06/01/2026
मेधा, मानवता और मानसिक स्वास्थ्य का संगम : IIT रोपड़ में डॉ. ईशान अवधूत शिवानंद छात्रवृत्ति की शुरुआत
"ये सिर्फ़ छात्रवृत्ति नहीं भारत के भविष्य के लिए शिवयोग परिवार का निवेश है!"
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ में आजसे शुरू हुई डॉ. ईशान अवधूत शिवानंद छात्रवृत्ति केवल इस संस्थान के जरूरतमंद मेधावी छात्रों के लिए आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भारत के बौद्धिक, मानसिक और मानवीय भविष्य के लिए किया गया एक दूरदर्शी निवेश है। शिवयोग परिवार की ओर से शुरू की गई ये छात्रवृत्ति योजना आचार्य ईशान शिवानंद जी की विराट सोच और देश के प्रति उनके गहरे समर्पण भाव को दर्शाता है।
30 लाख रुपये के शुरुआती फंड से आरंभ हुई ये स्थायी मेरिट-आधारित छात्रवृत्ति हर वर्ष आईआईटी, रोपड़ के 10 प्रतिभाशाली स्नातक विद्यार्थियों—विशेषकर वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों—को मानसिक स्वास्थ्य, योगिक-संज्ञानात्मक विज्ञान और समग्र कल्याण जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार के लिए सशक्त बनाएगी।
डॉ. ईशान शिवानंद जी का ये प्रयास उनकी उस सोच को दर्शाता है जिसमें शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री नहीं, बल्कि छात्रों की चेतना, करुणा और उनकी वैज्ञानिक समझ का विकास है।
एक वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य शोधकर्ता, Yoga of Immortals (YOI) के संस्थापक और IIT रोपड़ के Centre of Excellence for Holistic Wellbeing में Adjunct Faculty के रूप में, डॉ. ईशान शिवानंद जी ने इस तरह की कल्याणकारी योजनाओं के जरिए अब तक देश और दुनिया में
25,000 से अधिक विद्यार्थियों के जीवन को सीधे प्रभावित किया है।
आचार्य ईशान शिवानंद जी का विज्ञान-आधारित RISE (Resilience in Students Everyday) कार्यक्रम आज उच्च शिक्षण और तकनीकी संस्थानों में छात्रों को तनाव, चिंता, अवसाद और अनिद्रा से उबरने के लिए व्यावहारिक और प्रमाणिक समाधान प्रदान कर रहा है।
प्राचीन भारतीय योगिक ज्ञान को आधुनिक न्यूरोसाइंस और मनोविज्ञान से जोड़ते हुए, उन्होंने यह सिद्ध किया है कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की विज्ञान है।
डॉ. ईशान अवधूत शिवानंद छात्रवृत्ति योजना शिवयोग की उस सेवा भावना का प्रतीक है जो समाज के लिए सोचती है, शिक्षा को समावेशी बनाती है और स्वास्थ्य को संपूर्ण दृष्टि से देखती है।
आधुनिक भारत के आध्यात्मिक एवं बौद्धिक पटल पर आचार्य ईशान शिवानंद जी एक ऐसे युगद्रष्टा हैं, जो सनातन ज्ञान, करुणा, जनसेवा और विज्ञान के माध्यम से भारत के युवाओं और सामाजिक ताने-बाने को सशक्त बना रहे हैं।