24/04/2026
गैंग्रीन: लक्षण, प्रकार और अंतर
गैंग्रीन एक गंभीर स्थिति है जो तब होती है जब शरीर के किसी हिस्से (आमतौर पर हाथ या पैर) के ऊतकों (tissues) को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता या वे गंभीर संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। मुख्य रूप से गैंग्रीन दो प्रकार के होते हैं: सूखा गैंग्रीन और गीला गैंग्रीन।
1. सूखा गैंग्रीन (Dry Gangrene)
सूखा गैंग्रीन अक्सर उन लोगों में देखा जाता है जिन्हें मधुमेह (Diabetes) या पेरिफेरल आर्टरी डिजीज जैसी रक्त संचार की समस्याएं होती हैं।
मुख्य कारण: रक्त की आपूर्ति रुक जाने के कारण ऊतक धीरे-धीरे सूखकर मरने लगते हैं।
दिखावट: प्रभावित हिस्सा सूखा, सिकुड़ा हुआ और काला या गहरा भूरा दिखाई देता है।
विशेषता: स्वस्थ और मृत ऊतकों के बीच एक स्पष्ट रेखा दिखाई देती है। इसमें संक्रमण आमतौर पर शुरुआत में नहीं होता और यह बहुत धीरे-धीरे विकसित होता है।
लक्षण: प्रभावित हिस्से में सुन्नपन हो सकता है, लेकिन इसमें सूजन या दुर्गंध बहुत कम या न के बराबर होती है।
2. गीला गैंग्रीन (Wet Gangrene)
यह सूखे गैंग्रीन की तुलना में कहीं अधिक खतरनाक और एक चिकित्सा आपात स्थिति (Medical Emergency) है।
मुख्य कारण: यह मृत ऊतकों में संक्रमण (Infection) फैलने के कारण होता है। गंभीर चोट या जलने के बाद यह तेजी से विकसित हो सकता है।
दिखावट: प्रभावित अंग सूजा हुआ, गीला और नरम होता है। इसका रंग गहरा लाल, बैंगनी या हरा-काला हो सकता है।
विशेषता: इसमें अक्सर फफोले या मवाद (pus) बन जाते हैं और संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों में बहुत तेजी से फैलता है।
लक्षण: रोगी को तेज बुखार, तीव्र दर्द और घाव से दुर्गंध आने जैसी समस्याएं होती हैं। इसमें सेप्सिस का खतरा बहुत अधिक होता है।
उपचार और सावधानी
सूखा गैंग्रीन: इसका उपचार रक्त प्रवाह को बहाल करने और घाव की देखभाल पर केंद्रित होता है।
गीला गैंग्रीन: इसके लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती होने, एंटीबायोटिक्स और कभी-कभी मृत ऊतकों को हटाने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है।
नोट: यदि शरीर के किसी भी हिस्से का रंग बदलने लगे या वहां सुन्नपन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर मोहम्मद जमील कादरी डीएनवाईएस ऑनलाइन परामर्श के लिए मेरे दिए हुए नंबर पर संपर्क करें
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