Nain Prajapati Mahabal eye care centre

Nain Prajapati  Mahabal eye care centre Doctor
specialist in eye care
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आँखो की 5अच्छी आदतें 1.हर 20 मिनट में स्क्रीन से नजर हटाएँ — 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर देखें।2.आँखों को गंदे हाथों...
01/09/2026

आँखो की 5अच्छी आदतें
1.हर 20 मिनट में स्क्रीन से नजर हटाएँ — 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर देखें।
2.आँखों को गंदे हाथों से न छुएँ और न रगड़ें।
3.पढ़ते समय पर्याप्त रोशनी रखें और मोबाइल/किताब को बहुत पास से न देखें।
4.हरी सब्जियाँ, फल, अंडे और पौष्टिक आहार लें तथा पर्याप्त पानी पिएँ।
5.समय-समय पर आँखों की जाँच कराएँ, खासकर यदि नजर धुंधली हो, दर्द/लालिमा या बार-बार पानी आए।

संदेश: आँखें अनमोल हैं—आज की अच्छी आदतें, कल की बेहतर रोशनी। 👁️✨
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महाबल आई केयर सेंटर हरदिया मोड़ सिवान मोबाइल नंबर 9709099047

महाबल आई केयर सेंटर हरदिया मोड़ सिवान                का एक जरूरी संदेश     👁️ नेत्र रोग विशेषज्ञ का संदेश 👁️“आँखें हमारे...
31/08/2026

महाबल आई केयर सेंटर हरदिया मोड़ सिवान
का एक जरूरी संदेश

👁️ नेत्र रोग विशेषज्ञ का संदेश 👁️

“आँखें हमारे शरीर का बेहद अनमोल अंग हैं। आँखों में धुंधला दिखाई देना, लालिमा, खुजली, जलन, पानी आना या अचानक नजर कम होना जैसी समस्या को नजरअंदाज न करें।

समय पर आँखों की जाँच कराने से कई गंभीर बीमारियों की पहचान और इलाज संभव है।

✅ नियमित रूप से आँखों की जाँच कराएँ
✅ मधुमेह और ब्लड प्रेशर में आँखों की जाँच जरूरी है
✅ बिना डॉक्टर की सलाह के कोई आई ड्रॉप न डालें
✅ बच्चों की नजर भी समय-समय पर जाँच कराएँ

स्वस्थ आँखें, बेहतर जीवन। 👁️❤️

— डॉ. एन. कुमार
नेत्र रोग विशेषज्ञ
महाबल आई केयर, सेंटर हरदिया मोड़, सिवान मोबाइल नंबर 9709099047
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कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों को सलाह कंप्यूटर पर लगातार काम करने वाले लोगों को अपनी सेहत और कार्यक्षमता को बेहतर रखने...
30/08/2026

कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों को सलाह
कंप्यूटर पर लगातार काम करने वाले लोगों को अपनी सेहत और कार्यक्षमता को बेहतर रखने के लिए सही शारीरिक मुद्रा, आंखों की देखभाल और नियमित विश्राम पर विशेष ध्यान देना चाहिए।सही मुद्रा और बैठने का तरीका (Ergonomics)पीठ और कमर का सहारा: कुर्सी पर सीधे बैठें और अपनी पीठ को आराम से टिकाकर रखें। जरूरत पड़ने पर पीठ के निचले हिस्से के पास एक छोटे तकिए का उपयोग करें।90-डिग्री का नियम: बैठते समय आपके घुटने और कोहनी 90 से 100 डिग्री के कोण पर मुड़े होने चाहिए तथा आपके दोनों पैर फर्श पर टिके होने चाहिए।कीबोर्ड और माउस की स्थिति: माउस और कीबोर्ड को अपने पास रखें ताकि हाथों पर ज्यादा जोर न पड़े। टाइप करते समय अपनी कलाइयों को सीधा रखें। आंखों की सुरक्षा20-20-20 का नियम: हर 20 मिनट के बाद स्क्रीन से हटकर 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें।पलकें झपकाना: स्क्रीन पर काम करते समय बीच-बीच में अपनी पलकों को लगातार झपकाते रहें ताकि आंखें सूखे नहीं।ब्राइटनेस और रोशनी: मॉनिटर की चमक (Brightness) को अपने कमरे के वातावरण के अनुकूल रखें। कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, लेकिन रोशनी सीधे आपकी आंखों या स्क्रीन पर नहीं पड़नी चाहिए।स्वास्थ्य और आदतें छोटे ब्रेक लें: हर एक घंटे के काम के बाद कम से कम 5 मिनट का छोटा ब्रेक लें, जिसमें उठकर थोड़ा टहलें और हाथों-गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग करें।हाइड्रेटेड रहें: काम के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और पास में सेहतमंद स्नैक्स रखें।
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बरसात में आंखों की सुरक्षा बरसात के मौसम में नमी और संक्रमण बढ़ने के कारण कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू) जैसी समस्याएं आम हो जा...
29/08/2026

बरसात में आंखों की सुरक्षा
बरसात के मौसम में नमी और संक्रमण बढ़ने के कारण कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं, इसलिए इस दौरान साफ-सफाई और विशेष सावधानी रखना जरूरी है। बरसात में आंखों की देखभाल के उपायआंखों को न रगड़ें: गंदे हाथों से आंखों को छूने या रगड़ने से बैक्टीरिया और वायरस फैल सकते हैं जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।बार-बार हाथ धोएं: अपने हाथों को साबुन और पानी से नियमित रूप से साफ करें या सैनिटाइज़र का उपयोग करें।व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करें: अपना तौलिया, रुमाल, चश्मा या आई मेकअप किसी अन्य व्यक्ति के साथ शेयर न करें।बारिश के पानी से बचाव: यदि आंखों में बारिश का गंदा पानी चला जाए, तो तुरंत साफ और ताजे पानी से धोएं। सफर के दौरान छाता या चश्मे का प्रयोग करें।कॉन्टैक्ट लेंस से परहेज: मानसून के दिनों में कॉन्टैक्ट लेंस के बजाय चश्मा पहनना ज्यादा सुरक्षित होता है। लेंस पहनने पड़ें तो पूरी स्वच्छता का ध्यान रखें।डॉक्टर की सलाह लें: आंखों में लालिमा, सूजन, जलन या धुंधलापन महसूस होने पर तुरन्त मिले महाबल आई केयर सेंटर हरदिया मोड़ सिवान मोबाइल नंबर 9709099047 या follow coment या like share करे

रेटीना की बीमारी रेटिना (आंख का पर्दा) की बीमारियां नजर को धुंधला करने या पूरी तरह अंधापन लाने का एक प्रमुख कारण हैं।मुख...
28/08/2026

रेटीना की बीमारी
रेटिना (आंख का पर्दा) की बीमारियां नजर को धुंधला करने या पूरी तरह अंधापन लाने का एक प्रमुख कारण हैं।मुख्य रेटिना रोग। डायबिटिक रेटिनोपैथी: मधुमेह (शुगर) के कारण रेटिना की छोटी रक्त वाहिकाओं के क्षतिग्रस्त होने से यह समस्या होती है, जिससे नजर जा सकती है। रेटिनल डिटैचमेंट: इसमें रेटिना अपनी सामान्य जगह से पीछे हट या अलग हो जाता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है। एज रिलेटेड मैकुलर डिजनरेशन (AMD): बढ़ती उम्र के कारण मैकुला (रेटिना का केंद्रीय भाग) कमजोर हो जाता है, जिससे साफ और केंद्र की नजर चली जाती है। रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा: यह एक आनुवंशिक (जेनेटिक) बीमारी है जिसके कारण धीरे-धीरे रात में दिखना बंद हो जाता है और साइड विजन कमजोर होता है। मैकुलर एडिमा: रेटिना के केंद्र (मैकुला) में तरल पदार्थ जमा होने और सूजन आने की स्थिति है।सामान्य लक्षण चीजों का धुंधला या टेढ़ा-मेढ़ा दिखना।आंखों के आगे काले धब्बे, जाले या मच्छर जैसी आकृतियां (फ्लोटर्स) घूमना।अचानक रोशनी की चमक महसूस होना।रात में या कम रोशनी में देखने में कठिनाई (रतौंधी)।दृष्टि के केंद्र में काला या खाली धब्बा दिखना
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कॉन्टैक्ट लेंस पतले, साफ प्लास्टिक के डिस्क होते हैं जिन्हें दृष्टि सुधारने के लिए सीधे आंख की सतह पर लगाया जाता है।कॉन्...
27/08/2026

कॉन्टैक्ट लेंस पतले, साफ प्लास्टिक के डिस्क होते हैं जिन्हें दृष्टि सुधारने के लिए सीधे आंख की सतह पर लगाया जाता है।कॉन्टैक्ट लेंस के प्रकारसॉफ्ट लेंस (Soft Lenses): ये बहुत नरम और आरामदायक होते हैं। इन्हें पहनना आसान होता है।रिजिड गैस परमेबल (RGP) लेंस: ये थोड़े सख्त होते हैं। इनसे ऑक्सीजन आसानी से आंख तक पहुंचती है।टॉरिक लेंस (Toric Lenses): इनका उपयोग दृष्टि की अन्य समस्याओं के साथ सिलिंड्रिकल नंबर (एग्लिगमेटिज्म) ठीक करने के लिए होता है।मल्टीफोकल लेंस (Multifocal Lenses): ये उम्र बढ़ने के साथ पास और दूर दोनों की नजर की कमजोरी को ठीक करते हैं।महत्वपूर्ण सावधानियांलेंस पहनने और उतारने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।सोते समय कॉन्टैक्ट लेंस कभी न पहनें।लसफाई के लिए केवल निर्धारित लेंस सॉल्यूशन का उपयोग करें, पानी या लार का नहीं।किसी भी प्रकार की असुविधा या संक्रमण होने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलें।
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19/08/2026

ग्लूकोमा की जानकारी
ग्लूकोमा (Glaucoma), जिसे आम भाषा में काला मोतियाबिंद कहा जाता है, आंखों की एक गंभीर बीमारी है। इसमें आंख के अंदर का दबाव (Intraocular Pressure) बढ़ जाता है, जिससे आंख की मुख्य नस यानी ऑप्टिक नर्व (Optic Nerve) को नुकसान पहुंचता है। इससे धीरे-धीरे व्यक्ति की देखने की शक्ति कम होने लगती है और इलाज न मिलने पर अंधापन भी आ सकता है। आप अधिक जानकारी के लिए महाबल आई केयर सेंटर का यह लेख पढ़ सकते हैं। ग्लूकोमा के मुख्य प्रकारओपन-एंगल ग्लूकोमा (Open-angle Glaucoma): यह सबसे आम प्रकार है। इसमें आंख का ड्रेनेज एंगल धीरे-धीरे बंद होता है, जिससे दबाव बिना किसी शुरुआती दर्द या लक्षण के बढ़ता रहता है।एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा (Angle-closure Glaucoma): यह अचानक होता है और इसमें आंख का अंदरूनी दबाव तेजी से बढ़ता है। इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।लक्षणओपन-एंगल में: शुरुआत में कोई लक्षण नहीं होते। धीरे-धीरे साइड की (Peripheral) नजर कम होने लगती है।एंगल-क्लोजर में: आंखों में तेज दर्द, अचानक धुंधला दिखना, सिरदर्द, मतली, उल्टी और रोशनी के चारों ओर रंगीन घेरे दिखना।मुख्य कारण और जोखिमआंखों में अधिक दबाव: महाबल आई केयर सेंटर के अनुसार आंखों के भीतर तरल पदार्थ ठीक से बाहर न निकल पाने के कारण दबाव बढ़ता है।उम्र: 40 या 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है।परिवार का इतिहास: यदि परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो।अन्य बीमारियां: डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या।बचाव और उपचारआई ड्रॉप्स और दवाएं: डॉक्टर रोजाना डालने वाली विशेष आई ड्रॉप्स देते हैं जो आंख के दबाव को कम करती हैं।लेजर या सर्जरी: यदि दवाओं से फायदा न हो, तो तरल पदार्थ की निकासी के लिए लेजर उपचार या सर्जरी की जाती है।नियमित जांच: 40 वर्ष के बाद साल में एक बार आंखों की संपूर्ण जांच (जैसे टोनोमेट्री और ऑप्टिक नर्व टेस्ट) जरूर करानी चाहिए।क्या आप किसी खास व्यक्ति के लिए यह जानकारी देख रहे हैं, या आपको आंखों में दर्द या दिखने से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही है?
तो संपर्क करे महाबल आई केयर सेंटर हरदिया मोड़ सिवान मोबाइल नंबर 9709099047

दोहा और उसका अर्थ।                                                श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।(गुरु के च...
16/08/2026

दोहा और उसका अर्थ। श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।(गुरु के चरण-कमलों की धूल से अपने मन रूपी दर्पण को साफ करता हूँ।)बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥(तथा श्री रघुवर (श्रीराम) के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—को देने वाला है।)बुद्धिहीन तनु जानि के, सुमिरौं पवन-कुमार।(अपने शरीर को बुद्धिहीन जानकर मैं पवनकुमार (श्री हनुमान जी) का स्मरण करता हूँ।)बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥(मुझे बल, बुद्धि और विद्या प्रदान करें तथा मेरे सारे क्लेश और विकारों को हर लें।)
सीता राम जय राम जय हनुमान

बहुत सुंदर लाइन है जरा गौर से पढियेगा
15/08/2026

बहुत सुंदर लाइन है जरा गौर से पढियेगा

15अगस्त की हार्दिक शुभकामनाएं  महाबल आई केयर सेंटर हरदिया मोड़ सिवान मोबाइल नंबर 9709099047
15/08/2026

15अगस्त की हार्दिक शुभकामनाएं
महाबल आई केयर सेंटर हरदिया मोड़ सिवान मोबाइल नंबर 9709099047

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