13/09/2026
*📜 श्री शिवाय माता जी की आरती 📜*
*तर्ज: ॐ जय जगदीश हरे | मात्रा: 8+8+8+6*
*ॐ जय शिवाय भवानी, मैया कौशल कुल स्वामिनी ||*
*आंवले तरु तले विराजो, कुल की पालनहारिनी*
*ॐ जय शिवाय भवानी ||*
*मलनहंस के तप से प्रकटी, गौरीशंकर प्यारी*
*मैया गौरीशंकर प्यारी*
*एहसान पुर से पानीपत आई, भक्तन हितकारी*
*ॐ जय शिवाय भवानी ||*
*अवलश हंसल वीरवंश की, रघुवंश की माता*
*मैया रघुवंश की माता*
*कौशिश हंस हौसल भार्गव, सबकी भाग्य विधाता*
*ॐ जय शिवाय भवानी ||*
*थापर कपिल काश्यप वसुंधर, औलस्य हंसल ध्यावे*
*मैया औलस्य हंसल ध्यावे*
*कंसल गोत्र पुकारे तुझको, भाटिया शीश नवावे*
*ॐ जय शिवाय भवानी ||*
*कक्कड़ महेंद्रू सेठ पुकारी, आंवला भोग लगावे*
*मैया आंवला भोग लगावे*
*हलवा दूध का संग मुरब्बा, प्रेम सहित चढ़ावे*
*ॐ जय शिवाय भवानी ||*
*प्रतिपदा शुक्ल को ध्याऊँ, लेकर भक्ति की माला*
*मैया लेकर भक्ति की माला*
*नाम तेरा जो जन गावे, कटे कर्म की जाला*
*ॐ जय शिवाय भवानी ||*
*नन्द किशोर शरण में तेरी, कौशल वंश उबारे*
*मैया कौशल वंश उबारे*
*जो आरती तेरी गावे, संकट द्वारे हारे*
*ॐ जय शिवाय भवानी ||*
*ॐ जय शिवाय भवानी, मैया कौशल कुल स्वामिनी ||*
*आंवले तरु तले विराजो, कुल की पालनहारिनी*
*ॐ जय शिवाय भवानी ||*
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