03/04/2026
गरीबों के नाम पर योजनाएँ बनती रहेंगी और नेता-अधिकारी उनका फायदा उठाने की कोशिश करते रहेंगे, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब गरीब खुद जागरूक होगा, अपने हक को समझेगा और उसके लिए आवाज उठाएगा। जब तक हम चुप रहते हैं, तब तक लूट चलती रहती है, लेकिन जैसे ही इंसान अपने अधिकारों के लिए खड़ा होता है, वही योजनाएँ उसकी गरीबी मिटाने का सबसे बड़ा हथियार बन जाती हैं। इसलिए डरने या सहने की नहीं, बल्कि जागने और लड़ने की जरूरत है—क्योंकि बदलाव किसी और से नहीं, खुद से शुरू होता है।”