29/05/2026
आयुर्वेद में गोंद का महत्व
आयुर्वेद में गोंद (प्राकृतिक वृक्ष-राल) को बल्य (शक्ति देने वाला), बृंहण (पोषण देने वाला), कुछ प्रकारों में शीतल, तथा ऊतक-सहायक माना गया है। अलग-अलग वृक्षों के गोंद के गुण भिन्न होते हैं। पारंपरिक उपयोग लोक-ज्ञान पर आधारित हैं; गंभीर बीमारी में चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।
बीमारी अनुसार गोंद के लाभ व सेवन का तरीका
1) बबूल का गोंद
पारंपरिक उपयोग: कमजोरी, जोड़ों का दर्द, प्रसवोत्तर कमजोरी
सेवन:
गोंद के लड्डू: 1 छोटा लड्डू सुबह दूध के साथ
भुना गोंद: 1–2 चम्मच
2) कीकर का गोंद
पारंपरिक उपयोग: हड्डियों की मजबूती, कमर दर्द
सेवन:
गुनगुने दूध में 1 चम्मच भुना गोंद पाउडर
3) गोंद कतीरा
पारंपरिक उपयोग: शरीर की गर्मी, मुँह के छाले, डिहाइड्रेशन
सेवन:
रातभर 1–2 चम्मच पानी में भिगोएँ
सुबह शरबत/दूध में मिलाकर लें
4) साल का गोंद
पारंपरिक उपयोग: कमजोरी, ऊतक समर्थन
सेवन:
भूनकर चूर्ण ½–1 चम्मच दूध के साथ
5) नीम का गोंद
पारंपरिक उपयोग: त्वचा समस्याएँ (लोक-उपयोग)
सेवन:
केवल विशेषज्ञ सलाह से; स्वयं सेवन न करें
6) पीपल का गोंद
पारंपरिक उपयोग: खाँसी, श्वसन असुविधा
सेवन:
बहुत कम मात्रा में चूर्ण + शहद (विशेषज्ञ सलाह से)
7) बरगद का गोंद
पारंपरिक उपयोग: कमजोरी, पुरुष स्वास्थ्य के लोक-उपयोग
सेवन:
भुना गोंद ½–1 चम्मच दूध के साथ
8) पलाश का गोंद (कमरकस)
पारंपरिक उपयोग: प्रसवोत्तर कमजोरी, कमर दर्द
सेवन:
लड्डू या दूध में 1 चम्मच
9) आम का गोंद
पारंपरिक उपयोग: कुछ पाचन संबंधी लोक-उपयोग
सेवन:
बिना विशेषज्ञ सलाह सेवन न करें
10) अर्जुन का गोंद
पारंपरिक उपयोग: हृदय स्वास्थ्य समर्थन के पारंपरिक संदर्भ
सेवन:
विशेषज्ञ सलाह आवश्यक; स्वयं नियमित सेवन न करें
11) मोचरस (सेमल गोंद)
पारंपरिक उपयोग: दस्त के पारंपरिक उपयोग
सेवन:
बहुत सीमित मात्रा, वैद्य की सलाह से
12) खैर का गोंद
पारंपरिक उपयोग: गला/मुँह की परेशानी
सेवन:
सीमित मात्रा में, विशेषज्ञ सलाह से
13) बेल का गोंद
पारंपरिक उपयोग: पाचन, आंत संबंधी लोक-उपयोग
सेवन:
सीमित मात्रा; वैद्यकीय सलाह बेहतर
14) जामुन का गोंद
पारंपरिक उपयोग: रक्त शर्करा प्रबंधन के लोक-संदर्भ
सेवन:
मधुमेह में स्वयं प्रयोग न करें; डॉक्टर से सलाह लें
15) करंज का गोंद
पारंपरिक उपयोग: त्वचा संबंधी लोक-उपयोग
सेवन:
आंतरिक सेवन सामान्यतः अनुशंसित नहीं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन जरूरी
16) गोंद मिश्रण (खाद्य गोंद)
पारंपरिक उपयोग: ऊर्जा, कमजोरी
सेवन:
गोंद के लड्डू 1 नग या 1–2 चम्मच भुना गोंद
महत्वपूर्ण सावधानियाँ
“हर बीमारी की दवाई” कहना सही नहीं; गोंद अलग-अलग पारंपरिक उपयोग रखते हैं।
गर्भावस्था, स्तनपान, मधुमेह, किडनी/लिवर रोग में बिना सलाह सेवन न करें।
एलर्जी/पाचन समस्या हो सकती है।
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