18/10/2025
*ICU अर्थात्... ‘I See You’ का रूम....*
*दुनियां की अगर सबसे सुंदर जगह कोई हो सकती है, तो वह है ICU (आय.सी.यू.)*
*जब अहंकार शरीर में समा जाता है, तब एक बार ICU की रूम देखनी चाहिए और सोचना चाहिए…*
*यहाँ दो व्यक्तियों के बीच कोई भी भेद रेखा नहीं होता है— न धर्म, न जाति, न अमीरी-गरीबी, यहाँ तक कि स्त्री-पुरुष का भेद भी नहीं रहता.!*
*उस काँच के दरवाज़े को पार करते ही, जहाँ जूते उतारे जाते हैं, वहीं सारे भेद भी उतर जाते हैं। अंदर जाता है तो बस एक मानव शरीर.!*
*जीवन का अर्थ समझाने वाली लाखों किताबें हों, या जीवन जीना सिखाने वाले कितने ही गुरु हों —*
*लेकिन जो ज्ञान, जो दर्शन ICU में मिलता है, वह कहीं और नहीं मिलता! जीवन का असली अर्थ यहीं समझ आता है।*
*इसलिए यह जगह सचमुच बहुत सुंदर है…*
*कहीं किसी घर में अगर कोई मर जाता है तो लोग उसे भुतहा घर कहकर डरते हैं, कहीं सड़क पर या पेड़ के नीचे अगर किसी की मौत हो गई हो तो अफवाहें फैल जाती हैं, लोग डरते हैं। लेकिन यहाँ… ICU के हर एक बेड पर अब तक सैकड़ों, हजारों लोग मर चुके होते हैं —*
*फिर भी यहाँ कोई डर नहीं, कोई अफवाह नहीं.!*
*एक व्यक्ति गया, चादर बदली, दूसरा व्यक्ति आया — बस इतना ही सरल है यहाँ का जीवन-मृत्यु चक्र.!*
*हिंदू हो, ईसाई हो, बौद्ध हो… आस्तिक या नास्तिक —*
*सबके फेफड़ों में एक ही मशीन से ऑक्सीजन जा रहा होता है।*
*बाहर की दुनिया में हम छोटी-छोटी बातों में उलझे रहते हैं —*
*लोग क्या सोचेंगे, कपड़े कैसे लग रहे हैं, भाषा कैसी है, लोग हँसेंगे क्या…..*
*लेकिन यहाँ, उस बेड पर इन चीज़ों की कोई कीमत नहीं होती।*
*पुरुष हो या स्त्री, शर्म जैसी चीज़ों का भी कोई मूल्य नहीं होता।*
*यहाँ समय की असली कीमत समझ में आती है.!*
*जब एहसास होता है कि अपना कोई व्यक्ति हमें छोड़कर जाने वाला है, तो मन में सिर्फ एक ही इच्छा होती है —*
*काश एक दिन और… एक घंटा और… पाँच मिनट और मिल जाएं.!*
*बाहर की दुनिया में हम अनगिनत अपेक्षाओं के साथ जीते हैं —*
*घर, गाड़ी, शिक्षा, नौकरी, प्रेम, व्यापार, रिश्ते, पैसा…*
*पर यहाँ बस एक ही उम्मीद होती है....*
*एक बार और….. बस एक बार और….. आँखें खुल जाएं.!*
*अगर कभी जीवन में लगे कि मैं बहुत बड़ा हूँ — तो ऐसी जगह पर जाकर आओ… अहंकार पिघल जाएगा.!*
और अगर कभी लगे कि मेरे पास कुछ नहीं बचा — तब भी वहाँ जाना…
तुम्हें पता चलेगा कि तुम्हारे पास कितना कुछ है!
प्रकृति ने जब मनुष्य की रचना की होगी, तो जिस रूप में ‘मनुष्य’ को देखा होगा —
वह यहीं दिखाई देता है…
अर्थात् — *I See You.!*
*इसीलिए यह जगह दुनियां की सबसे सुंदर जगह है.... I C U*
*सभी धर्म, जाति, भाषा, प्रांत और लिंग के भेद मिटाने वाला ICU.!* 😊
🙏