𝗢𝗖𝗞𝗘𝗗 𝗠𝗘𝗠𝗢𝗥𝗬

𝗔𝗨𝗧𝗛𝗢𝗥:
𝗠𝗘𝗘𝗥𝗔

𝗣𝗥𝗢𝗧𝗘𝗖𝗧𝗜𝗢𝗡:
𝗔-𝟭𝟯

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने फुसफुसाकर कहा—

"Protection..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मेरी याद को मेरी माँ ने क्यों लॉक किया?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कहा—

"क्योंकि..."

"तुम्हारी सबसे खतरनाक याद..."

"तुम्हारा जन्म नहीं था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"वो था..."

"तुम्हारा पहला फैसला।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने कुछ नहीं समझा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और तभी...

स्क्रीन पर एक वीडियो चलने लगा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा दिखाई दी।

बहुत थकी हुई।

आँखों में आँसू।

लेकिन चेहरे पर एक अजीब-सी शांति।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा ने कैमरे की तरफ़ देखा।

और कहा—

"अगर तुम ये देख रही हो..."

"तो शायद मैं तुम्हारे पास नहीं हूँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें भर आईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा ने आगे कहा—

"अन्वी..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर वह रुक गई।

कुछ पल बाद...

उसने कहा—

"आहना..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी और आहना...

एक साथ स्क्रीन की तरफ़ देखने लगीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम दोनों में से..."

"जो भी ये सुन रही है..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"उसे एक बात जाननी होगी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम दोनों अलग नहीं हो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"तुम एक जैसी भी नहीं हो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

वीडियो में मीरा ने गहरी साँस ली।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मैंने तुम्हारी यादों को दो हिस्सों में बाँटा था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"तुम्हारी आत्मा को नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी के हाथ काँपने लगे।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा ने कहा—

"एक हिस्सा..."

"सच को याद रखेगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"दूसरा..."

"सच को महसूस करेगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"क्योंकि अगर दोनों एक ही जगह होते..."

"तो The Order तुम्हें नियंत्रित कर सकता था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

वीडियो अचानक रुक गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

स्क्रीन पर सिर्फ़ एक लाइन दिखाई दी—

𝗧𝗥𝗨𝗧𝗛 𝗥𝗘𝗤𝗨𝗜𝗥𝗘𝗦 𝗕𝗢𝗧𝗛

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने धीरे से कहा—

"दोनों..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उसकी तरफ़ देखा।

"हमें साथ होना होगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लेकिन तभी...

एक तेज़ अलार्म बजा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

𝗨𝗡𝗔𝗨𝗧𝗛𝗢𝗥𝗜𝗭𝗘𝗗 𝗔𝗖𝗖𝗘𝗦𝗦

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

राघव घबरा गए।

"कोई सिस्टम में घुस गया है!"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने पूछा—

"कौन?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

स्क्रीन पर...

एक नया चिन्ह दिखाई दिया।

गोल घेरा।

उसके बीच...

एक आँख।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

𝗧𝗛𝗘 𝗢𝗥𝗗𝗘𝗥

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने तुरंत कहा—

"सब नीचे झुको!"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अगले ही पल...

पूरी लैब की खिड़कियाँ बंद हो गईं।

दरवाज़े लॉक हो गए।

और स्क्रीन पर एक आवाज़ गूँजी—

"तुम्हें लगा..."

"तुमने हमें पीछे छोड़ दिया?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने चारों तरफ़ देखा।

"कौन बोल रहा है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आवाज़ फिर आई—

"जिसे तुम Creator समझ रही हो..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"वो सिर्फ़ एक हिस्सा था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना का चेहरा सफेद पड़ गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"नहीं..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आवाज़ ने कहा—

"Project Zero का असली Creator..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"कभी इंसान था ही नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

सब चुप हो गए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने आहना की तरफ़ देखा।

आहना की आँखों में डर था।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर स्क्रीन पर एक अंतिम संदेश दिखाई दिया—

𝗣𝗥𝗢𝗝𝗘𝗖𝗧 𝗭𝗘𝗥𝗢

𝗣𝗛𝗔𝗦𝗘 𝟮

𝗖𝗢𝗠𝗠𝗘𝗡𝗖𝗜𝗡𝗚...

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और उसके नीचे...

एक नाम दिखाई दिया—

𝗠𝗘𝗘𝗥𝗔

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की साँस रुक गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"माँ...?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने धीरे से कहा—

"अन्वी..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"अब हमें पता चला है..."

"कि मीरा सिर्फ़ Project Zero से भाग नहीं रही थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"तो?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने स्क्रीन की तरफ़ देखते हुए कहा—

"वो..."

"Project Zero का अगला चरण खुद चला रही थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखों में आँसू आ गए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और उसी पल...

स्क्रीन बंद हो गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अँधेरे में सिर्फ़ एक आवाज़ बची—

"Welcome back..."

"Creator."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

Chapter 28 Ends... ❤️

To Be Continued...

🔥 Next Chapter: Chapter 29 – मीरा का सच

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
आपने पढ़ा खामोश पन्ने Chapter 28 – दो आधी यादें।
अब आपकी Theory क्या है?

क्या मीरा सच में Project Zero की अगली phase चला रही थी?
और...
क्या असली Creator अभी तक सामने आया ही नहीं है?

💬 Comment में अपनी Theory ज़रूर बताइए।
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
📖 पूरा Chapter 28 पढ़ने के लिए मेरे Blogger पर ज़रूर आएँ। लिंक 🖇️ मेरे Bio में है।

🕗 हर रात 8:00 PM (IST) एक नया अध्याय... एक नया रहस्य।

— Written by DilSe Diaries by Pooja.K
━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━




पास बैठो तो किसी को खलने लगते हो,चुप रहो तो किसी को बदलने लगते हो।हर बात सोचकर कहो,फिर भी किसी के दिल में चुभने लगते हो।...
25/08/2026

पास बैठो तो किसी को खलने लगते हो,
चुप रहो तो किसी को बदलने लगते हो।

हर बात सोचकर कहो,
फिर भी किसी के दिल में चुभने लगते हो।

तब समझ आता है—
रिश्ते खून से नहीं,
व्यवहार से अपने लगते हैं।

और जहाँ तुम्हारी मौजूदगी
किसी को बोझ लगे,
वहाँ चुपचाप हट जाना ही
सबसे ख़ूबसूरत जवाब होता है।

❤️‍🩹

"मेरा नाम... आहना है।"अन्वी के लिए ये सिर्फ़ एक नाम नहीं था।ये उसका अपना अतीत था।लेकिन अब...A-15 के रूप में उसके सामने ख...
24/08/2026

"मेरा नाम... आहना है।"
अन्वी के लिए ये सिर्फ़ एक नाम नहीं था।
ये उसका अपना अतीत था।
लेकिन अब...
A-15 के रूप में उसके सामने खड़ी लड़की भी खुद को आहना कहती है।
जब दोनों की यादें जुड़ती हैं...
तो Project Zero का सबसे बड़ा रहस्य सामने आने लगता है।

❤️ खामोश पन्ने Chapter 27 – आहना पढ़िए और जानिए A-13 और A-15 के बीच का असली connection।

📖 KHAMOSH PANNE

Chapter 27 – आहना ❤️

"कभी-कभी अतीत हमारे सामने किसी तस्वीर की तरह नहीं आता...
वह हमारे सामने खड़ा होकर अपना नाम बताता है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

Site 2 के अंदर...

कोई कुछ नहीं बोल रहा था।

सबकी नज़रें...

उस लड़की पर थीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

वह लड़की...

जो अभी-अभी A-15 के कमरे से बाहर आई थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी उसे देख रही थी।

बिल्कुल स्थिर।

जैसे...

उसकी आँखों के सामने उसकी अपनी परछाईं खड़ी हो।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लड़की ने फिर कहा—

"मेरा नाम आहना है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने धीरे से पूछा—

"तुम्हें ये नाम किसने दिया?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लड़की ने नैना की तरफ़ देखा।

"उन्होंने।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की नज़र नैना पर टिक गई।

"आपने?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने सिर झुका लिया।

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"ये मेरा नाम था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने धीरे से कहा—

"था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"अब नहीं है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखों में गुस्सा उतर आया।

"मेरी पहचान..."

"मेरी यादें..."

"मेरा नाम..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"आप लोगों ने मेरे साथ आखिर किया क्या है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना उसके करीब आई।

"तुम्हारे साथ कुछ नहीं किया गया।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हें बचाया गया।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी हँस पड़ी।

लेकिन उस हँसी में दर्द था।

"हर कोई यही कहता है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"कोई कहता है मुझे बचाया।"

"कोई कहता है मुझे छुपाया।"

"कोई कहता है मेरी यादें मिटाईं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन किसी ने ये नहीं बताया..."

"कि मैं असल में हूँ कौन।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना...

उसे लगातार देख रही थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर उसने धीरे से कहा—

"तुम वही हो..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"क्या?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने जवाब दिया—

"जिसे मैं हर रात सपने में देखती थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की साँस अटक गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हें मेरे सपने आते थे?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने सिर हिलाया।

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"एक लड़की..."

"जो मेरे साथ भाग रही थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"हम दोनों बहुत छोटी थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"और हमारे पीछे..."

"कुछ लोग थे।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने पूछा—

"क्या तुम्हें याद है कि वो लोग कौन थे?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने उसकी तरफ़ देखा।

"नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"एक चिन्ह याद है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसने अपनी कलाई आगे की।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

वहाँ...

एक बहुत हल्का निशान था।

गोल घेरे के अंदर...

एक आँख।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

The Order.

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन का चेहरा बदल गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"ये निशान..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने कहा—

"जन्म से है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

डॉ. राघव ने तुरंत कहा—

"नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

सबने उनकी तरफ़ देखा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

राघव ने घबराकर कहा—

"ये निशान जन्म से नहीं था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"इसे..."

"हमने लगाया था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"हमने?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

राघव चुप हो गए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आवाज़ सख्त हो गई।

"आपने?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

राघव ने आँखें बंद कर लीं।

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"जब A-15 को पहली बार यहाँ लाया गया था..."

"तब उसे पहचानने के लिए ये निशान दिया गया था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने धीरे से पूछा—

"तो..."

"मैं भी Subject थी?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

राघव ने जवाब नहीं दिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लेकिन उनकी चुप्पी...

जवाब से भी ज़्यादा साफ़ थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना पीछे हट गई।

"तो मैं कौन हूँ?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना उसके पास गई।

"तुम Subject नहीं थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम..."

"एक सुरक्षा थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने कुछ नहीं समझा।

"किसकी?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने अन्वी की तरफ़ देखा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"उसकी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी चौंक गई।

"मेरी?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने सिर हिलाया।

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"जब हमें पता चला कि Project Zero में तुम्हारी क्षमता को नियंत्रित करना संभव नहीं होगा..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तब हमने तुम्हारी यादों को दो हिस्सों में बाँट दिया।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी के चेहरे का रंग उड़ गया।

"दो हिस्से?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कहा—

"एक हिस्सा..."

"तुम्हारे अंदर रहा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"दूसरा..."

"आहना में।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

कमरे में...

जैसे सब कुछ रुक गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या की आँखों में आँसू आ गए।

"इसलिए..."

"जब A-14 जागी थी..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उसकी बात पूरी की—

"तब अन्वी की यादें भी जागने लगी थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने आहना की तरफ़ देखा।

"तो तुम..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने धीमे से कहा—

"तुम्हारी खोई हुई यादों का हिस्सा हूँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखों से आँसू निकल आए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो..."

"तुम मेरी बहन नहीं हो?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना मुस्कुराई।

उस मुस्कान में बहुत दर्द था।

"शायद..."

"रिश्ते का नाम इतना ज़रूरी नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मैं तुम्हारे अंदर थी..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"और तुम..."

"मेरे अंदर।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी धीरे-धीरे उसके पास गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दोनों आमने-सामने खड़ी थीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर...

अन्वी ने उसका हाथ पकड़ लिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसी पल...

दोनों के लॉकेट चमक उठे।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

पूरी लैब की लाइटें एक साथ बंद हो गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और फिर...

एक स्क्रीन अपने-आप जल उठी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

𝗠𝗘𝗠𝗢𝗥𝗬 𝗠𝗘𝗥𝗚𝗘

𝗦𝗨𝗕𝗝𝗘𝗖𝗧𝗦:

𝗔-𝟭𝟯

+

𝗔-𝟭𝟱

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन चिल्लाए—

"हाथ अलग करो!"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लेकिन देर हो चुकी थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखों के सामने...

एक के बाद एक तस्वीरें आने लगीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

एक छोटा कमरा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा रो रही थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना एक नवजात बच्ची को गोद में लिए थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन दरवाज़े के पास खड़ा था।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और आर्यन...

किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर रहे थे।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने चीखकर कहा—

"नहीं!"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसने अपना सिर पकड़ लिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"ये याद..."

"मेरी नहीं है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना की आँखें बंद थीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन मेरी है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दोनों की आवाज़...

एक साथ निकली।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर...

एक और दृश्य आया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा...

एक छोटी बच्ची को अपनी गोद में लिए हुए थी।

उसने बच्ची के कान में कहा—

"अगर कभी हम अलग हो जाएँ..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो याद रखना..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम अकेली नहीं हो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

बच्ची रो रही थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

मीरा ने उसके माथे को चूमा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और फिर...

उसने बच्ची को नैना की तरफ़ बढ़ा दिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें खुल गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"माँ..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसने काँपते हुए कहा—

"ये कब हुआ था?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने जवाब दिया—

"तुम्हारे जन्म के तीसरे दिन।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"और दूसरी बच्ची?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना चुप।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आवाज़ काँपने लगी।

"आहना..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने धीरे से कहा—

"मैं उस दिन पैदा नहीं हुई थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मैं..."

"उस दिन बनाई गई थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें फैल गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"क्या?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आहना ने अपनी छाती पर हाथ रखा।

"मेरे अंदर..."

"तुम्हारी यादें थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हारा डर।"

"तुम्हारी आवाज़।"

"तुम्हारी पहली याद।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हारा पहला सपना।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"सब कुछ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी कुछ बोल नहीं पाई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर...

स्क्रीन पर एक नया संदेश आया—

𝗠𝗘𝗥𝗚𝗘 𝗖𝗢𝗠𝗣𝗟𝗘𝗧𝗘

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन चिल्लाया—

"नैना!"

"इसे बंद करो!"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने तुरंत सिस्टम की तरफ़ दौड़ लगाई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लेकिन स्क्रीन पर...

एक और लाइन दिखाई दी—

𝗖𝗥𝗘𝗔𝗧𝗢𝗥 𝗥𝗘𝗖𝗢𝗚𝗡𝗜𝗭𝗘𝗗

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

सबकी नज़रें...

अन्वी पर टिक गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने धीरे से पूछा—

"Creator...?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने स्क्रीन देखी।

उसकी आँखों में डर उतर आया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"ये संभव नहीं है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने पूछा—

"क्या हुआ?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने बहुत धीमी आवाज़ में कहा—

"Project Zero..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"Creator को पहचान चुका है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने अन्वी की तरफ़ देखा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"कौन?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने जवाब दिया—

"अन्वी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

कमरे में...

सन्नाटा छा गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लेकिन तभी...

स्क्रीन पर Creator का नाम बदला।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

𝗖𝗥𝗘𝗔𝗧𝗢𝗥:

𝗔-𝟭𝟯 + 𝗔-𝟭𝟱

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी और आहना...

एक-दूसरे को देखने लगीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और तभी...

पूरी Site 2 में एक आवाज़ गूँजी—

"दोनों को मिलाओ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तभी..."

"Project Zero पूरा होगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने धीरे से आहना का हाथ पकड़ लिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और पहली बार...

उसके चेहरे पर डर नहीं था।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

सिर्फ़ एक फैसला था।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"अगर Project Zero हमें मिलाकर बनाया गया था..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"हम ही इसे खत्म भी करेंगे।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

Chapter 27 Ends... ❤️

To Be Continued...

🔥 Next Chapter: Chapter 28 – दो आधी यादें

आपने पढ़ा खामोश पन्ने Chapter 27 – आहना।
अब आपकी Theory क्या है?
क्या आहना सच में अन्वी की खोई हुई यादों का हिस्सा है?
और...
क्या A-13 + A-15 मिलकर Project Zero को खत्म कर पाएँगे?

💬 Comment में अपनी Theory ज़रूर बताइए।

📖 पूरा Chapter 27 पढ़ने के लिए मेरे Blogger पर ज़रूर आएँ। लिंक 🖇️ मेरे Bio में है।

🕗 हर रात 8:00 PM (IST) एक नया अध्याय... एक नया रहस्य।

— Written by DilSe Diaries by Pooja.K





कुछ घर ऐसे भी होते हैं,जहाँ जाकरघर लौटने का मन करने लगता है…हम हँसकर मिलते रहे,वो हर हँसी मेंकमी निकालते रहे।हमने रिश्तो...
24/08/2026

कुछ घर ऐसे भी होते हैं,
जहाँ जाकर
घर लौटने का मन करने लगता है…

हम हँसकर मिलते रहे,
वो हर हँसी में
कमी निकालते रहे।

हमने रिश्तों को
दिल से निभाया,
उन्होंने हर अपनापन
जैसे कोई गलती समझा।

मैं चुप रहा…
क्योंकि रिश्ते थे,
माँ चुप रहीं…
क्योंकि संस्कार थे।

पर उनकी आँखों में
जो दर्द देखा,
वो मेरी ख़ामोशी से
सहन नहीं हुआ।

अजीब है ना…
कभी-कभी
अपनों के बीच रहकर भी
इंसान इतना अकेला हो जाता है
कि उसे बस
अपने घर की दीवारें याद आती हैं।

अब न कोई सफ़ाई देंगे,
न किसी से गिला करेंगे…

बस माँ का हाथ थामेंगे,
और चुपचाप लौट जाएँगे।

क्योंकि…

जहाँ हमें देखकर
किसी का चेहरा उतर जाए,
वहाँ ठहरने से बेहतर है—
उस जगह लौट जाना,
जहाँ हमारा होना
किसी के लिए बोझ नहीं,
सुकून होता है। ❤️

❤️ DilSe Diaries
✍️ Pooja.K





वो चुप रही,तो लोगों ने समझ लिया—दोषी है।उसे क्या पता था,कुछ औरतें सफ़ाई नहीं देतीं,बस अपना सुकून चुनती हैं।हर ख़ामोशी कम...
24/08/2026

वो चुप रही,
तो लोगों ने समझ लिया—
दोषी है।

उसे क्या पता था,
कुछ औरतें सफ़ाई नहीं देतीं,
बस अपना सुकून चुनती हैं।

हर ख़ामोशी कमजोरी नहीं होती,
कभी-कभी वो उस औरत की
सबसे ख़ूबसूरत जीत होती है,
जो दुनिया को जवाब देने के बजाय
ख़ुद को बचाना सीख गई हो।

❤️‍🩹

"मेरा नाम... आहना है।"ये सिर्फ़ एक नाम नहीं था।ये वही नाम था जिसे अन्वी अपना अतीत समझकर पीछे छोड़ चुकी थी।लेकिन Site 2 म...
23/08/2026

"मेरा नाम... आहना है।"
ये सिर्फ़ एक नाम नहीं था।
ये वही नाम था जिसे अन्वी अपना अतीत समझकर पीछे छोड़ चुकी थी।
लेकिन Site 2 में A-15 के दरवाज़े के पीछे खड़ी लड़की ने जब खुद को आहना कहा...
तो अन्वी की पूरी दुनिया फिर से बदल गई।

❤️ खामोश पन्ने Chapter 26 – पहली बेटी पढ़िए और जानिए Project Zero का अगला रहस्य।

📖 KHAMOSH PANNE

Chapter 26 – पहली बेटी ❤️

"कुछ सच ऐसे होते हैं...
जिन्हें जानने के बाद इंसान अपने अतीत को नहीं...
खुद को नए सिरे से पहचानता है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

Site 2 के अंदर...

अन्वी अब भी नैना के सामने खड़ी थी।

उसके हाथ में वही पुरानी डायरी थी।

और उसके पहले पन्ने पर...

एक ही नाम लिखा था—

𝗔-𝟭𝟯

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने धीरे से कहा—

"बैठ जाओ, आहना।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने तुरंत पूछा—

"मुझे आहना मत कहिए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना कुछ पल उसे देखती रही।

फिर हल्की-सी मुस्कान उसके चेहरे पर आई।

"लेकिन..."

"यही तो तुम्हारा पहला नाम था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने डायरी को कसकर पकड़ लिया।

"मेरा पहला नाम..."

"मेरी पहली माँ..."

"मेरी पहली याद..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"हर चीज़ मुझसे क्यों छुपाई गई?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने धीरे से कहा—

"क्योंकि तुम्हें बचाना था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखों में गुस्सा उतर आया।

"ये जवाब मुझे पहले भी मिल चुका है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मुझे कोई नया जवाब चाहिए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना चुप रही।

फिर...

उसने डायरी का दूसरा पन्ना खोला।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उस पर एक पुरानी तस्वीर लगी थी।

मीरा...

नैना...

और उनके बीच एक छोटी बच्ची।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने तस्वीर को देखा।

उसकी साँसें धीमी हो गईं।

"ये..."

"मैं हूँ?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने सिर हिलाया।

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन ये तस्वीर..."

"मेरी यादों में क्यों नहीं है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कहा—

"क्योंकि उस रात..."

"तुम्हारी यादों का पहला हिस्सा मिटा दिया गया था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या आगे बढ़ी।

"किसने?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उसकी तरफ़ देखा।

"मीरा ने।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने तुरंत पूछा—

"माँ ने?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन क्यों?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने गहरी साँस ली।

"क्योंकि..."

"तुम्हारी पहली याद ही Project Zero की सबसे बड़ी कुंजी थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

डॉ. राघव ने धीरे से पूछा—

"तुमने उसे कभी बताया नहीं?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उनकी तरफ़ देखा।

"अगर उसे पहले पता चल जाता..."

"तो The Order उसे उसी दिन खत्म कर देता।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने कहा—

"नैना..."

"उसे पूरा सच जानना होगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उसकी तरफ़ देखा।

"अब तुम मुझे सच की बात कर रहे हो?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन चुप हो गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कहा—

"तुमने ही तो उसे सालों तक झूठ में रखा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने दोनों की तरफ़ देखा।

"बस।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मुझे आप दोनों की लड़ाई नहीं सुननी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मुझे अपनी कहानी सुननी है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने धीरे से सिर हिलाया।

"ठीक है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो सुनो..."

"तुम्हारा जन्म Project Zero के लिए नहीं हुआ था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें उठ गईं।

"फिर?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"Project Zero तुम्हारे जन्म के बाद शुरू हुआ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

कमरे में...

सन्नाटा छा गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने डायरी का अगला पन्ना खोला।

उस पर लिखा था—

𝗣𝗥𝗢𝗝𝗘𝗖𝗧 𝗭𝗘𝗥𝗢

𝗙𝗜𝗥𝗦𝗧 𝗣𝗨𝗥𝗣𝗢𝗦𝗘:
𝗣𝗥𝗘𝗦𝗘𝗥𝗩𝗘 𝗛𝗨𝗠𝗔𝗡 𝗠𝗘𝗠𝗢𝗥𝗜𝗘𝗦

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना बोली—

"हमारा पहला उद्देश्य यादों को मिटाना नहीं था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"हमारा उद्देश्य था..."

"उन्हें बचाना।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन फिर..."

"हमें पता चला कि यादें सिर्फ़ यादें नहीं होतीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"वो इंसान के फैसले बदल सकती हैं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"उसका डर..."

"उसका प्यार..."

"उसकी नफ़रत..."

"उसकी पूरी पहचान।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने धीरे से पूछा—

"और फिर A-13 बनाया गया?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कहा—

"नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"𝗔-𝟭𝟯 बनाया नहीं गया था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"𝗔-𝟭𝟯 पैदा हुई थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी का चेहरा बदल गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो..."

"मैं?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा—

"तुम पहली बच्ची थीं..."

"जिसकी चेतना Memory Grid के साथ स्वाभाविक रूप से जुड़ सकती थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हारे दिमाग़ को किसी मशीन ने नहीं बदला था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हारे अंदर..."

"वो क्षमता जन्म से थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने अपना सिर पकड़ लिया।

"तो मेरी सारी यादें..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कहा—

"तुम्हारी ही थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"किसी ने उन्हें बनाया नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"सिर्फ़..."

"छुपाया।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखों से आँसू बह निकले।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने धीमी आवाज़ में कहा—

"आहना..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उनकी तरफ़ देखा।

"मुझे अब उस नाम से मत बुलाइए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन रुक गए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने कहा—

"मैं अन्वी हूँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"आहना मेरी याद थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"अन्वी मेरा फैसला है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना की आँखों में पहली बार गर्व दिखाई दिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"यही वजह है..."

"कि तुम Project Zero से बड़ी हो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने पूछा—

"नैना..."

"उसे अभी तक वो आख़िरी बात क्यों नहीं बताई?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उसकी तरफ़ देखा।

"क्योंकि वो बात..."

"सिर्फ़ अन्वी को जाननी चाहिए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"कौन-सी बात?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना उसके करीब आई।

और बहुत धीमी आवाज़ में बोली—

"तुम पहली बेटी थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"तुम अकेली नहीं थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की साँस रुक गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"क्या मतलब?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने डायरी का आख़िरी हिस्सा खोला।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

वहाँ...

तीन नाम लिखे थे।

𝗔-𝟭𝟯

𝗔-𝟭𝟰

और...

𝗔-𝟭𝟱

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने स्क्रीन को देखा।

"तीन?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

डॉ. राघव पीछे हट गए।

"नहीं..."

"ये रिकॉर्ड तो कभी मौजूद ही नहीं था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कहा—

"क्योंकि A-15 को हमने कभी Subject नहीं बनाया।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"तो फिर A-15 कौन है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने कोई जवाब नहीं दिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसने सिर्फ़...

कमरे के दूसरी तरफ़ मौजूद एक बंद दरवाज़े की तरफ़ इशारा किया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दरवाज़े पर लिखा था—

𝗦𝗨𝗕𝗝𝗘𝗖𝗧 𝗔-𝟭𝟱

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी धीरे-धीरे उस दरवाज़े की तरफ़ बढ़ी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने उसका हाथ पकड़ लिया।

"अकेली मत जाना।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उसकी तरफ़ देखा।

"इस बार..."

"हम साथ जाएँगे।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दोनों दरवाज़े के सामने खड़ी हो गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना पीछे से बोली—

"रुको।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पलटकर देखा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना की आँखों में डर था।

वही डर...

जो उसने पहली बार अर्जुन की आँखों में देखा था।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"उस दरवाज़े के पीछे..."

"तुम्हारा अतीत नहीं है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"तो क्या है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने धीरे से कहा—

"तुम्हारा भविष्य।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अचानक...

दरवाज़े के ऊपर लाल लाइट जल उठी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

𝗔-𝟭𝟱 𝗔𝗖𝗧𝗜𝗩𝗔𝗧𝗜𝗡𝗚

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने घबराकर कहा—

"नैना..."

"तुमने इसे activate क्यों किया?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने उसकी तरफ़ देखा।

और पहली बार...

उसकी आवाज़ में डर साफ़ सुनाई दिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मैंने नहीं किया।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

सबकी नज़रें...

दरवाज़े पर टिक गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अंदर से...

किसी के कदमों की आवाज़ आई।

एक कदम...

फिर दूसरा...

फिर तीसरा...

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने आर्या का हाथ और कसकर पकड़ लिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दरवाज़ा धीरे-धीरे खुलने लगा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और अँधेरे के भीतर से...

एक लड़की बाहर आई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसने अन्वी को देखा।

कुछ पल...

दोनों एक-दूसरे को देखती रहीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर उस लड़की ने कहा—

"तो..."

"तुम ही हो A-13।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"तुम कौन हो?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लड़की हल्का-सा मुस्कुराई।

"मुझे..."

"तुम्हारी बहन कहना आसान होगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन सच..."

"उससे कहीं ज़्यादा खतरनाक है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें फैल गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लड़की ने धीरे से कहा—

"मेरा नाम..."

"आहना है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी का चेहरा सफ़ेद पड़ गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

क्योंकि...

**आहना उसका अपना पुराना नाम था।**

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

Chapter 26 Ends... ❤️

To Be Continued...

🔥 Next Chapter: Chapter 27 – आहना

आपने पढ़ा खामोश पन्ने Chapter 26 – पहली बेटी।
अब आपकी Theory क्या है?
क्या A-15 सच में अन्वी से जुड़ी है?
और...
अगर अन्वी का पुराना नाम आहना था, तो ये दूसरी आहना कौन है?
💬 Comment में अपनी Theory ज़रूर बताइए।

📖 पूरा Chapter 26 पढ़ने के लिए मेरे Blogger पर ज़रूर आएँ। लिंक 🖇️ मेरे Bio में है।

🕗 हर रात 8:00 PM (IST) एक नया अध्याय... एक नया रहस्य।

— Written by DilSe Diaries by Pooja.K





उसने बस अपनी ज़िंदगी जी थी—लोगों ने उसे कहानी बना दिया,और फिर अपने हिसाब सेउसका चरित्र भी लिख दिया।शायद लोग भूल जाते हैं...
23/08/2026

उसने बस अपनी ज़िंदगी जी थी—
लोगों ने उसे कहानी बना दिया,
और फिर अपने हिसाब से
उसका चरित्र भी लिख दिया।

शायद लोग भूल जाते हैं...
औरत की ज़िंदगी कोई खुली किताब नहीं,
जिसका हर पन्ना
वो अपनी मर्ज़ी से पढ़ें और सुनाएँ।

वो जैसी है,
उसे वैसा ही रहने दो...
क्योंकि चरित्र पर उंगली उठाना आसान है,
लेकिन किसी की पूरी ज़िंदगी
जीना बहुत मुश्किल।

"आओ, आहना..."Site 2 में अन्वी के सामने एक ऐसी महिला खड़ी है जो उसे सिर्फ़ नाम से नहीं...अपनी बेटी कहती है।नैना कौन है?उस...
22/08/2026

"आओ, आहना..."
Site 2 में अन्वी के सामने एक ऐसी महिला खड़ी है जो उसे सिर्फ़ नाम से नहीं...
अपनी बेटी कहती है।
नैना कौन है?

उसका Project Zero से क्या रिश्ता है?
और उसने अन्वी को अपनी पहली बेटी क्यों कहा?

❤️ खामोश पन्ने Chapter 25 – दूसरी माँ पढ़िए और इस नए रहस्य को जानिए।

📖 KHAMOSH PANNE

Chapter 25 – दूसरी माँ ❤️

"कुछ रिश्ते खून से नहीं बनते...
कुछ रिश्ते उन यादों से बनते हैं जिन्हें हम चाहकर भी भूल नहीं पाते।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

प्रयोगशाला में...

हर तरफ़ सन्नाटा था।

सिर्फ़ स्क्रीन पर चमकता हुआ नाम दिखाई दे रहा था—

𝗡𝗔𝗜𝗡𝗔

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी...

उस नाम को लगातार देख रही थी।

उसके हाथ में अब भी वही फोन था।

वही संदेश...

वही लोकेशन...

𝗣𝗥𝗢𝗝𝗘𝗖𝗧 𝗭𝗘𝗥𝗢 — 𝗦𝗜𝗧𝗘 𝟮

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने धीरे से पूछा—

"नैना..."

"ये कौन है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने कोई जवाब नहीं दिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उसकी तरफ़ देखा।

"आप जानते हैं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने धीरे से कहा—

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो बताइए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन कुछ पल चुप रहा।

फिर...

बहुत धीमी आवाज़ में बोला—

"नैना..."

"मीरा की छोटी बहन थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें फैल गईं।

"माँ की बहन?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने सिर हिलाया।

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"मैंने उसे कभी देखा क्यों नहीं?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने उसकी तरफ़ देखा।

"क्योंकि..."

"तुम्हारी माँ ने तुम्हें उससे दूर रखा था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"क्यों?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने स्क्रीन की तरफ़ देखा।

"क्योंकि नैना..."

"Project Zero की सबसे पहली Creator थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

कमरे में...

फिर से सन्नाटा छा गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने तुरंत कहा—

"अर्जुन..."

"इतना काफी है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उनकी तरफ़ देखा।

"नहीं पापा।"

"अब कुछ भी काफी नहीं है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मुझे सब जानना है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन चुप हो गए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने फोन पर लोकेशन फिर देखी।

"Site 2 कहाँ है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

विक्रम ने तुरंत सिस्टम में लोकेशन खोजनी शुरू की।

कुछ सेकंड बाद...

उसका चेहरा बदल गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"ये जगह..."

"शहर से लगभग पचास किलोमीटर बाहर है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

डॉ. राघव ने पूछा—

"कहाँ?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

विक्रम ने जवाब दिया—

"पुरानी Neuro Research Facility।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

राघव की आँखें फैल गईं।

"वो जगह तो..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने बात पूरी की—

"दस साल पहले बंद कर दी गई थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"क्यों?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने उसकी तरफ़ देखा।

"क्योंकि वहीं..."

"पहला Memory Grid बनाया गया था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने धीरे से कहा—

"तो हमें वहाँ जाना होगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने सिर हिलाया।

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने तुरंत कहा—

"नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उसकी तरफ़ देखा।

"क्यों?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"क्योंकि Site 2 सुरक्षित जगह नहीं है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"वहाँ..."

"जो बचा है..."

"वो Project Zero से भी ज़्यादा खतरनाक है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"और नैना?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन चुप हो गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"अगर वो ज़िंदा है..."

"तो मैं उससे मिलूँगी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने कहा—

"अन्वी, ये तुम्हारे लिए सुरक्षित नहीं है।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उनकी तरफ़ देखा।

"मेरे लिए अब क्या सुरक्षित है, पापा?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मेरी यादें बदल दी गईं।"

"मेरा नाम बदल दिया गया।"

"मेरी माँ को मुझसे दूर किया गया।"

"और अब पता चला कि Project Zero में मेरी ज़िंदगी का हिस्सा था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो..."

"अब डरने के लिए बचा ही क्या है?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने उसे देखा।

पहली बार...

उसके चेहरे पर रोकने की कोशिश नहीं थी।

सिर्फ़ चिंता थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसने धीरे से कहा—

"तो मैं भी चलूँगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने तुरंत कहा—

"मैं भी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या आगे बढ़ी।

"और मैं भी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

विक्रम ने कहा—

"मैं रास्ता तैयार करता हूँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

डॉ. राघव ने गहरी साँस ली।

"अगर Site 2 अभी भी सक्रिय है..."

"तो हमें बहुत सावधानी से जाना होगा।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने अपना लॉकेट हाथ में लिया।

उसमें हल्की गर्माहट महसूस हो रही थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर...

आर्या का लॉकेट भी चमक उठा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दोनों ने एक-दूसरे को देखा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने धीरे से कहा—

"लगता है..."

"उसे पता है कि हम आ रहे हैं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"किसे?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने स्क्रीन की तरफ़ देखा।

"𝗡𝗔𝗜𝗡𝗔 को।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसी पल...

अन्वी के फोन पर एक और संदेश आया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

इस बार...

सिर्फ़ एक लाइन थी—

"मुझे पता था तुम आओगी, आहना।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की उँगलियाँ काँप गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नीचे एक और लाइन थी—

"लेकिन अकेली मत आना।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"क्योंकि..."

"तुम्हें अपनी दूसरी माँ से अकेले नहीं मिलना चाहिए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की साँस रुक गई।

"दूसरी माँ..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने फोन देखा।

उनका चेहरा अचानक पीला पड़ गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने पूछा—

"पापा?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने कोई जवाब नहीं दिया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने फिर पूछा—

"आप नैना को जानते हैं?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने धीरे से कहा—

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"बहुत पहले से।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें सिकुड़ गईं।

"कितने पहले से?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने उसकी तरफ़ देखा।

और फिर...

एक ऐसा सच कहा...

जिसने कमरे की हवा तक बदल दी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हारे जन्म से पहले से नहीं..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हारे जन्म के बाद से भी नहीं..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"नैना..."

"तुम्हारे जन्म की वजह थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी कुछ बोल नहीं पाई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"क्या मतलब?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन ने आँखें बंद कर लीं।

"Project Zero शुरू करने का फैसला..."

"मीरा ने नहीं लिया था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"वो फैसला..."

"नैना का था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने धीरे से पूछा—

"और माँ?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन की आवाज़ भर्रा गई।

"मीरा ने उसे रोकने की कोशिश की थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन..."

"जब तक उसे सच्चाई समझ आई..."

"तब तक बहुत देर हो चुकी थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने बीच में कहा—

"बस, आर्यन।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उसकी तरफ़ देखा।

"नहीं।"

"उन्हें बोलने दीजिए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर उसने अपने पिता की तरफ़ देखा।

"मैं पैदा क्यों हुई थी?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन की आँखों में आँसू आ गए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम्हें..."

"एक ऐसी चेतना बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था..."

"जो Memory Grid को नियंत्रित कर सके।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी का चेहरा सफ़ेद पड़ गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो..."

"मैं इंसान नहीं थी?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्यन तुरंत उसके पास आए।

"नहीं!"

"तुम मेरी बेटी थी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"हो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"लेकिन Project Zero के लिए..."

"तुम सिर्फ़ मेरी बेटी नहीं थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम..."

"एक उत्तर थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखों से आँसू निकल आए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने उसका हाथ पकड़ लिया।

"तुम अकेली नहीं हो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उसकी तरफ़ देखा।

और धीरे से कहा—

"मैं जानती हूँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर...

उसने स्क्रीन पर Site 2 की लोकेशन खोली।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"चलते हैं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन ने पूछा—

"अभी?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने सिर हिलाया।

"अभी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"क्योंकि..."

"अगर नैना इतने सालों से हमारा इंतज़ार कर रही है..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तो मैं उसे और इंतज़ार नहीं करवाऊँगी।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

कुछ घंटे बाद...

गाड़ी एक सुनसान सड़क पर पहुँच गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

चारों तरफ़...

सिर्फ़ घना जंगल था।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दूर...

एक पुरानी इमारत दिखाई दी।

उसके ऊपर जंग लगा हुआ बोर्ड था—

𝗡𝗘𝗨𝗥𝗢 𝗥𝗘𝗦𝗘𝗔𝗥𝗖𝗛 𝗙𝗔𝗖𝗜𝗟𝗜𝗧𝗬

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

गाड़ी रुक गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

सब नीचे उतरे।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने इमारत की तरफ़ देखा।

उसे अचानक...

एक अजीब-सी पहचान महसूस हुई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

जैसे...

वह यहाँ पहले आ चुकी हो।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

आर्या ने उसका हाथ पकड़ा।

"तुम्हें कुछ याद आया?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने धीरे से कहा—

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"मैं यहाँ..."

"पहले भी आई हूँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन चौंक गया।

"नहीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने उसकी तरफ़ देखा।

"आपको कैसे पता?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अर्जुन चुप हो गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी आगे बढ़ी।

मुख्य दरवाज़े के सामने पहुँचकर...

उसने हाथ बढ़ाया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दरवाज़ा...

अपने-आप खुल गया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अंदर...

पूरी तरह अँधेरा था।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर...

एक-एक करके...

लाइटें जलने लगीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

दीवार पर...

पुरानी तस्वीरें लगी थीं।

मीरा।

अर्जुन।

आर्यन।

डॉ. राघव।

और...

नैना।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

लेकिन सबसे आख़िर में...

एक तस्वीर देखकर अन्वी रुक गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

तस्वीर में...

एक छोटी बच्ची थी।

उसके साथ...

मीरा और नैना दोनों खड़ी थीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और तस्वीर के नीचे लिखा था—

𝗔-𝟭𝟯 — 𝗙𝗜𝗥𝗦𝗧 𝗖𝗢𝗡𝗧𝗔𝗖𝗧

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने तस्वीर को छुआ।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अचानक...

पूरी इमारत में एक आवाज़ गूँजी।

"आ गईं तुम..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने चारों तरफ़ देखा।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर...

ऊपर की मंज़िल से...

एक महिला धीरे-धीरे सीढ़ियों से नीचे उतरने लगी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसके हाथ में...

एक पुरानी डायरी थी।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

वह अन्वी के सामने आकर रुकी।

कुछ पल...

दोनों एक-दूसरे को देखती रहीं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

फिर महिला ने कहा—

"तुम बिल्कुल अपनी माँ जैसी दिखती हो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें भर आईं।

"आप..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

महिला हल्का-सा मुस्कुराई।

"मैं नैना हूँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी कुछ बोल पाती...

उससे पहले नैना ने उसकी तरफ़ हाथ बढ़ाया।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"आओ, आहना।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"बहुत साल हो गए..."

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"अपनी बेटी को देखे हुए।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी वहीं जम गई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

उसने काँपती आवाज़ में पूछा—

"बेटी?"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना की आँखों में आँसू आ गए।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"हाँ।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"क्योंकि..."

"तुम सिर्फ़ मेरी भांजी नहीं हो।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

नैना ने डायरी उसकी तरफ़ बढ़ाई।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

"तुम..."

"मेरी पहली बेटी थीं।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी ने डायरी पकड़ ली।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

पहला पन्ना खुला।

और उस पर लिखा था—

𝗣𝗥𝗢𝗝𝗘𝗖𝗧 𝗭𝗘𝗥𝗢

𝗣𝗥𝗜𝗠𝗔𝗥𝗬 𝗦𝗨𝗕𝗝𝗘𝗖𝗧: 𝗔-𝟭𝟯

𝗖𝗥𝗘𝗔𝗧𝗢𝗥: 𝗡𝗔𝗜𝗡𝗔

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

अन्वी की आँखें स्क्रीन से हटकर...

नैना पर टिक गईं।

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

और नैना ने सिर्फ़ इतना कहा—

"अब..."

"मैं तुम्हें बताऊँगी..."

"कि तुम्हें पैदा क्यों किया गया था।"

━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━

Chapter 25 Ends... ❤️

To Be Continued...

🔥 Next Chapter: Chapter 26 – पहली बेटी

आपने पढ़ा खामोश पन्ने Chapter 25 – दूसरी माँ।
अब आपकी Theory क्या है?
क्या नैना सच में अन्वी की दूसरी माँ है?
और...
क्या A-13 की असली कहानी अब सामने आने वाली है?
💬 Comment में अपनी Theory ज़रूर बताइए।

📖 पूरा Chapter 25 पढ़ने के लिए मेरे Blogger पर ज़रूर आएँ। लिंक 🖇️ मेरे Bio में है।

🕗 हर रात 8:00 PM (IST) एक नया अध्याय... एक नया रहस्य।

— Written by DilSe Diaries by Pooja.K





Address

Ahmedabad

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when DilSe Diaries posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to DilSe Diaries:

Shortcuts

Share