Sethi Rasayan Shala

Sethi Rasayan Shala We are Manufacturers, Suppliers and Exporters of a qualitative range of Ayurvedic Medicines. Our range is well-received in the market.

SETHI RASAYAN SHALA Manufacturers of Ayurvedic & Herbal Medicines | We Share Authentic Ayurvedic Health Tips, Disease Awareness & Natural Healing Knowledge Based on Traditional Principles | Promoting Holistic Wellness & Preventive Healthcare Through Trus Sethi Rasayan Shala established in the year 1980, is a leading manufacturer of Ayurvedic herbal products and pharmaceutical bulk drugs.The factory is established in Indore.

सेठी रसायन वटीहर उम्र में ऊर्जा • शक्ति • उत्साहप्रीमियम आयुर्वेदिक रसायन योगसेठी रसायन वटी एक पारंपरिक एवं शक्तिशाली आय...
23/08/2026

सेठी रसायन वटी
हर उम्र में ऊर्जा • शक्ति • उत्साह
प्रीमियम आयुर्वेदिक रसायन योग

सेठी रसायन वटी एक पारंपरिक एवं शक्तिशाली आयुर्वेदिक रसायन योग है, जो शरीर को गहरा पोषण देता है, ऊर्जा और स्फूर्ति बढ़ाता है तथा शारीरिक मानसिक शक्ति को बनाए रखने में सहयोग करता है।
उम्र, थकान या दैनिक व्यस्तता के बावजूद आप सक्रिय, जोशीले और स्वस्थ महसूस कर सकें यही इसका उद्देश्य है ।

प्रमुख लाभ :* थकान, कमजोरी और आलस्य में शीघ्र राहत, शारीरिक ऊर्जा, स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ाने में सहायक, मानसिक थकान व तनाव कम करने में उपयोगी, मांसपेशियों और जोड़ों की सामान्य शक्ति बनाए रखने में सहयोगी ।

स्मरणशक्ति एवं मानसिक सक्रियता को समर्थन, रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक रूप से मजबूत करने में सहायक, पाचन एवं सामान्य स्वास्थ्य को संतुलित रखने में उपयोगी पुरुषों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों सभी के लिए उपयुक्त, दैनिक कार्यों में स्फूर्ति, उत्साह और सक्रियता बनाए रखने में मददगार ।

प्रमुख घटक :* स्वर्ण भस्म, स्वर्ण माक्षिक भस्म, स्वर्ण वंग, मुक्ता पिष्टी, अभ्रक भस्म, वंग भस्म, लौह भस्म, शुद्ध शिलाजीत, केसर, अश्वगंधा, बला, कौंच, गुडूची, वचा, अकरकरा, विदारीकंद एवं अन्य चयनित आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ ।

सेवन विधि :* 1 से 2 गोली दिन में दो बार गुनगुने दूध या पानी के साथ लें। अथवा वैद्य/चिकित्सक की सलाह के अनुसार सेवन करें।

विशेषताएँ :* पारंपरिक आयुर्वेदिक रसायन योग ऊर्जा, शक्ति एवं स्फूर्ति के लिए विशेष रूप से तैयार सभी आयु वर्ग के लिए चिकित्सकीय परामर्शानुसार उपयोगी । पुरुष एवं महिला दोनों के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी। हर दिन नई ऊर्जा, हर पल नया जोश सेठी रसायन वटी के साथ

पैकिंग एवं कीमत :*
30 टैबलेट ₹210 60 टैबलेट ₹390
120 टैबलेट ₹720

निर्माता :* सेठी रसायन शाला
Consumer care 9424896884, 9406883266

आयुर्वेद से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर जुड़ें फेसबुक पेज को Like और Follow करें 🌐 Sethi Rasayan Shala

👉 व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें https://whatsapp.com/channel/0029VbCgYsA2f3EJ5BQkQV0i

#सेठीरसायनवटी #आयुर्वेदिकरसायन #ऊर्जाशक्तिउत्साह #स्वस्थदीर्घायुऔरजीवन #आयुर्वेदिकस्वास्थ्य

DIRGHAYU JEEWAN            AVALEHAHealthy Body • Healthy Mind • Healthy Life• Long LifeWith advancing age, the body’s na...
22/08/2026

DIRGHAYU JEEWAN
AVALEHA

Healthy Body • Healthy Mind • Healthy Life
• Long Life

With advancing age, the body’s natural strength, energy and resilience may gradually decline. Deerghayu Jeevan Avaleha is a special Ayurvedic formulation.

inspired by the ancient Ayurvedic traditions of Rasayana and Balya, traditionally used to support the body from within and promote healthy, active and purposeful longevity.

It combines Swarn Bhasma, Rajat, Mukta, Abhrak Bhasma, Vang Bhasma, Kesar, Shilajit and a carefully selected blend of Ayurvedic herbs.

Traditionally, these ingredients are valued for supporting vitality, Ojas, strength and overall well-being. Not merely a longer life but a healthier, stronger and more active life with advancing age.

KEY FEATURES :* Traditionally used to support healthy longevity and overall vitality. Helps maintain natural physical strength and life energy. Supports an active, healthy and energetic lifestyle with advancing age.

Traditionally useful for general weakness, tiredness and age-related decline in strength. Supports physical energy, stamina, vitality and strength.
Helps maintain mental alertness, clarity and concentration. Supports the body’s natural resistance and overall wellness.

Helps maintain the natural radiance of the skin. Supports the normal health of hair and nails. Traditionally used to support overall Bala, Ojas and Jeevanshakti.

PRIMARY PURPOSE :* Deerghayu Jeevan Avaleha is not intended merely for short-term energy. It represents a traditional Ayurvedic approach towards maintaining health and vitality over the long term and supporting a healthy, active and fulfilling life with advancing age.

WHO MAY BENEFIT :* Suitable for individuals who wish to Maintain general health, strength and activity with advancing age. Support vitality and stamina during periods of general weakness or tiredness. Maintain physical energy and freshness for longer periods. Support an active and healthy lifestyle. Maintain mental alertness, concentration and activity. Preserve their general strength, vitality and overall well-being.

KEY AYURVEDIC INGREDIENTS :* Swarn Bhasma, Mukta Pishti, Rajat Vark, Vang Bhasma, Abhrak Bhasma, Kesar, Shilajit, Ginseng, Ashwagandha, Elaichi, Dalchini, Tulsi, Giloy, Amla, Haridra, Tejpatra, Drakshavaleha and other selected Ayurvedic ingredients.

DOSAGE & DIRECTIONS FOR USE :* For Adults Take 1 to 2 teaspoonfuls twice daily, preferably with milk, or as directed by an Ayurvedic physician. The appropriate dosage should be determined according to the individual’s age, constitution (Prakriti) and health condition.

PRECAUTIONS :* Do not exceed the recommended dosage. Not recommended during pregnancy. Children should use it only in an age-appropriate dosage and under appropriate professional guidance. Individuals suffering from serious or chronic health conditions should use it only under the advice of a qualified physician.

PACK SIZE & MRP🩷
Net Quantity: 500 g
MRP: ₹1,250/-

AVAILABILITY: ❤️ Also available on Amazon.

MANUFACTURER:💚 Sethi Rasayan Shala
A GMP Certified Unit & ISO Certified Company🩵 Consumer Care 094248 96884

DIRGHAYU JEEWAN :* Stay Healthy Stay Strong Stay Active Move Towards Longevity. An Ayurvedic endeavour to help you live every stage of life with energy, vitality, strength and activity, while maintaining a healthy body and a healthy mind.

A Traditional Ayurvedic Companion for Healthy Ageing and a Long, Active Life.

For more information about Ayurveda, connect with us on social media. Like and Follow our page 🌐 Sethi Rasayan Shala

👉 Join our WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VbCgYsA2f3EJ5BQkQV0i

#दीर्घायुजीवन #आयुर्वेदिकरसायन #स्वस्थदीर्घायुष्य #स्वस्थजीवन #दीर्घायुष्य

दीर्घायु जीवन अवलेहस्वस्थ शरीर • स्वस्थ मन • स्वस्थ जीवन • दीर्घायु जीवनबढ़ती उम्र के साथ शरीर की शक्ति, ऊर्जा और प्रतिर...
22/08/2026

दीर्घायु जीवन अवलेह
स्वस्थ शरीर • स्वस्थ मन • स्वस्थ जीवन • दीर्घायु जीवन

बढ़ती उम्र के साथ शरीर की शक्ति, ऊर्जा और प्रतिरोधक क्षमता स्वाभाविक रूप से कम होने लगती है। दीर्घायु जीवन अवलेह आयुर्वेद की प्राचीन रसायन एवं बल्य परंपरा से प्रेरित एक विशेष योग है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाकर उम्र बढ़ाने और दीर्घायु जीवन की ओर अग्रसर होने में सहायक माना जाता है।

इसमें स्वर्ण, रजत, मुक्ता, अभ्रक, वंग, केसर, शिलाजीत तथा अनेक औषधीय वनस्पतियों का संयोजन किया गया है, जो पारंपरिक रूप से शरीर की जीवनशक्ति, ओज और बल को संरक्षित रखने में सहायक हैं । केवल लंबी आयु नहीं स्वस्थ, सशक्त और सक्रिय दीर्घायु जीवन की ओर एक पारंपरिक आयुर्वेदिक प्रयास

मुख्य विशेषताएँ :* उम्र बढ़ाने और दीर्घायु जीवन के लिए सहायक, शरीर की प्राकृतिक शक्ति और जीवन शक्ति को बनाए रखकर दीर्घायु जीवन की ओर बढ़ती आयु के साथ स्वस्थ, सक्रिय और सशक्त जीवनशैली
बनाए रखने में सहायक ।

शारीरिक ऊर्जा, स्फूर्ति और बल को संरक्षित रखने, सामान्य कमजोरी, थकान और उम्र संबंधी शक्तिह्रास में पारंपरिक रूप से उपयोगी, मानसिक सक्रियता, स्पष्टता और एकाग्रता बनाए रखने में सहायक, सामान्य प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि में सहायक।

त्वचा की प्राकृतिक कांति और सामान्य, बाल एवं नाखूनों के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने और शरीर के सामान्य बल, ओज और जीवनशक्ति के संरक्षण में सहायक ।

मुख्य उद्देश्य :* यह केवल तात्कालिक ऊर्जा नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ रहकर दीर्घायु जीवन जीने का आयुर्वेदिक प्रयास है।

किसके लिए उपयोगी :* बढ़ती उम्र में सामान्य स्वास्थ्य, शक्ति और सक्रियता बनाए रखने वाले व्यक्ति, सामान्य कमजोरी, थकान और उम्र संबंधी शक्तिह्रास महसूस करने वाले, शारीरिक ऊर्जा एवं स्फूर्ति लंबे समय तक बनाए रखने की इच्छा रखने वाले, सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले मानसिक एकाग्रता एवं सक्रियता बनाए रखने की इच्छा रखने वाले, अपने सामान्य स्वास्थ्य, बल और जीवनशक्ति का संरक्षण चाहने वाले ।

प्रमुख सम्मिलित औषधियाँ :* स्वर्ण भस्म, मुक्ता पिष्टी, रजत वर्क, वंग भस्म, अभ्रक भस्म, केसर, शिलाजीत, जिनसेंग, अश्वगंधा, इलायची, दालचीनी, तुलसी, गिलोय, आंवला, हरिद्रा, तेजपत्ता, द्राक्षावलेह आदि।

सेवन विधि :* वयस्कों के लिए : 1 से 2 छोटी चम्मच दिन में दो बार, दूध के साथ अथवा चिकित्सक के निर्देशानुसार। सेवन की मात्रा व्यक्ति की आयु, प्रकृति एवं स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार निर्धारित करें।

सावधानियाँ :* निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन न करें। गर्भवती महिलाएँ सेवन नहीं करें । बच्चों को उम्र के अनुसार एवं गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्ति चिकित्सक की सलाह से सेवन करें।

पैकिंग एवं मूल्य :* नेट मात्रा 500 ग्राम MRP ₹1250/-

उपलब्धता :* अमेज़न पर भी उपलब्ध

निर्माता :* सेठी रसायन शाला A GMP Certified Unit & ISO Certified Company. Consumer Care 094248 96884

दीर्घायु जीवन :* स्वस्थ रहें सशक्त रहें सक्रिय रहें दीर्घायु जीवन की ओर बढ़े स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के साथ जीवन के प्रत्येक चरण को ऊर्जा, स्फूर्ति एवं सक्रियता से जीने का आयुर्वेदिक प्रयास ।
उम्र बढ़ाने और दीर्घायु जीवन की ओर एक पारंपरिक सहयोगी।

For more information about Ayurveda, connect with us on social media. Like and Follow our page 🌐 Sethi Rasayan Shala

👉 Join our WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VbCgYsA2f3EJ5BQkQV0i

#दीर्घायुजीवन #आयुर्वेदिकरसायन #स्वस्थदीर्घायुष्य #स्वस्थजीवन #दीर्घायुष्य

पुष्य नक्षत्र पर सेठी आयुर्वेदिक औषधालय में हुआ स्वर्णप्राशन संस्कारइंदौर । पुष्य नक्षत्र के पावन अवसर पर सेठी आयुर्वेदि...
19/08/2026

पुष्य नक्षत्र पर सेठी आयुर्वेदिक औषधालय में हुआ स्वर्णप्राशन संस्कार
इंदौर । पुष्य नक्षत्र के पावन अवसर पर सेठी आयुर्वेदिक औषधालय, अशोक नगर, इंदौर में 11 एवं 12 अगस्त को बच्चों के लिए स्वर्णप्राशन संस्कार शिविर का आयोजन किया गया।

मध्य प्रदेश आयुष निर्माता संघ के तत्वाधान में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा 0 से 16 वर्ष तक के बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार कराया गया।

इस अवसर पर वैद्य डॉ. नरेंद्र सेठी ने बच्चों को आयुर्वेद की पारंपरिक पद्धति के अनुसार सेठी रसायन शाला द्वारा निर्मित स्वर्णप्राशन संस्कार कराया ।

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में स्वर्णप्राशन संस्कार को बाल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी माना गया है। इसके माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, स्मरण शक्ति, पाचन शक्ति तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।

वैद्य डॉ. नरेंद्र सेठी ने अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, स्वच्छता तथा आयुर्वेदिक जीवनशैली के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह पुष्य नक्षत्र के दिन स्वर्णप्राशन संस्कार का आयोजन किया जाता है, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायता मिलती है ।

शिविर में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने सहभागिता कर आयोजन की सराहना की तथा बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए आयुर्वेदिक परंपराओं को अपनाने पर बल दिया।

मध्य प्रदेश आयुष निर्माता संघ के अध्यक्ष श्री राजेश सेठिया एवं महासचिव श्री ऋषभ पाटनी ने बताया कि प्रत्येक पुष्य नक्षत्र पर स्वर्ण प्राशन संस्कार का निशुल्क शिविर आयोजित जाएगा ।
#स्वर्णप्राशन #आयुर्वेद #बालस्वास्थ्य #पुष्यनक्षत्र #स्वर्णप्राशनसंस्कार

❤️ महिला और पुरुष में कामेच्छा Libido का संतुलन : कारण, निवारण एवं आयुर्वेदिक दृष्टिकोणकामेच्छा केवल शारीरिक प्रक्रिया न...
17/08/2026

❤️ महिला और पुरुष में कामेच्छा Libido का संतुलन : कारण, निवारण एवं आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

कामेच्छा केवल शारीरिक प्रक्रिया नहीं है, यह हार्मोन, न्यूरोट्रांसमीटर, मानसिक स्थिति, ओज और सप्त धातुओं का एक जटिल संतुलन है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में ओज, शुक्र धातु, जठराग्नि और वात-पित्त-कफ का सामंजस्य ही यौन स्वास्थ्य को निर्धारित करता है। आधुनिक विज्ञान में भी इसे Brain Body Connection माना जाता है ।

जैविक एवं हार्मोनल आधार :* कामेच्छा को संचालित करने वाले मुख्य घटक ये हैं :
न्यूरोट्रांसमीटर : डोपामिन इच्छा और उत्तेजना को बढ़ाता है, सेरोटोनिन इच्छा को संतुलित करता है, ऑक्सीटोसिन भावनात्मक जुड़ाव और विश्वास बढ़ाता है ।

पुरुष हार्मोन :* टेस्टोस्टेरोन मुख्य प्रेरक है, इसके साथ DHEA और संतुलित कोर्टिसोल जरूरी है । कोर्टिसोल बढ़ने पर टेस्टोस्टेरोन घट जाता है।

महिला हार्मोन :* एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और कम मात्रा में टेस्टोस्टेरोन। महिलाओं में ओव्यूलेशन के आसपास एस्ट्रोजन अधिक होने से कामेच्छा स्वाभाविक रूप से बढ़ती है ।

आयुर्वेदिक दृष्टि :* शुक्र धातु सभी धातुओं का सार है। जब रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा का पोषण ठीक होता है तब ही शुद्ध शुक्र धातु बनती है ।

कम कामेच्छा : Low Libido के कारण और उपाय🎈
आयुर्वेद में इसे वात वृद्धि, पित्त प्रकोप या शुक्र धातु क्षय माना जाता है। इसका मुख्य कारण लगातार तनाव, चिंता, नींद की कमी, मोबाइल और लेट नाइट स्क्रीन टाइम, थायरॉइड, डायबिटीज, मोटापा, प्रोलेक्टिन बढ़ना, गर्भनिरोधक गोलियों का असर, धूम्रपान और शराब, पति-पत्नी में संवाद की कमी ।

उपाय और वाजीकरण चिकित्सा :*
मुख्य आयुर्वेदिक औषधियाँ- अश्वगंधा : कोर्टिसोल घटाती है, टेस्टोस्टेरोन और स्टैमिना बढ़ाती है, नींद में सुधार करती है। शतावरी : महिलाओं में एस्ट्रोजन संतुलन, योनि में स्नेहन और पुरुषों में शुक्र धातु का पोषण। कौंच बीज /कपिकच्छू : प्राकृतिक L-Dopa का स्रोत है, डोपामिन बढ़ाकर इच्छा और वीर्य गुणवत्ता सुधारता है । सफेद मुसली और गोक्षुर : पेल्विक क्षेत्र में रक्त प्रवाह बढ़ाते हैं, शारीरिक क्षमता में वृद्धि। शुद्ध शिलाजीत : माइटोकॉन्ड्रिया स्तर पर ऊर्जा देता है, पुरानी थकान और कमजोरी दूर करता है ।

आहार एवं विहार :*
पथ्य :* रोज गुनगुना दूध, देसी घी, बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, तिल, खजूर, अनार, घी में बना हलवा।

अपथ्य :* अत्यधिक तीखा, रूखा, फास्ट फूड, बासी भोजन, कोल्ड ड्रिंक, शराब और धूम्रपान से बचें।

दिनचर्या :* सुबह 30 मिनट टहलना, 7 से 8 घंटे गहरी नींद, एक साथ भोजन और एक साथ समय बिताना।

योग व जीवनशैली :🩷भुजंगासन, सेतुबंधासन, अश्विनी मुद्रा, सूर्य नमस्कार और केगल एक्सरसाइज।
मानसिक स्वास्थ्य: अनुलोम विलोम, भ्रामरी प्राणायाम, तनाव प्रबंधन और साथी के साथ खुलकर बातचीत ।

अत्यधिक कामेच्छा : Hypersexuality का नियंत्रण❤️
अत्यधिक या अनियंत्रित कामेच्छा का कारण पित्त दोष की वृद्धि, मन में रजोगुण की अधिकता या शुक्र धातु का अति-उत्तेजन होता है । इसका उद्देश्य अतिरिक्त ऊर्जा को शांत और सही दिशा में मोड़ना है ।

शामक आयुर्वेदिक औषधियाँ :*
ब्राह्मी और शंखपुष्पी : मस्तिष्क को शांत करती हैं, अनावश्यक यौन विचारों पर नियंत्रण देती हैं। जटामांसी : शरीर और मन की अतिरिक्त गर्मी यानी पित्त को शांत करती है। तुलसी स्वरस : मानसिक एकाग्रता और आत्म नियंत्रण में वृद्धि करती है।

आहार में बदलाव :* सात्विक और शीतल आहार लें जैसे खीरा, लौकी, ककड़ी, नारियल पानी, गुलकंद, सौंफ का शरबत। अत्यधिक लहसुन, प्याज, मांस, अचार और गर्म मसालों से बचें ।

ऊर्जा का रूपांतरण :* उत्तेजक सामग्री से दूरी बनाएं । अतिरिक्त शारीरिक ऊर्जा को जिम, दौड़, खेल, ध्यान, बागवानी या किसी रचनात्मक कार्य में लगाएं । ब्रह्मचर्य का अर्थ दमन नहीं, बल्कि ऊर्जा का ऊर्ध्वगमन है ।

ध्यान देने योग्य बातें एवं चिकित्सीय परामर्श :*
कामेच्छा का असंतुलन लंबे समय तक बना रहे तो स्व-चिकित्सा करने के बजाय थायरॉइड प्रोफाइल, शुगर, प्रोलेक्टिन, टेस्टोस्टेरोन और विटामिन D3 की जांच करवाएं ।

सभी औषधियों की मात्रा व्यक्ति की प्रकृति वात, पित्त, कफ और अवस्था के अनुसार अलग होती है, इसलिए अनुभवी वैद्य से परामर्श लेकर ही सेवन करें । यौन स्वास्थ्य में संवाद, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव दवा से भी बड़ी औषधि है । -वैद्य डॉ. नरेंद्र सेठी खानदानी आयुर्वेदिक चिकित्सक

आयुर्वेद से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर जुड़ें फेसबुक पेज को Like और Follow करें 🌐 Sethi Rasayan Shala

👉 व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें https://whatsapp.com/channel/0029VbCgYsA2f3EJ5BQkQV0i

#कामेच्छा #महिलास्वास्थ्य #पुरुषस्वास्थ्य #आयुर्वेद #स्वास्थ्य

16/08/2026

जापानी जीवनशैली: लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन का रहस्य
🏌️‍♀️🏋️‍♀️🏃‍♀️⛹️‍♀️⛹️‍♂️⛹️‍♀️🏃‍♀️
आज की आधुनिक जिंदगी में हम लगातार काम, तनाव, मोबाइल और स्क्रीन के बीच जी रहे हैं। सुबह तनाव के साथ उठना, दिनभर काम का दबाव और रात में भी दिमाग का सक्रिय रहना धीरे-धीरे हमारी नींद, पाचन, मानसिक स्वास्थ्य और ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है । इसे अक्सर “हसल कल्चर” कहा जाता है, यानी लगातार व्यस्त रहना और आराम को कम महत्व देना ।
इसके विपरीत, जापानी जीवनशैली में संतुलन, अनुशासन, सरलता और जीवन के उद्देश्य को महत्व दिया जाता है ।

1.Ikigai जीवन का उद्देश्य🏃‍♂️
अपने जीवन में ऐसा उद्देश्य या काम खोजना जिससे खुशी और संतुष्टि मिले। उद्देश्यपूर्ण जीवन व्यक्ति को मानसिक रूप से सक्रिय और सकारात्मक रखने में मदद कर सकता है।
2.Kaizen रोज थोड़ा बेहतर🏃‍♀️
एक साथ बहुत बड़ा बदलाव करने के बजाय रोज छोटी-छोटी अच्छी आदतें विकसित करना—जैसे थोड़ा अधिक चलना, भोजन में सुधार करना और समय पर सोना।
3.सक्रिय रहना⛹️‍♀️ जापान में बुजुर्गों सहित बहुत से लोग रोजमर्रा के कामों में सक्रिय रहते हैं। नियमित चलना-फिरना और लंबे समय तक बैठे रहने से बचना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
4.संतुलित भोजन⛹️‍♂️ परंपरागत जापानी भोजन में मछली, सब्जियां, सोया, चावल और अन्य कम-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। भोजन की मात्रा पर भी ध्यान दिया जाता है । हालांकि आज के जापान में खान-पान की आदतें काफी विविध हो चुकी हैं ।
5.कम खाना🏋️‍♀️ धीरे खाना जापानी संस्कृति में Hara Hachi Bu की अवधारणा प्रसिद्ध है, अर्थात पेट पूरी तरह भरने के बजाय लगभग 80% तृप्त होने पर भोजन रोकना । इसे वजन और भोजन की मात्रा नियंत्रित करने की एक पारंपरिक आदत के रूप में देखा जाता है ।
6.मानसिक शांति🏌️‍♀️ और प्रकृतिप्रकृति के साथ समय बिताना, शांत वातावरण और अनावश्यक चीजों को कम करना तनाव को संभालने में मदद कर सकता है ।

इसी कारण जापानी लोग लंबी उम्र जीते हैं ?🏃‍♀️
जापान की उच्च जीवन प्रत्याशा के पीछे आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, स्वच्छता, सामाजिक संबंध, शिक्षा और कई अन्य सामाजिक-आर्थिक कारण भी महत्वपूर्ण हैं ।

हमारे लिए सबसे बड़ी सीख यही है⛹️ कि लंबी उम्र का यह जादुई फार्मूला। रोज थोड़ा चलना, संतुलित भोजन करना, पर्याप्त नींद लेना, तनाव कम करना, अच्छे रिश्ते बनाए रखना और जीवन में उद्देश्य रखना ये आदतें जीवन को अधिक स्वस्थ और सार्थक बना सकती हैं ।

आयुर्वेद से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर जुड़ें फेसबुक पेज को Like और Follow करें 🌐 Sethi Rasayan Shala

👉 व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें https://whatsapp.com/channel/0029VbCgYsA2f3EJ5BQkQV0i

"स्वतंत्रता हमारा अधिकार है, इसे संजोएं और सम्मान दें। स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !" 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
15/08/2026

"स्वतंत्रता हमारा अधिकार है, इसे संजोएं और सम्मान दें। स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !" 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

👩हर महिला को जानना जरूरी है : सफेद पानी (श्वेत प्रदर) और अत्यधिक रक्तस्राव (रक्त प्रदर) कारण, लक्षण और बचाव का पूरा आयुर...
14/08/2026

👩हर महिला को जानना जरूरी है : सफेद पानी (श्वेत प्रदर) और अत्यधिक रक्तस्राव (रक्त प्रदर) कारण, लक्षण और बचाव का पूरा आयुर्वेदिक गाइड

नमस्ते, आज बात करते हैं महिलाओं की दो सबसे आम लेकिन नजरअंदाज की जाने वाली समस्याओं के बारे में क्या आप जानती हैं भारत में लगभग 70% महिलाएं कभी न कभी श्वेत प्रदर और रक्त प्रदर से गुजरती हैं ।

श्वेत प्रदर👩 (Leukorrhea / सफेद पानी) = योनि मार्ग से असामान्य सफेद, गाढ़ा, पतला या हल्का पीला स्राव होना ।
रक्त प्रदर👩 (Menorrhagia / असृग्दर) = पीरियड्स के दौरान या बीच में बहुत ज्यादा, लंबे समय तक या अनियमित रक्तस्राव होना, आयुर्वेद के अनुसार इसका मुख्य कारण है- वात, पित्त और कफ दोषों का असंतुलन, कमजोर पाचन अग्निमांद्य और गर्भाशय की कमजोरी, सही जानकारी और समय पर ध्यान देने से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है ।

मुख्य कारण क्या हैं ? :* हार्मोनल असंतुलन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में गड़बड़ी, योनि, गर्भाशय मुख Cervix में बैक्टीरियल,फंगल, यीस्ट इन्फेक्शन, गर्भाशय में गांठ Fibroid, पॉलीप्स या गर्भाशय का खिसकना Prolapse, खून की कमी Anemia, और कमजोर पाचन शक्ति, गलत खान-पान, बहुत ज्यादा तीखा, खट्टा, नमकीन, तला भुना, बासी, जंक फूड, लाइफस्टाइल, अत्यधिक तनाव, नींद पूरी न होना, सफाई Hygiene में लापरवाही, बहुत ज्यादा शारीरिक थकान ।

लक्षणों को कैसे पहचानें ?👩
श्वेत प्रदर के लक्षण :* योनि से लगातार सफेद / हल्का पीला स्राव, योनि में खुजली, जलन, भारीपन या बदबू, कमर, पीठ और पेट के निचले हिस्से में धीमा धीमा दर्द बना रहना, थकान, सुस्ती, चिड़चिड़ापन और कमजोरी महसूस होना

रक्त प्रदर के लक्षण :* कई दिनों तक बहुत ज्यादा रक्तस्राव होना, खून में थक्के Clots आना, पेट और पेल्विक एरिया में तेज ऐंठन और दर्द, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा, चेहरा पीला पड़ना, बहुत ज्यादा प्यास लगना ।

आयुर्वेद क्या कहता है ? :* आयुर्वेद में श्वेत प्रदर को कफ-वात दोष और रक्त प्रदर को पित्त-रक्त-वात दोष की विकृति माना गया है खानदानी वैद्य डॉ. नरेंद्र सेठी के अनुसार "प्रदर का उपचार रोगी की प्रकृति, बल, अग्नि और मूल कारण को देखकर किया जाता है मुख्य सिद्धांत है ।

निदान परिवर्जन कारण को हटाना, दोष शमन, पाचन सुधार और गर्भाशय को बल देना परम्परागत रूप से उपयोग होने वाले योग केवल वैद्यकीय सलाह से अशोक गर्भाशय को बल देने के लिए प्रसिद्ध लोध्र अतिरिक्त स्राव को संतुलित करने में सहायक पुष्यानुग चूर्ण और अशोकारिष्ट स्त्री रोगों में वर्षों से विश्वसनीय योग के रूप में प्रयुक्त

घर पर क्या करें :* डाइट और लाइफस्टाइल, आहार हरी पत्तेदार सब्जियां, अनार, सेब, दालें, तिल, मेवे, हल्का और सुपाच्य भोजन लें, चावल का मांड आयुर्वेद में हितकारी माना जाता है, पानी दिनभर पर्याप्त गुनगुना पानी पिएं ताकि शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलें ।

स्वच्छता :👩 हमेशा सूती Cotton और ढीले अंतर्वस्त्र पहनें, योनि की सफाई के लिए तेज साबुन / केमिकल वॉश का प्रयोग न करें, योग और मन: रोज 20 मिनट योग, प्राणायाम, ध्यान और हल्की सैर करें, आराम: रोज 7-8 घंटे की नींद लें, देर रात तक जागने से बचें ।

क्या बिल्कुल न करें ? :* ज्यादा मिर्च-मसाला, अचार, सिरका, खट्टी चीजें, जंक फूड, ज्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, शराब और धूम्रपान, बिना डॉक्टर सलाह के एंटीबायोटिक, हार्मोनल पिल्स या कोई भी घरेलू नुस्खा मनमाने तरीके से लगाना, योनि मार्ग में बिना सलाह कोई तेल, जड़ी बूटी या केमिकल डालना, तनाव और थकान को नजरअंदाज करना ।

तुरंत डॉक्टर से कब मिलें ? :* अगर बहुत ज्यादा रक्तस्राव हो रहा हो या चक्कर, बेहोशी आए पेट, पेल्विक में असहनीय दर्द हो स्राव से बहुत तेज बदबू आए या रंग हरा, भूरा हो जाए प्रेगनेंसी के दौरान कोई भी सफेद पानी या रक्तस्राव दिखे तो तुरंत संपर्क करें ।

अगर आपको लगता है ये जानकारी किसी बहन, बेटी या दोस्त के काम आ सकती है तो पोस्ट को Share जरूर करें ।
🥻👩स्वस्थ नारी, स्वस्थ परिवार 🥻👩

प्रमाणिक आयुर्वेदिक परामर्श हेतु : खानदानी वैद्य डॉ. नरेंद्र सेठी मोबाइल : +91-9424896884

कृपया Self-Medication न करें किसी भी उपचार से पहले योग्य डॉक्टर, वैद्य से सलाह जरूर लें ।

आयुर्वेद से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर जुड़ें फेसबुक पेज को Like और Follow करें 🌐 Sethi Rasayan Shala

👉 व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें https://whatsapp.com/channel/0029VbCgYsA2f3EJ5BQkQV0i

#श्वेतप्रदर #रक्तप्रदर #महिलास्वास्थ्य #आयुर्वेद #आयुर्वेदिकउपचार

❤️ प्रेम, आकर्षण और ऊर्जा के पीछे छिपे 3 महत्वपूर्ण हार्मोन !ऑक्सीटोसिन, डोपामिन और टेस्टोस्टेरोन ये तीनों हार्मोन हमारे...
12/08/2026

❤️ प्रेम, आकर्षण और ऊर्जा के पीछे छिपे 3 महत्वपूर्ण हार्मोन !
ऑक्सीटोसिन, डोपामिन और टेस्टोस्टेरोन ये तीनों हार्मोन हमारे शरीर और मन की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से जुड़े हैं ।

❤️ ऑक्सीटोसिन को “Bonding Hormone” कहा जाता है, जो भावनात्मक जुड़ाव, विश्वास और आत्मीयता में भूमिका निभाता है । प्रियजनों के साथ समय बिताना, स्नेहपूर्ण बातचीत, सकारात्मक स्पर्श, आलिंगन, सामाजिक जुड़ाव, योग और ध्यान जैसी गतिविधियां इसे सपोर्ट कर सकती हैं ।

🧠 डोपामिन मस्तिष्क की “Reward & Motivation System” का महत्वपूर्ण हिस्सा है । यह आनंद, प्रेरणा, उत्साह, सीखने, लक्ष्य प्राप्त करने की इच्छा और आकर्षण से जुड़ा है । नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, छोटे-छोटे लक्ष्य पूरे करना, नई चीजें सीखना और रचनात्मक गतिविधियां डोपामिन प्रणाली को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं ।

💪 टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में libido और sexual function के साथ साथ मांसपेशियों, हड्डियों, ऊर्जा और सामान्य शारीरिक क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । नियमित व्यायाम, strength training, पर्याप्त नींद, संतुलित पौष्टिक आहार, स्वस्थ वजन और तनाव नियंत्रण इसके सामान्य स्तर को बनाए रखने में सहायक हैं ।

🔥 आयुर्वेदिक खानदानी चिकित्सक वैद्य डॉ. नरेंद्र सेठी ने कहा इसमें सबसे रोचक बात यह है कि इन तीनों को अलग-अलग नहीं समझना चाहिए ऑक्सीटोसिन जुड़ाव और आत्मीयता, डोपामिन आकर्षण एवं motivation और टेस्टोस्टेरोन libido एवं शारीरिक क्षमता से जुड़ा है।

लेकिन याद रखें, हार्मोन में “जितना ज्यादा उतना बेहतर” नहीं, बल्कि सही संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है । 🌿 अच्छी नींद + नियमित व्यायाम + संतुलित आहार + तनाव नियंत्रण + सकारात्मक रिश्ते + सक्रिय जीवनशैली = बेहतर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य । ❤️

आयुर्वेद से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर जुड़ें फेसबुक पेज को Like और Follow करें 🌐 Sethi Rasayan Shala

👉 व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें https://whatsapp.com/channel/0029VbCgYsA2f3EJ5BQkQV0i

#आयुर्वेद #स्वास्थ्य #हार्मोन #स्वस्थजीवनशैली

🌿 पुष्य नक्षत्र के पावन अवसर पर विशेष आयोजन 🌿          🪔 निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार शिविर 🪔0 से 16 वर्ष तक के बच्चों...
11/08/2026

🌿 पुष्य नक्षत्र के पावन अवसर पर विशेष आयोजन 🌿
🪔 निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार शिविर 🪔
0 से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर 11 एवं 12 अगस्त को बच्चों के लिए निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार शिविर आयोजित किया जा रहा है।
✨ स्वर्ण प्राशन संस्कार
आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा के अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से किया जाने वाला संस्कार।
📍 स्थान :
सेठी आयुर्वेदिक / जैनी कलेक्शन
540, अशोक नगर, एयरपोर्ट रोड, इंदौर
👶 आयु सीमा : 0 से 16 वर्ष तक
🙏 सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि पुष्य नक्षत्र के इस विशेष अवसर का लाभ उठाएं और अपने बच्चों का निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार अवश्य करवाएं ।
मोबाइल : 9424 896 884
7898 946 947

Address

Indore
452015

Opening Hours

Monday 9am - 6pm
Tuesday 9am - 6pm
Wednesday 9am - 6pm
Thursday 9am - 6pm
Friday 9am - 6pm
Saturday 9am - 6pm

Telephone

09406883266

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sethi Rasayan Shala posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Sethi Rasayan Shala:

Shortcuts

Share