17/04/2026
अक्षय कुमार के आयुर्वेद पर 10 मुख्य विचार
अनुभव साझा करना: अक्षय ने बताया कि उन्होंने पिछले कुछ दिन केरल के एक शांत आश्रम में बिताए और वे बहुत खुश हैं।
आयुर्वेद की गहराई: उन्होंने इस बार आयुर्वेद को बहुत करीब से जाना और उनका अनुभव कमाल का रहा।
सादगी का महत्व: आश्रम में उनके पास न फोन था, न टीवी और न ही ब्रांडेड कपड़े। उन्होंने वहां सादा खाना खाया और साधारण कुर्ता-पजामा पहना।
लंबे समय से जुड़ाव: अक्षय पिछले 25 सालों से आयुर्वेद अपना रहे हैं। उनका मानना है कि आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन लोग इसे भूलते जा रहे हैं।
शरीर की सर्विसिंग: उन्होंने शरीर की तुलना गाड़ी से की और कहा कि जैसे हम कार की सर्विसिंग कराते हैं, वैसे ही उन्होंने आयुर्वेद के जरिए अपनी 'बॉडी की सर्विसिंग' कराई।
विदेशी बनाम भारतीय: उन्होंने दुख जताया कि अंग्रेज विदेश से यहाँ आयुर्वेदिक इलाज कराने आते हैं, जबकि हम इससे दूर भाग रहे हैं। उस आश्रम में वे इकलौते भारतीय थे।
सरकारी समर्थन: उन्होंने आयुष मंत्रालय का जिक्र किया और बताया कि रजिस्टर्ड आयुर्वेदिक सेंटर पर इलाज कराने से इंश्योरेंस की सुविधा भी मिल सकती है।
अपनी पद्धति का सम्मान: अक्षय ने साफ किया कि उन्हें एलोपैथी से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हमें अपनी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भूलना नहीं चाहिए।
कोई ब्रांड प्रमोशन नहीं: उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी कंपनी के ब्रांड एंबेसडर बनकर ये बातें नहीं कह रहे, बल्कि यह उनका खुद का निजी अनुभव है।
मानसिक शांति: केरल से आने के बाद वे खुद को बहुत हल्का और शांत महसूस कर रहे हैं।