The word Aarsh means knowledge of ancient rishis, Aarshnyas is organization driven by vedic scholars, which has sole purpose of making ved , upanishad and darshan understanding in easy and scientific way. Aarshnyas conduct regular question and answer session where simple question like meditation technique and very complex topics such as moksha are explained.
वेद ज्ञान पर आधारित ऋषि कृत ग्रन्थ उप
निषद , ब्राह्मण ग्रन्थ , दर्शन, मीमांसा अदि आर्ष ग्रन्थ कहलाते है,आर्ष ग्रंथो के ज्ञान को समझ कर मानव दुखो से छूट कर परम सुख मोक्ष को प्राप्त कर सकता है.
इन आर्ष ग्रंथो के सरलतम रूप मे प्रचार प्रसार एवं इससे सम्बंधित कार्य मैं कार्यरत ब्रम्ह्चारी, सन्यासी आर्य वीरो के सहयोग हेतु आर्ष न्यास का गठन दिनांक 16 अगस्त 2011 को स्वामी विश्वांग, आचार्य सत्यजीत, श्री सुभाष स्वामी , श्री आदित्य स्वामी एवं श्री रामगोपाल गर्ग के द्वारा अजमेर मैं किया गया. आर्ष न्यास आध्त्यमिक एवं व्यवाहरिक विषयों को जिज्ञासा समाधान , उपनिषद भाष्य, पुस्तक एवं कथा के माध्यम से प्रस्तुत करने मे अग्रणी है..