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नवारंभः — एक नई शुरुआत
एक शांत मंच, गंभीर साधकों के लिए
ध्यान • जागरूकता • प्राण • तंत्र
27+ वर्षों की आंतरिक यात्रा
📖 लेखक | 🎤 वक्ता | 🧭 मार्गदर्शक— अनिल सैंगर
🎯 ध्यान सीखें — बिना भ्रम, बिना डर
🔗 निःशुल्क कक्षा : https://navaarmbha.in

25/05/2026

प्रेम और खालीपन

रात के ग्यारह बजे हैं। आपका साथी सो चुका है लेकिन आप अभी भी जाग रहे हैं| मोबाइल की रोशनी में उनका आख़िरी मैसेज बार-बार पढ़ रहे हैं। मैसेज में कुछ भी ग़लत नहीं है। बस इतना लिखा है कि ठीक है,कल बात करते हैं। लेकिन आपका मन इन शब्दों को किसी जासूस की तरह खंगाल रहा है। यह साथ सो रहे पति के शब्द भी हो सकते हैं जो सोने से पहले यह कह कर सोया है|

यह कोई असाधारण रात नहीं है। यह करोड़ों लोगों की हर दूसरी रात है। और इस रात का नाम है — छोड़ जाने का डर।

प्रेम, जो हमें सबसे अधिक सुरक्षा देने का वादा करता है, अक्सर हमारी सबसे गहरी असुरक्षा का स्रोत बन जाता है। हमने इस विरोधाभास को इतनी बार देखा है कि इसे "प्रेम" का स्वाभाविक हिस्सा मान लिया है। हम कहते हैं — "जहाँ प्रेम है, वहाँ डर तो रहेगा ही।"

लेकिन क्या यह सच है?

तंत्र कहता है — आपके सामने जो व्यक्ति है, वह एक दर्पण है। "वे मुझे छोड़ देंगे" यह डर कहीं बाहर से नहीं आ रहा है, यह आपके अपने भीतर से आ रहा है| एक ऐसी जगह से जहाँ आपने स्वयं को बहुत पहले छोड़ दिया था। आप साथी के जाने से नहीं डरते बल्कि उस खालीपन से डरते हैं जो उनके जाने के बाद सामने आएगा।

तंत्र कहता है कि जिस दिन आप उस खालीपन में बिना डरे उतरेंगे, उस दिन एक रहस्यमयी दरवाजा खुलेगा या एक तिस्लमी पर्दा हटेगा| दरवाजा खुलते ही या पर्दा हटते ही आप पायेंगे कि इतने वर्षो से जिस कमरे को आप खाली समझे बैठे थे वह असल में खाली ही नहीं है। असल में वह आपका अपना बचपन का वह कमरा है जोकि शुरू से आपका ही घर है। और जो अपने घर में बैठा है, उसे कोई कहाँ से बेघर करेगा?

डर बेचने वाले बहुत हैं। पर आप उनके ग्राहक बनने के लिए नहीं जन्मे।

पूरा लेख — चार दृष्टिकोण से: मनोविज्ञान, तंत्र, बुद्ध और विज्ञान भैरव तंत्र की रोशनी में — वेबसाइट पर पढ़िए या youtube पर देखें। लिंक कमेंट में है।

— नवारम्भ

Bhairava Ta**ra **ra

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19/05/2026

Thanks for being a top engager and making it onto my weekly engagement list! 🎉 Jamuna Prasad Srivastava, Dipak Desai, Rajeev Kumar

15/05/2026

प्रिय साधक मित्रों,

YouTube पर **नवारंभ का निःशुल्क Dhyan Level 1 Course** शुरू हो चुका है।

इस course में कुल **7 sessions** हैं, जिन्हें क्रम से देखना आवश्यक है। यहाँ हम तीसरे और चौथे sessions की एक छोटी clip प्रस्तुत कर रहे हैं।

यदि आप ध्यान को सच में समझना और अभ्यास में लाना चाहते हैं, तो पूरा course YouTube पर **Session 1 से शुरू करें**।

Course पूरा करने के बाद channel subscribe करें और website पर registration करके **2+2 live Zoom sessions** में भाग लेने का अवसर प्राप्त करें।

यह यात्रा केवल देखने के लिए नहीं, अभ्यास के लिए है। गंभीर और इच्छुक साधक अवश्य जुड़ें।

**YouTube Link:**
👉 https://youtube.com/playlist?list=PLsDs0G4yoDd3-uIlPAslKePiYtmf7k4_B&si=N2btPyVWE_IwsmQI

**Website:**
https://navaarmbha.in/level1-page/

13/05/2026

🧘 ध्यान: स्वयं तक पहुँचने का एक मार्ग

प्रिय साधक मित्रों,

आप यहाँ इसलिए हैं क्योंकि आपकी रुचि वास्तव में ध्यान में है। आप में से बहुत से लोग विभिन्न स्थानों पर गए होंगे लेकिन अभी तक ध्यान करने में पूर्णतः समर्थ नहीं हो पाए होंगे। चिंता न करें; आज आप अपनी ध्यान-यात्रा एक बहुत ही सरल और प्रत्यक्ष तरीके से शुरू करेंगे |

कृपया, एक आरामदायक स्थिति में बैठ कर अपनी आँखें बंद कर लें | अब आपको अपनी श्वास का अवलोकन करना है यानि इस बात पर ध्यान देना ही कि आप बाईं नासिका (nostril) से सांस ले रहे हैं या दाईं से। यदि श्वास मुख्य रूप से बाईं ओर से चल रहा है तो यह संकेत है कि आप अभी तक पूरी तरह से स्थिर नहीं हुए हैं। यदि साँस दाईं ओर से चल रहा है तो यह दर्शाता है कि आप अभी भी चिंता या व्याकुलता से बाहर नहीं आये हैं | यदि यह अभी शेष है तो आप ध्यान में आगे नहीं बढ़ सकते।

आप चिंता या व्याकुलता से तो बाहर आसानी से नहीं आ सकते लेकिन साँस के द्वारा बिना किसी प्रयास के बाहर आ सकते हैं | आप धीमी गति से साँस नाभि से लेना शुरू करें, जब श्वास दोनों नासिका छिद्रों से समान रूप से बहने लगती है तो वह यह संकेत देती है कि अब आप पूर्ण संतुलन और सामंजस्य की स्थिति में पहुँच गए हैं। अतः जब तक ऐसा न हो सांस की यह क्रिया जब भी ध्यान में बैठें तो निर्बाध रूप से करते रहें |

मैं यहाँ आपको अपना अनुयायी (follower) बनाने के लिए नहीं हूँ; मैं यहाँ आपकी अपनी राह, अपनी शक्ति और आपके अपने प्रकाश को खोजने में आपकी सहायता करने के लिए हूँ।

ध्यान आप बचपन से करते आ रहे हैं यह आपके लिए कोई नई बात नहीं है | अतः बहकावे में आकर शॉर्टकट खोजना बंद करें और प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से अपने भीतर के सत्य को खोजना शुरू करें। शॉर्टकट ज्यादात्तर एक दिन भय की स्थिति में पहुँचा देते हैं और वास्तविक ध्यान तभी शुरू होता है जब भय की छाया समाप्त हो जाती है।

11/05/2026

प्रिय साधक मित्रों,

YouTube पर **नवारंभ का निःशुल्क Dhyan Level 1 Course** शुरू हो चुका है।

इस course में कुल **7 sessions** हैं, जिन्हें क्रम से देखना आवश्यक है। यहाँ पहले दो sessions की एक छोटी clip प्रस्तुत है।

यदि आप ध्यान को सच में समझना और अभ्यास में लाना चाहते हैं, तो पूरा course YouTube पर **Session 1 से शुरू करें**।

Course पूरा करने के बाद channel subscribe करें और website पर registration करके **2+2 live Zoom sessions** में भाग लेने का अवसर प्राप्त करें।

यह यात्रा केवल देखने के लिए नहीं, अभ्यास के लिए है। गंभीर और इच्छुक साधक अवश्य जुड़ें।

**YouTube Link:**
👉 https://www.youtube.com/playlist?list=PLsDs0G4yoDd3-uIlPAslKePiYtmf7k4_B

**Website:**
https://navaarmbha.in/level1-page/

03/05/2026

आइए हम से जुड़े और ध्यान करें ।
हमारे youtube channel और
Website का लिंक प्रोफाइल में है ।
अभी क्लिक करें और शुरू करें ।

01/05/2026

Dhyana level 1
पहला ध्यान सेशन
अब youtube पर उपलब्ध है । लिंक

https://youtu.be/FzSIoGeXeRA

#ध्यान

28/04/2026

Thanks for your overwhelming response.

27/04/2026

विज्ञान भैरव तंत्र
यदि आप जानने के इच्छुक हैं और इस में दी गई विधियों को जानना चाहते हैं तो हमारी वेबसाइट पर जा सकते हैं लिंक प्रोफाइल में है ।

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