Aasia Khan

Aasia Khan

25/04/2026
कहाँ हो तुम चले आओ मोहब्बत का तकाज़ा है,ग़म-ए-दुनिया से घबरा कर तुम्हें दिल ने पुकारा है। तुम्हारी बेरुखी एक दिन हमारी ज...
22/03/2026

कहाँ हो तुम चले आओ मोहब्बत का तकाज़ा है,

ग़म-ए-दुनिया से घबरा कर तुम्हें दिल ने पुकारा है।

तुम्हारी बेरुखी एक दिन हमारी जान ले लेगी

कसम तुमको जरा सोचो कि दस्तूर वफा क्या है

कहाँ हो तुम चले आओ मोहब्बत का तकाज़ा है

ना जाने किस लिए दुनिया की नज़रें फिर गयी
हम से
तुम्हें देखा तो तुम्हें चाहा कुसूर इसके सिवा क्या है
कहाँ हो तुम चले आओ मोहब्बत का तकाज़ा है,

14/01/2026
आसिया ने चाहा जिसे, उसे पाना आसान न था,दिल तो था उसका सादा, मगर ज़माना मेहरबान न था।हर मोड़ पर मिले उसे सवाल और तन्हाइया...
04/01/2026

आसिया ने चाहा जिसे, उसे पाना आसान न था,
दिल तो था उसका सादा, मगर ज़माना मेहरबान न था।
हर मोड़ पर मिले उसे सवाल और तन्हाइयाँ,
फिर भी उसकी चाहत में कोई झूठा बयान न था।
दर्द ने कई बार दस्तक दी उसके खामोश दिल पर,
मगर मोहब्बत से कभी उसे कोई गिला-शिकायत न था।
उम्मीद आज भी जलती है उसकी पलकों के नीचे,
टूटकर भी बुझे, ऐसा आसिया का इरादा न था।
लोग कहते रहे—छोड़ दे, भूल जा उस नाम को,
पर सच्ची मोहब्बत छोड़ देना आसिया के बस का न था।
पाना मुक़द्दर में नहीं था, ये मान लिया उसने,
मगर चाहना गुनाह है—ऐसा भी उसका ईमान न था।

24/09/2025

ये इश्क मोहब्बत की रवायत भी अजब है
पाना भी नहीं है उसे खोना भी नहीं है
जिस शख्स की खातिर तेरा यह हाल है मोहसिन
उसे तेरे मरने पे रोना भी नहीं है

Address

Lucknow

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Aasia Khan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Aasia Khan:

Share