19/08/2026
ग्लूकोमा की जानकारी
ग्लूकोमा (Glaucoma), जिसे आम भाषा में काला मोतियाबिंद कहा जाता है, आंखों की एक गंभीर बीमारी है। इसमें आंख के अंदर का दबाव (Intraocular Pressure) बढ़ जाता है, जिससे आंख की मुख्य नस यानी ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) को नुकसान पहुंचता है। इससे धीरे-धीरे व्यक्ति की देखने की शक्ति कम होने लगती है और इलाज न मिलने पर अंधापन भी आ सकता है। आप अधिक जानकारी के लिए महाबल आई केयर सेंटर का यह लेख पढ़ सकते हैं। ग्लूकोमा के मुख्य प्रकारओपन-एंगल ग्लूकोमा (Open-angle Glaucoma): यह सबसे आम प्रकार है। इसमें आंख का ड्रेनेज एंगल धीरे-धीरे बंद होता है, जिससे दबाव बिना किसी शुरुआती दर्द या लक्षण के बढ़ता रहता है।एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा (Angle-closure Glaucoma): यह अचानक होता है और इसमें आंख का अंदरूनी दबाव तेजी से बढ़ता है। इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।लक्षणओपन-एंगल में: शुरुआत में कोई लक्षण नहीं होते। धीरे-धीरे साइड की (Peripheral) नजर कम होने लगती है।एंगल-क्लोजर में: आंखों में तेज दर्द, अचानक धुंधला दिखना, सिरदर्द, मतली, उल्टी और रोशनी के चारों ओर रंगीन घेरे दिखना।मुख्य कारण और जोखिमआंखों में अधिक दबाव: महाबल आई केयर सेंटर के अनुसार आंखों के भीतर तरल पदार्थ ठीक से बाहर न निकल पाने के कारण दबाव बढ़ता है।उम्र: 40 या 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है।परिवार का इतिहास: यदि परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो।अन्य बीमारियां: डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या।बचाव और उपचारआई ड्रॉप्स और दवाएं: डॉक्टर रोजाना डालने वाली विशेष आई ड्रॉप्स देते हैं जो आंख के दबाव को कम करती हैं।लेजर या सर्जरी: यदि दवाओं से फायदा न हो, तो तरल पदार्थ की निकासी के लिए लेजर उपचार या सर्जरी की जाती है।नियमित जांच: 40 वर्ष के बाद साल में एक बार आंखों की संपूर्ण जांच (जैसे टोनोमेट्री और ऑप्टिक नर्व टेस्ट) जरूर करानी चाहिए।क्या आप किसी खास व्यक्ति के लिए यह जानकारी देख रहे हैं, या आपको आंखों में दर्द या दिखने से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही है?
तो संपर्क करे महाबल आई केयर सेंटर हरदिया मोड़ सिवान मोबाइल नंबर 9709099047