Rajendra Institute of Medical Sciences, Ranchi

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Rajendra Institute of Medical Sciences, Ranchi RIMS Ranchi is the premier medical institute of Jharkhand.

FB/WA/DI-132/2026रिम्स, राँची26.09.2026डेंटल इंस्टीट्यूट में कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स में उन्नत सिमुलेशन...
26/09/2026

FB/WA/DI-132/2026
रिम्स, राँची
26.09.2026
डेंटल इंस्टीट्यूट में कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स में उन्नत सिमुलेशन तकनीक पर कार्यक्रम आयोजित

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची के डेंटल इंस्टीट्यूट के कंजर्वेटिव, एंडोडॉन्टिक्स एवं एस्थेटिक डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा आज कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स में उन्नत सिमुलेशन उपकरणों के उपयोग पर एक विशेष अकादमिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. मयंक कुमार ने व्याख्यान एवं प्रदर्शन के माध्यम से दंत चिकित्सा शिक्षा में सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आधुनिक सिमुलेशन उपकरण विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों को सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में विभिन्न प्रक्रियाओं को समझने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने तथा क्लिनिकल आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा थे। इस अवसर पर डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा एवं डीन एग्जामिनेशन प्रो. डॉ. मनोज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। डेंटल इंस्टीट्यूट, रिम्स के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश एम.बी. सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक एवं विद्यार्थी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी गणमान्य अतिथियों ने दंत चिकित्सा शिक्षा में भविष्य के लिए तैयार आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक क्लिनिकल अभ्यास के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है तथा विद्यार्थियों को दक्षता-आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि दंत चिकित्सा शिक्षा में नवीनतम तकनीकों को शामिल करना समय की आवश्यकता है, ताकि शिक्षा एवं प्रशिक्षण को तेजी से विकसित हो रही आधुनिक क्लिनिकल प्रक्रियाओं के अनुरूप बनाया जा सके। सिमुलेशन प्रणाली और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को नियंत्रित वातावरण में प्रक्रियाओं का बार-बार अभ्यास करने का अवसर देते हैं, जिससे उनकी समझ, सटीकता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. बुट्टा विश्वनाथ के मार्गदर्शन में किया गया। इसके आयोजन एवं समन्वय में डॉ. सुमित मोहन, डॉ. हर्ष प्रियंक एवं डॉ. गौरव कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का समापन रिम्स में तकनीक आधारित दंत चिकित्सा शिक्षा को और सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों के लिए उन्नत अध्ययन, कौशल विकास एवं बेहतर क्लिनिकल प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

FB/WA/ONCOSx-131/2026रिम्स, राँची23.09.2026रिम्स में कैंसर उपचार की आधुनिक पद्धतियों पर CME एवं कीमो पोर्ट का हैंड्स-ऑन ...
23/09/2026

FB/WA/ONCOSx-131/2026
रिम्स, राँची
23.09.2026
रिम्स में कैंसर उपचार की आधुनिक पद्धतियों पर CME एवं कीमो पोर्ट का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण आयोजित

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा आज कैंसर के उपचार एवं प्रबंधन में आधुनिक प्रगति पर केंद्रित सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (CME) तथा कीमो पोर्ट पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर के निदान, उपचार एवं समग्र प्रबंधन में नवीनतम चिकित्सा प्रगति से चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को अवगत कराना तथा कैंसर उपचार से संबंधित व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करना था।
CME के दौरान विभिन्न प्रकार के कैंसर के निदान एवं उपचार, बदलती उपचार रणनीतियों, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में नवीनतम प्रगति तथा कैंसर मरीजों के बहु-विषयक (Multidisciplinary) प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत शैक्षणिक चर्चा की गई। वक्ताओं ने कैंसर मरीजों के बेहतर उपचार परिणामों के लिए आधुनिक उपचार पद्धतियों एवं विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच समन्वित दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कीमो पोर्ट पर व्यावहारिक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण रहा। कीमोथेरेपी एवं अन्य प्रणालीगत कैंसर उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों में लंबे समय तक सुरक्षित एवं विश्वसनीय शिरापरक पहुंच सुनिश्चित करने में कीमो पोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कीमो पोर्ट के इन्सर्शन की तकनीक, आवश्यक सावधानियों, संभावित जटिलताओं तथा इसके प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, RIMS के डॉ. अजीत कुमार कुशवाहा एवं डॉ. रोहित कुमार झा के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर RIMS के निदेशक प्रो. (डॉ.) डी.के. सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इस प्रकार के कौशल-आधारित एवं ज्ञानवर्धक अकादमिक कार्यक्रमों के महत्व पर बल दिया। उनकी उपस्थिति एवं प्रोत्साहन ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
CME में RIMS के विभिन्न विभागों के चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विशेषज्ञों के साथ शैक्षणिक संवाद एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को कैंसर प्रबंधन से संबंधित नवीनतम ज्ञान के साथ-साथ आवश्यक व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का सफल आयोजन कैंसर उपचार के क्षेत्र में अकादमिक उत्कृष्टता, कौशल-आधारित प्रशिक्षण एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के प्रति RIMS के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता में सहयोग प्रदान करने के लिए RIMS प्रशासन, अतिथि विशेषज्ञों, प्रतिभागी चिकित्सकों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

FB/WA/TMA-130/2026रिम्स, राँची22.09.2026रिम्स में ट्राइबल मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में पारंपरिक उल्लास के साथ कर्मा ...
22/09/2026

FB/WA/TMA-130/2026
रिम्स, राँची
22.09.2026
रिम्स में ट्राइबल मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में पारंपरिक उल्लास के साथ कर्मा पूजा का आयोजन

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में ट्राइबल मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में आज पारंपरिक आस्था एवं उल्लास के साथ कर्मा पूजा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रिम्स के स्नातक (UG) एवं स्नातकोत्तर (PG) छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी.के. सिन्हा एवं विशिष्ट अतिथि डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा उपस्थित रहे। दोनों ने कर्मा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और समृद्ध परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारे, एकता एवं सामुदायिक सद्भाव को भी मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर डॉ. पंकज बोदरा, डॉ. निशिथ एक्का एवं डॉ. मार्शल लुगुन सहित रिम्स के अनेक वरीय एवं कनीय चिकित्सक तथा UG एवं PG छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
पूजा-अर्चना के पश्चात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पारंपरिक गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पूरे परिसर में कर्मा पर्व की पारंपरिक रंगत और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम ने रिम्स में विविधता, सांस्कृतिक विरासत और आपसी सौहार्द की भावना को और मजबूत किया।

FB/WA/OBG-129/2026रिम्स, राँची21.09.2026Training on Subdermal Contraceptive Implant Held at RIMS, RanchiThe Department o...
21/09/2026

FB/WA/OBG-129/2026
रिम्स, राँची
21.09.2026
Training on Subdermal Contraceptive Implant Held at RIMS, Ranchi

The Department of Obstetrics & Gynaecology, Rajendra Institute of Medical Sciences (RIMS), Ranchi, successfully conducted a two-day training programme on the insertion and removal of subdermal contraceptive implants for Senior and Junior Residents on 18th and 19th September 2026 at the Seminar Hall, RIMS.
The programme was conducted under the guidance of Prof. Dr. Atima Bharti, Head, Department of Obstetrics & Gynaecology. Prof. Dr. Archana Kumari and Dr. Madhulika Horo served as the trainers.
The training focused on developing practical skills in both implant insertion and removal techniques. Residents received hands-on training using mannequins, followed by supervised practice on clients, enabling them to gain confidence and competency in providing this contraceptive service.
The programme was supported by NHM, Jharkhand and PSI as part of efforts to strengthen the capacity of healthcare providers for delivering subdermal contraceptive implant services, a new contraceptive method introduced by the Government of India.
The initiative marks an important step towards strengthening reproductive health services and expanding the range of safe and effective contraceptive options available to women.

FB/WA/PHARMA-128/2026रिम्स, राँची21.09.2026रिम्स, रांची में राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के अवसर पर कार्यशाला आयोजि...
21/09/2026

FB/WA/PHARMA-128/2026
रिम्स, राँची
21.09.2026

रिम्स, रांची में राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के अवसर पर कार्यशाला आयोजित

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के अवसर पर आज फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आभा कुमारी ने की।
कार्यशाला का शुभारंभ रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर रिम्स के डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेंद्र बिरूआ, डीन रिसर्च सह निदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्या सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक एवं मेडिकल छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव (Adverse Drug Reactions—ADRs), उनकी पहचान, रिपोर्टिंग एवं फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि दवाओं के उपयोग के दौरान होने वाले प्रतिकूल प्रभावों की समय पर पहचान एवं उचित रिपोर्टिंग रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रतिभागियों को फार्माकोविजिलेंस की अवधारणा, दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति सतर्कता तथा उनकी रिपोर्टिंग की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, आम जनमानस में भी दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग तथा दवाओं से होने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
अंत में नुक्कड़ नाटक के प्रतिभागियों एवं रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

FB/WA/PHARMA-126/2026रिम्स, राँची18.09.2026रिम्स, रांची में छठा राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का आयोजनजागरूकता रैली ...
18/09/2026

FB/WA/PHARMA-126/2026
रिम्स, राँची
18.09.2026
रिम्स, रांची में छठा राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का आयोजन
जागरूकता रैली एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग का संदेश

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में छठा राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह 17 से 23 सितंबर 2026 तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष का थीम “फार्माकोविजिलेंस के जरिए दवाओं के सही इस्तेमाल को बढ़ावा देना—सुरक्षित हेल्थकेयर की ओर एक कदम” (“Promoting Rational Use of Medicines through Pharmacovigilance – A Step Towards Safer Healthcare”) है।
राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के अंतर्गत 18 सितंबर 2026 को जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली की शुरुआत रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) हिरेन्द्र बिरुआ ने हरी झंडी दिखाकर की। रैली का उद्देश्य मरीजों, उनके परिजनों एवं आम नागरिकों को दवाओं के तर्कसंगत एवं सुरक्षित उपयोग तथा दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर फार्माकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आभा कुमारी ने दवाओं के दुष्प्रभावों के संबंध में मरीजों, अभिभावकों एवं आमजन को जागरूक किया। उन्होंने दवाओं के सुरक्षित उपयोग के साथ-साथ किसी भी संभावित प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी चिकित्सकीय व्यवस्था तक पहुंचाने के महत्व पर भी जोर दिया।
जागरूकता अभियान के तहत ओपीडी ब्लॉक एवं ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दवाओं के सही एवं तर्कसंगत उपयोग और दवाओं से होने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों के प्रति लोगों को सरल एवं प्रभावी तरीके से जागरूक किया गया।
जागरूकता रैली में फार्माकोलॉजी विभाग के फैकल्टी सदस्यों के साथ सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट एवं मेडिकल छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के क्रम में 21 सितंबर 2026 को एक सेमिनार का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें रिम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) डी.के. सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सेमिनार में फार्माकोविजिलेंस, दवाओं के तर्कसंगत उपयोग तथा सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

FB/WA/OBG-127/2026 DATE: 16.09.2026रिम्स, राँची16.09.2026RIMS Ranchi Hosts National FOGSI Urogynaecology & Vaginal Surge...
16/09/2026

FB/WA/OBG-127/2026 DATE: 16.09.2026
रिम्स, राँची
16.09.2026
RIMS Ranchi Hosts National FOGSI Urogynaecology & Vaginal Surgery Conclave

The two-day FOGSI Urogynaecology & Vaginal Surgery Conclave was held on 12–13 September 2026 at the RIMS Auditorium, Ranchi, hosted by the Ranchi Obstetrical and Gynaecological Society (ROGS) under the aegis of the Federation of Obstetric and Gynaecological Societies of India (FOGSI), the event brought together eminent faculty, young gynaecologists, and delegates from across India and the region.

The conclave opened with a Live Vaginal Surgery Workshop conducted by the Department of Obstetrics & Gynaecology, RIMS, in collaboration with national and international faculty. Eight live vaginal surgeries were performed at the Gynaecology OT, enabling delegates to observe advanced techniques and participate in real-time academic discussions. The operating faculty comprised Dr. Hara Prasad Patnaik, Bhubaneswar; Dr. Vinit Mishra, Ahmedabad; Dr. V. P. Pailey, Kerala; Dr. Mohan C. Regmi, Kathmandu; and Dr. Amita Jain, Delhi.

The workshop was inaugurated by Dr. D. K. Sinha, Director & Medical Superintendent, RIMS, in the presence of Dr. Hiren Birua, RIMS, and Dr. Preeti Bala Sahay, Patron, ROGS and former Head, Department of Obstetrics & Gynaecology.
Dr. Bhaskar Pal, President, FOGSI, was Chief Guest at the inauguration of the scientific programme.

The event was organised under the leadership of Dr. Archana Kumari, Professor, Department of Obstetrics & Gynaecology, RIMS, and Dr. Sunita Jha, as Organising Chairpersons . Dr. Suman Sinha and Dr. Kavita Banerwal, Chairpersons of the respective FOGSI committees, played a key role in developing the conclave’s academic framework and skill-oriented format.

The programme featured focused, single-hall sessions and four hands-on skill-transfer stations covering CPT, TOT, cervical cerclage, and VVF repair. More than 150 delegates participated in the conclave and its interactive training sessions. The second day included video presentations and discussions on sacrospinous fixation, VVF repair, and sling surgeries, with emphasis on practical decision-making and techniques relevant to routine clinical practice.

The conclave promoted knowledge exchange & skill transfer among 170 registered delegates.

FB/WA/MEU-126/2026रिम्स, राँची15.09.2026रिम्स में एमबीबीएस के नए बैच के लिए ‘आरोहण–2026’ फाउंडेशन कोर्स का शुभारंभ, पहली...
15/09/2026

FB/WA/MEU-126/2026
रिम्स, राँची
15.09.2026
रिम्स में एमबीबीएस के नए बैच के लिए ‘आरोहण–2026’ फाउंडेशन कोर्स का शुभारंभ, पहली बार 250 सीटों पर हो रहा है एमबीबीएस में नामांकन

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में एमबीबीएस के नव-नामांकित विद्यार्थियों के लिए ‘आरोहण–2026’ फाउंडेशन कोर्स का आज औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आयोजित ओरिएंटेशन डे में नए विद्यार्थियों का संस्थान में स्वागत किया गया तथा उन्हें रिम्स की शैक्षणिक व्यवस्था, संस्थागत संस्कृति, चिकित्सा शिक्षा की अपेक्षाओं एवं एक जिम्मेदार चिकित्सक के रूप में उनकी भावी भूमिका से परिचित कराया गया।
इस वर्ष रिम्स के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में पहली बार 250 विद्यार्थियों का नामांकन हो रहा है। इसमें राज्य कोटे के साथ-साथ केंद्रीय कोटे के माध्यम से नामांकित विद्यार्थी भी शामिल हैं। नए बैच के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर निदेशक, रिम्स प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील, नैतिक और जिम्मेदार चिकित्सक के निर्माण की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अध्ययन, मरीजों के प्रति सहानुभूति और टीम भावना को अपनी चिकित्सा शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा ने विद्यार्थियों को रिम्स की शैक्षणिक परंपराओं एवं अपेक्षाओं से अवगत कराते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश उनके जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन तथा शिक्षकों एवं सहपाठियों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेन्द्र बिरुआ ने विद्यार्थियों को अस्पताल की कार्यप्रणाली, मरीजों के प्रति चिकित्सकीय जिम्मेदारी तथा स्वास्थ्य सेवाओं में व्यावसायिक आचरण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा के शुरुआती चरण से ही विद्यार्थियों में मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण विकसित किया जाना आवश्यक है।
डीन, स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राहुल प्रसाद ने विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, मानसिक एवं सामाजिक कल्याण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा संस्थान में उपलब्ध छात्र सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से रिम्स में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का सकारात्मक रूप से लाभ उठाने का आह्वान किया।
एमईयू कोऑर्डिनेटर डॉ. मृत्युंजय मुंडू ने फाउंडेशन कोर्स की रूपरेखा एवं इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज के नए वातावरण में सहज बनाने के साथ-साथ उन्हें चिकित्सा शिक्षा की मूलभूत अवधारणाओं और व्यावसायिक अपेक्षाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
‘आरोहण–2026’ फाउंडेशन कोर्स 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स, संचार कौशल, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक व्यवहार, नैतिक मूल्यों, समय प्रबंधन तथा मरीजों के प्रति संवेदनशीलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों से परिचित कराया जाएगा। फाउंडेशन कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें मेडिकल शिक्षा की नई प्रणाली में प्रभावी रूप से अभ्यस्त कराना है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के निर्धारित मानकों के अनुरूप फाउंडेशन कोर्स मेडिकल स्नातक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण एवं आवश्यक घटक है। इसके माध्यम से नव-प्रवेशित विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के वातावरण, व्यावसायिक मूल्यों एवं चिकित्सकीय दायित्वों के लिए प्रारंभिक स्तर पर तैयार किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान रिम्स के विभिन्न विभागों के शिक्षक, अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। नव-नामांकित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए रिम्स में अपनी चिकित्सा शिक्षा की नई यात्रा की शुरुआत की।

FB/WA/DIR-125/2026रिम्स, राँची11.09.2026रिम्स में “बेहतर जीवन जीने की कला” पर विशेष प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजितराजेन्द्...
11/09/2026

FB/WA/DIR-125/2026
रिम्स, राँची
11.09.2026
रिम्स में “बेहतर जीवन जीने की कला” पर विशेष प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित

राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में शुक्रवार को “बेहतर जीवन जीने की कला” विषय पर ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम “आपके अनमोल स्वास्थ्य के नाम” समर्पित था।
कार्यक्रम में रिम्स के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य, संस्थान के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में चिकित्सक, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता 73 वर्षीय श्री अरुण ऋषि "स्वर्गीय" रहे, जिन्होंने स्वस्थ एवं बेहतर जीवन जीने के अपने अनुभवों और जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि वे पिछले 47 वर्षों से किसी बीमारी से ग्रसित नहीं हुए हैं। अपने अनुभवों के माध्यम से उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए अनुशासित दिनचर्या, सकारात्मक सोच, संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति सजगता के महत्व पर प्रकाश डाला।
श्री अरुण ऋषि की सरल, व्यावहारिक एवं प्रेरणादायक प्रस्तुति ने उपस्थित चिकित्सकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रभावित किया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य एवं दीर्घायु से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद भी हुआ। ज्ञानवर्धक जानकारी के साथ कार्यक्रम में मनोरंजन का भी समावेश रहा, जिससे वातावरण जीवंत और सकारात्मक बना रहा।
रिम्स निदेशक ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन केवल बीमारी से मुक्त रहने का नाम नहीं है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक प्रसन्नता, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली का समन्वय भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम संस्थान के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

FB/WA/PSY-124/2026रिम्स, राँची10.09.2026रिम्स रांची मनोचिकित्सा विभाग ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता वार्ता ...
10/09/2026

FB/WA/PSY-124/2026
रिम्स, राँची
10.09.2026
रिम्स रांची मनोचिकित्सा विभाग ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता वार्ता का आयोजन किया
आत्महत्या पर बदलती सोच – चुप्पी तोड़ें, बातचीत शुरू करें
#विश्व_आत्महत्या_रोकथाम_दिवस

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची के मनोचिकित्सा विभाग ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर चिकित्सा इंटर्न, मरीजों और परिजनों के लिए एक जागरूकता वार्ता आयोजित की, जिसका उद्देश्य आत्महत्या के जोखिम की पहचान और खुली बातचीत को बढ़ावा देना था।
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस प्रतिवर्ष 10 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम संघ (IASP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तत्वावधान में मनाया जाता है। वर्ष 2024–2026 के लिए त्रैवार्षिक विषय है "आत्महत्या पर कथानक बदलना," जिसका आह्वान है "बातचीत की शुरुआत करें", मूल लक्ष्य है कलंक को दूर करना और यह समझ बढ़ाना कि आत्महत्या रोकी जा सकती है। WHO के अनुमान के अनुसार विश्व भर में प्रतिवर्ष 7 लाख 20 हज़ार से अधिक लोग आत्महत्या से मृत्यु को प्राप्त होते हैं, और 15 से 29 वर्ष के युवाओं में यह मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार भारत में आत्महत्या की दर प्रति एक लाख जनसंख्या पर 12.3 है।
प्रो. (डॉ.) मेजर अजय कुमार बाखला, और डॉ. विद्या के. एल., मनोचिकित्सा विभाग, रिम्स रांची ने चिकित्सा इंटर्न के साथ-साथ ओपीडी और वार्डों में मरीजों तथा परिजनों को संबोधित किया, जिसमें आत्महत्या के जोखिम की पहचान, आम भ्रमों, खुली बातचीत के महत्व और रिम्स में उपलब्ध सेवाओं पर चर्चा की गई। प्रो. बाखला ने कहा, “आत्महत्या को रोका जा सकता है। इसके लिए किसी विशेषज्ञ की ज़रूरत नहीं; हर आम इंसान आत्महत्या रोकथाम में एक "गेटकीपर" बन सकता है। गेटकीपर वह पहला व्यक्ति है जो सही समय पर सुनता है, ध्यान देता है, और किसी की जान बचाने में मदद करता है।“
गेटकीपर बनें
आत्महत्या रोकने के लिए हर कोई गेटकीपर बन सकता है - आम इंसान भी । इसके लिए RQPR मॉडल अपनाया जा सकता है:
• पहचानें (Recognize): संकट में फंसे व्यक्ति के संकेतों को पहचानें
• सहानुभूतिपूर्वक पूछें (Question): बिना झिझक, सहानुभूति के साथ सीधे पूछें
• मदद लेने हेतु प्रेरित करें (Persuade): व्यक्ति को सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करें
• उचित संसाधन तक पहुंचाएं (Refer): उपयुक्त सहायता या विशेषज्ञ के पास भेजें
आत्महत्या से जुड़े मिथक और तथ्य
मिथक: आत्महत्या के बारे में पूछने से यह प्रोत्साहित होती है।
तथ्य: सहानुभूति के साथ सीधे पूछना संवाद खोलकर जोखिम को कम करता है।
मिथक: जो लोग इसके बारे में बात करते हैं, वे करते नहीं।
तथ्य: अधिकांश लोग प्रयास से पहले कोई संकेत देते हैं।
मिथक: आत्महत्या बिना किसी चेतावनी के होती है।
तथ्य: अधिकांश लोग पहले चेतावनी संकेत दिखाते हैं।
मिथक: यह केवल मानसिक बीमारी वालों को प्रभावित करती है।
तथ्य: अत्यधिक तनाव या संकट में भी आत्महत्या हो सकती है।
मिथक: निर्णय लेने के बाद कोई नहीं रोक सकता।
तथ्य: संकट अक्सर अल्पकालिक होते हैं; समय पर सहायता मदद करती है।
मिथक: केवल विशेषज्ञ ही आत्महत्या को रोक सकते हैं।
तथ्य: कोई भी मदद कर सकता है: सुनें, देखभाल दिखाएं, आशा दें।

आत्महत्या को रोका जा सकता है। समय पर पहचान और खुला संवाद - चिकित्सकों, मरीजों और परिजनों द्वारा - जीवन बचा सकता है। रिम्स ओपीडी में सभी कार्यदिवसों पर निःशुल्क मनोरोग परामर्श उपलब्ध है।
Su***de helpline number: 14416 (Tele MANAS, 24/7)
Email id: [email protected]

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Bajra-Bariatu Road
Ranchi
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