03/06/2026
गर्मियों के मौसम (Grishma Ritu) में शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन, पेट की गर्मी, और कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में शरीर को ठंडा रखने और ऊर्जा बनाए रखने के लिए सही खान-पान बेहद जरूरी है।
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
शाश्वत आयुर्वेदिक फार्मेसी (झूंसी, प्रयागराज) की ओर से गर्मियों के लिए विशेष डाइट चार्ट और उपचार की जानकारी नीचे दी गई है:
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
1. गर्मी में क्या खाएं? (Pathya - What to Eat)
●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●
गर्मियों में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिनकी तासीर ठंडी हो और जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करें:
तरल पदार्थ (Hydration): मटका का पानी, ताजा नारियल पानी, मिश्री और सौंफ का शर्बत, पुदीने का रस, और जौ का सत्तू।
फल और सब्जियां: तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, लौकी, तोरई, कद्दू, और परवल। ये पचाने में आसान होते हैं और शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं।
डेयरी उत्पाद: ताजी छाछ (मट्ठा) जिसमें भुना जीरा और पुदीना मिला हो, मीठी लस्सी, और गाय का घी।
अनाज: पुराना चावल, जौ (Barley), और गेहूं।
2. गर्मी में क्या न खाएं? (Apathya - What to Avoid)
●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●
इन चीजों के सेवन से शरीर में गर्मी और एसिडिटी बढ़ती है, इसलिए इनसे परहेज करें:
ज्यादा तीखा और मसालेदार भोजन: लाल मिर्च, गरम मसाला, और अत्यधिक लहसुन-अदरक का सेवन कम करें।
तली-भुनी और भारी चीजें: समोसे, पकौड़े, फास्ट फूड और ज्यादा तेल वाला खाना पचाने में मुश्किल होता है।
खट्टी और नमकीन चीजें: अत्यधिक अचार, सिरका, और फर्मेंटेड फूड (जैसे डोसा, इडली) पित्त को बढ़ाते हैं।
चाय, कॉफी और अल्कोहल: ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।
कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक बर्फ वाले पानी से भी बचें, क्योंकि ये पाचन अग्नि (Digestive Fire) को धीमा कर देते हैं।
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
शाश्वत आयुर्वेदिक फार्मेसी में उपलब्ध उपचार व निवारण
गर्मी के मौसम में होने वाले विकारों (जैसे- लू लगना, पेट की गर्मी, हाथ-पैरों में जलन, और कमजोरी) के लिए हमारी फार्मेसी पर निम्नलिखित आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां और औषधियां परामर्श के अनुसार उपलब्ध हैं:
कूलिंग हर्ब्स (शीतलता के लिए): शुद्ध आवंला चूर्ण, शतावरी, और चंदन आदि जो शरीर की आंतरिक गर्मी को शांत करते हैं।
पाचन और पित्त शामक: अविपत्तीकर चूर्ण, कामदुधा रस, और प्रवाल पिष्टी (एसिडिटी और सीने की जलन के लिए)।
मस्तिष्क और शरीर को शांति देने के लिए: शंखपुष्पी और ब्राह्मी युक्त योग, जो गर्मी के कारण होने वाले सिरदर्द और चिड़चिड़ेपन को दूर करते हैं।
ताकत और इम्युनिटी के लिए: गर्मियों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त धातु-पोषक और बल्य औषधियां।
ग्रीष्म ऋतु आहार: तरबूज, खरबूजा, मट्ठा और आंवला का सेवन करें। अत्यधिक मसालेदार, गहरे तले हुए और अम्लीय भोजन से बचें।
शीतल पेय: नारियल पानी, शिकंजी और खस का शर्बत।
दैनिक दिनचर्या: ब्रह्म मुहूर्त में जागना, ठंडे तेलों से मालिश और शीतली/सीत्कारी प्राणायाम।
लाभ: पित्त दोष का संतुलन, त्वचा का स्वास्थ्य और मानसिक शांति।
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
📍 संपर्क और पता (Contact & Address)
फार्मेसी का नाम: शाश्वत आयुर्वेदिक फार्मेसी
पता: झूंसी, प्रयागराज (UP)
मोबाइल नंबर: +91 8707602842
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
गर्मियों में किसी भी औषधि का सेवन करने से पहले या अपनी प्रकृति के अनुसार कस्टमाइज्ड डाइट प्लान के लिए आप हमारी फार्मेसी पर संपर्क कर सकते हैं।