26/09/2026
FB/WA/DI-132/2026
रिम्स, राँची
26.09.2026
डेंटल इंस्टीट्यूट में कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स में उन्नत सिमुलेशन तकनीक पर कार्यक्रम आयोजित
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची के डेंटल इंस्टीट्यूट के कंजर्वेटिव, एंडोडॉन्टिक्स एवं एस्थेटिक डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा आज कंजर्वेटिव डेंटिस्ट्री एवं एंडोडॉन्टिक्स में उन्नत सिमुलेशन उपकरणों के उपयोग पर एक विशेष अकादमिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. मयंक कुमार ने व्याख्यान एवं प्रदर्शन के माध्यम से दंत चिकित्सा शिक्षा में सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आधुनिक सिमुलेशन उपकरण विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों को सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में विभिन्न प्रक्रियाओं को समझने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने तथा क्लिनिकल आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा थे। इस अवसर पर डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा एवं डीन एग्जामिनेशन प्रो. डॉ. मनोज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। डेंटल इंस्टीट्यूट, रिम्स के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश एम.बी. सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक एवं विद्यार्थी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी गणमान्य अतिथियों ने दंत चिकित्सा शिक्षा में भविष्य के लिए तैयार आधुनिक तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक क्लिनिकल अभ्यास के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है तथा विद्यार्थियों को दक्षता-आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि दंत चिकित्सा शिक्षा में नवीनतम तकनीकों को शामिल करना समय की आवश्यकता है, ताकि शिक्षा एवं प्रशिक्षण को तेजी से विकसित हो रही आधुनिक क्लिनिकल प्रक्रियाओं के अनुरूप बनाया जा सके। सिमुलेशन प्रणाली और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को नियंत्रित वातावरण में प्रक्रियाओं का बार-बार अभ्यास करने का अवसर देते हैं, जिससे उनकी समझ, सटीकता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. बुट्टा विश्वनाथ के मार्गदर्शन में किया गया। इसके आयोजन एवं समन्वय में डॉ. सुमित मोहन, डॉ. हर्ष प्रियंक एवं डॉ. गौरव कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का समापन रिम्स में तकनीक आधारित दंत चिकित्सा शिक्षा को और सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों के लिए उन्नत अध्ययन, कौशल विकास एवं बेहतर क्लिनिकल प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।