15/03/2022
आध्यात्म और सुदंरता की मिसाल रचने जा रहा राधास्वामी मंदिर का निर्माण कार्य पिछले 114 वर्षो से चल रहा है। इस वर्ष अगस्त में मंदिर के निर्माण कार्य पूरा होने के कयास लगाए जा रहे है। राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरूष पूरन धनी स्वामी महाराज के 200वें जन्म समारोह से पहले मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। स्वामी महाराज का जन्म अगस्त माह में पड़ता है तो इसी माह में मंदिर को खुलने के कयास लगाए जा रहे है। राधास्वामी मंदिर के मुख्य गुंबद के निर्माण कार्य में पिछले सालों से सर्पोटिव रेलिंग लगाई गई है। जिसकी वजह से मंदिर की असल सुंदरता नहीं दिख पा रही है। निर्माण कार्य के खत्म होने के बाद गुंबद और पिलर में लगे सर्पोटिव रेलिंग को खोलने का कार्य शुरू किया जाएगा। सबसे पहले पिलर में लगे रेलिंग को खोला जाएगा। सबसे अंत में मुख्य गुबंद में लगी सर्पोटिव रेलिंग को खोला जाएगा। जिसके बाद से मंदिर की सुंदरता को देखा जा सकेगा।राधास्वामी मंदिर रेतीली जमीन पर खड़ा है।
मुख्य गुंबद की चल रही है फिनिशिंग
स्वामीबाग स्थित राधास्वामी मंदिर में इन दिनों मुख्य गुंबद की फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्य गुंबद को सुंदरता प्रदान करने के लिए उसकी पॉलिशिंग के साथ ही लाइट की फिटिंग की जा रही है। 114 साल से चल रहा मंदिर में निर्माण कार्य अब अपने अंतिम स्तर पर है। एक तरफ जहां मुख्य द्वार को तैयार किया जा रहा है। वहीं मंदिर का मुख्य आकर्षण गुंबद को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। गुंबद के सबसे ऊपरी सिरे की फिनिशिंग का कार्य इन दिनों चल रहा है। समाध के ठीक ऊपर स्थित डबल लेयर के गुंबद के अंदर लाइट लगाई जा रही है, जिससे मंदिर की सुंदरता रात में भी निखारी जा सके। गुंबद की फिनिशिंग के साथ ही शटरिंग को भी धीरे धीरे खोला जा रहा है। इन दिनों मुख्य गुंबद के अंदर फिटिं्रग के साथ ही डेमो का कार्य भी चल रहा है। शटरिंग के खुलने के बाद मंदिर की भव्यता देखने लायक होगी।