03/08/2026
कल नेशनल बोन एंड जॉइंट डे है
दिनांक: 3 अगस्त 2026
आगरा में वर्ष 2023 में 1,007 सड़क दुर्घटनाएँ, 499 लोगों की मृत्यु
आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी और आगरा पुलिस कल प्रारंभ करेंगे विशेष “पुलिस वेलनेस कार्यक्रम”
आगरा। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति तक सबसे पहले पहुँचने वाले पुलिसकर्मी स्वयं भी लंबे समय तक खड़े रहने, लगातार वाहन चलाने, कठिन शिफ्ट ड्यूटी और कार्यस्थल की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण गर्दन, कमर, कंधे एवं घुटनों की समस्याओं के उच्च जोखिम में रहते हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी (AOS) द्वारा अपने जनस्वास्थ्य अभियान “Agra Moves Better–2026” के अंतर्गत आगरा पुलिस के सहयोग से विशेष पुलिस वेलनेस कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को प्रातः 9:45 बजे, प्रशांत मेमोरियल हॉल, पुलिस लाइन्स, आगरा में प्रारंभ होगा। पुलिस आयुक्त प्रातः 10:30 बजे कार्यक्रम में सम्मिलित होकर पुलिस वेलनेस पहल का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
आगरा की सड़क सुरक्षा से जुड़े चिंताजनक आँकड़े
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की Road Accidents in India–2023 रिपोर्ट के अनुसार, दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में आगरा महानगरीय क्षेत्र में वर्ष 2023 के दौरान:
1,007 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं।
इन दुर्घटनाओं में 499 लोगों की मृत्यु हुई।
657 व्यक्ति घायल हुए।
दुर्घटना गंभीरता लगभग 49.6 मृत्यु प्रति 100 दुर्घटनाएँ रही।
आगरा सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु की संख्या के आधार पर देश के million-plus cities में 11वें स्थान पर रहा।
इन आँकड़ों के अनुसार, आगरा में प्रतिदिन औसतन लगभग 2.8 सड़क दुर्घटनाएँ, एक से अधिक मृत्यु और लगभग 1.8 घायल व्यक्ति दर्ज किए गए। ये आँकड़े सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ घटनास्थल पर तत्काल प्राथमिक सहायता और CPR की जानकारी के महत्व को भी रेखांकित करते हैं।
पुलिसकर्मियों में गर्दन और कमर दर्द का बढ़ता जोखिम
वर्ष 2023 में फतेहगढ़ साहिब और पटियाला जिलों के 100 पुलिसकर्मियों पर किए गए एक भारतीय अध्ययन में:
72 प्रतिशत पुलिसकर्मियों ने पिछले 12 महीनों में किसी न किसी musculoskeletal समस्या की शिकायत की।
51 प्रतिशत में गर्दन दर्द पाया गया।
45 प्रतिशत में कमर दर्द पाया गया।
अध्ययन में लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना, वाहन चलाना, अधिक कार्य-अवधि, शिफ्ट ड्यूटी, थकान और अनियमित दिनचर्या को प्रमुख जोखिम कारक माना गया। यह अध्ययन आगरा पुलिस का स्थानीय सर्वेक्षण नहीं है, बल्कि भारतीय पुलिसकर्मियों में पाए गए कार्यस्थल-संबंधी स्वास्थ्य जोखिम को दर्शाता है।
कार्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण
पुलिस वेलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिसकर्मियों को:
लंबे समय तक खड़े रहने और पैदल गश्त के दौरान सही मुद्रा;
पुलिस वाहन चलाते समय कमर एवं गर्दन की सुरक्षा;
कंप्यूटर और कंट्रोल रूम ड्यूटी की सही ergonomics;
हथियार एवं सुरक्षा उपकरण संभालते समय सुरक्षित posture;
वजन अथवा घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से उठाने;
ड्यूटी के दौरान किए जा सकने वाले सरल stretching एवं strengthening exercises;
तथा अचानक हृदयगति रुकने की स्थिति में CPR देने की जानकारी प्रदान की जाएगी।
CPR का विशेष प्रस्तुतीकरण एवं व्यावहारिक प्रदर्शन डॉ. रजनीश मिश्रा द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को बेहोश और सामान्य रूप से साँस न ले रहे व्यक्ति की पहचान, आपातकालीन सहायता बुलाने तथा सहायता पहुँचने तक chest compressions देने की मूल प्रक्रिया समझाई जाएगी।
यह कार्यक्रम कोई चिकित्सा अथवा जाँच शिविर नहीं है। यह पुलिसकर्मियों के लिए कार्यस्थल स्वास्थ्य, सही मुद्रा, मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं की रोकथाम और जीवनरक्षक CPR कौशल पर केंद्रित जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र है।
“स्वस्थ पुलिसकर्मी ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव”
आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ ने कहा कि पुलिसकर्मियों का कार्य शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। उनकी कार्यक्षमता तथा जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए preventive healthcare और workplace ergonomics को पुलिस प्रशिक्षण का नियमित हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
सोसाइटी के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने कहा:
“वर्ष 2023 में आगरा में प्रतिदिन औसतन लगभग तीन सड़क दुर्घटनाएँ और एक से अधिक मृत्यु दर्ज हुई। पुलिसकर्मी दुर्घटनास्थल पर पहुँचने वाले प्रथम responders में होते हैं। इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी का स्वयं शारीरिक रूप से स्वस्थ, ergonomically trained और CPR-सक्षम होना पूरे शहर की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।”
Agra Moves Better–2026 के प्रोजेक्ट चेयरमैन डॉ. डी.वी. शर्मा ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से पुलिस, स्कूलों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामाजिक संस्थाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विभिन्न कार्यस्थलों तक हड्डी, जोड़, मांसपेशियों और रीढ़ की सेहत से संबंधित व्यावहारिक जानकारी पहुँचाई जाएगी।
यह आयोजन 4 अगस्त—National Bone & Joint Day तथा Indian Orthopaedic Association के Bone & Joint Week 2026 की राष्ट्रीय भावना के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संदेश
“फिट पुलिस • मजबूत रीढ़ • बेहतर सेवा”
“स्वस्थ पुलिसकर्मी—सुरक्षित आगरा”
मीडिया के लिए प्रमुख आँकड़े
आगरा, वर्ष 2023: 1,007 दुर्घटनाएँ | 499 मृत्यु | 657 घायल
भारतीय पुलिस अध्ययन: 72% मस्कुलोस्केलेटल समस्या | 51% गर्दन दर्द | 45% कमर दर्द
डेटा स्रोत
भारत सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय—Road Accidents in India 2023।
पुलिसकर्मियों में musculoskeletal समस्याओं पर भारतीय अध्ययन, International Journal of Science and Healthcare Research, 2023।
Indian Resuscitation Council—Compression Only Life Support Guidance।
World Health Organization—Physical Activity Guidelines।
जारीकर्ता:
आगरा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी (AOS)
Agra Moves Better–2026