13/08/2026
2020 से न्याय की प्रतीक्षा—आशुतोष पाठक जी के परिवार को कब मिलेगा इंसाफ?
कांड संख्या 443/20, बिहपुर, भागलपुर सॉफ्टवेयर इंजीनियर आशुतोष पाठक जी की हत्या का मामला वर्ष 2020 का है। इस मामले में रंजीत मंडल, तत्कालीन दरोगा, पर हत्या का आरोप है और दुर्भाग्य है कि आज तक वह फरार है बिहार के काबिल पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाया बात करेंगे 0% टॉलरेंस का।
एक परिवार ने अपना बेटा, एक पत्नी ने अपना जीवनसाथी और एक मासूम बच्ची ने अपना पिता खो दिया। आज आशुतोष जी की पत्नी अपनी बच्ची की पढ़ाई और परिवार के भरण-पोषण के लिए बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरोपी पुलिस विभाग से जुड़ा हो, तो पीड़ित परिवार न्याय के लिए आखिर किसके दरवाजे पर जाए?
हम माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से पुरजोर आग्रह करते हैं कि इस मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित कराने के साथ-साथ आशुतोष पाठक जी की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मानवीय पहल की जाए, ताकि वह अपनी बच्ची की पढ़ाई जारी रख सकें और सम्मानपूर्वक अपना व अपनी बेटी का भरण-पोषण कर सकें।
न्याय केवल फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
आशुतोष पाठक जी के परिवार को न्याय और सम्मान मिलना ही चाहिए।
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