21/08/2026
अधिकतर जनता अंजाने में यह गलती करती है कि अजीर्ण में भी हरीतकी का उपयोग करती है औऱ इससे रोग औऱ बढ़ जाता है। याद रहे कब्ज औऱ अजीर्ण में अंतर है। , अजीर्ण में हरीतकी लेने को आयुर्वेद में मना किया गया है , जबकि कब्ज में ले सकते हैं। अब इसमे अंतर कैसे किया जाए इसके लिये किसी योग्य शासकीय मान्यता प्राप्त आयुर्वेद चिकित्सक से मिलें।
स्वघोषित वैद्य औऱ सोशल मीडिया के ज्ञानवान लोगों से दूर रहें, ये लोग ही अजीर्ण में हरीतकी( हरड़ चूर्ण ) खाने को बोलते हैं।
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डॉ पंकज श्रीवास्तव ( M.D.)
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी