Psycho Counsel

Psycho Counsel DrPradip Kumar Vishwakarma is a well known psychologist. He has more than 20 years of experience in

28/02/2026

72 घंटे का उपवास: मस्तिष्क के लिए प्राकृतिक इलाज
क्या आप जानते हैं कि 72 घंटे का उपवास आपके मस्तिष्क के लिए एक प्राकृतिक इलाज है?
यह नशे की लत, डिप्रेशन और चिंता को बिना किसी दवा के दूर कर सकता है।
यह थेरेपी है—बिना थेरेपिस्ट के।

लेकिन उपवास को सही तरीके से करना ज़रूरी है। आइए समझते हैं कि यह कैसे काम करता है।

उपवास सिर्फ वज़न घटाने के लिए नहीं है
अधिकांश लोग सोचते हैं कि उपवास का उद्देश्य सिर्फ वजन घटाना या पाचन तंत्र को आराम देना है।
लेकिन असली “जादू” हमारे शरीर के सेलुलर स्तर पर होता है, जिसे ऑटोफैजी (Autophagy) कहा जाता है।

ऑटोफैजी: मस्तिष्क की सफाई प्रक्रिया
ऑटोफैजी आपके मस्तिष्क की अंदरूनी डिटॉक्स मोड है।
यह खराब सेल्स, टूटी हुई माइटोकॉन्ड्रिया, और उन प्रोटीन को साफ करती है जो अल्ज़ाइमर, थकान और डिप्रेशन से जुड़े होते हैं।

आप सिर्फ खाना नहीं छोड़ रहे—आप मानसिक कचरे को हटा रहे हैं।

72 घंटे का उपवास क्या करता है?
तीन दिन का उपवास मस्तिष्क के लिए एक गहन मरम्मत प्रक्रिया की तरह है।
इस दौरान सक्रिय होता है BDNF (Brain-Derived Neurotrophic Factor)—एक हार्मोन जो नई न्यूरॉन्स बनाने में मदद करता है:

याददाश्त तेज करता है

मूड बेहतर करता है

न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से बचाव करता है

उपवास कैसे करें: चरण-दर-चरण
शुरू करने से पहले (2–3 दिन की तैयारी)
16:8 इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाएं

कार्ब्स कम करें, हेल्दी फैट्स बढ़ाएं

नींद और पानी पर ध्यान दें

यह सब शरीर को धीरे-धीरे कीटोसिस में प्रवेश करने में मदद करेगा और पहले दिन की तकलीफ़ को कम करेगा।

दिन 1: मानसिक क्रैश
आपका मस्तिष्क घबरा जाता है।
खाने का मतलब होता है डोपामिन—अब वो नहीं मिल रहा।

आप चिड़चिड़े, थके हुए और बेचैन महसूस करेंगे।
यह असफलता नहीं है—यह विथड्रॉअल है।

यह वही समय है जब मस्तिष्क की लत टूटती है।
हाइड्रेट रहें, टहलें, स्क्रीन से दूर रहें।

दिन 2: स्विच ऑन
अब आपका शरीर फैट को जलाने लगता है।
कीटोसिस शुरू होती है।

आपका मस्तिष्क अब शुगर की जगह कीटोन्स से ऊर्जा लेने लगता है:

मानसिक स्पष्टता

भूख कम

चिंता में राहत

अब आप टूट नहीं रहे—आप रीसेट हो रहे हैं।

दिन 3: ब्रेन रिबूट
यह वह स्तर है जहां अधिकांश लोग पहुंच ही नहीं पाते।

आप शांत, केंद्रित, सतर्क और यहां तक कि हल्की-सी यूफोरिया (आनंदानुभूति) महसूस करते हैं।

कोई दवा नहीं

कोई ऐप नहीं

सिर्फ बायोलॉजी

अब आपका मस्तिष्क खुद को साफ कर रहा है।
BDNF तेजी से बढ़ रहा है—यही आपकी याददाश्त, मूड और लर्निंग को सुधारता है।

72 घंटे बाद आपको क्या महसूस होगा:
आंतरिक शांति

तेज़ सोच

बाहरी व्याकुलताओं से दूरी

संतुलित डोपामिन स्तर

अब आप प्रतिक्रिया देना बंद करते हैं—और चुनाव करना शुरू करते हैं।

उपवास का असली लाभ क्या है?
लोग सोचते हैं उपवास भोजन का त्याग है,
लेकिन असली परिवर्तन मस्तिष्क में होता है।

यह आपके तनाव प्रतिक्रिया तंत्र को रीसेट करता है।

सोचिए:
अगर आप ओवरस्टिम्युलेशन से मुक्त हो जाएं तो आप क्या बन सकते हैं?

क्या खा सकते हैं 72 घंटे के उपवास में?
शुद्ध पानी (सादा या स्पार्कलिंग)

ब्लैक कॉफ़ी (बिना चीनी या क्रीम)

सादा हर्बल या ग्रीन टी

इलेक्ट्रोलाइट्स (बिना मिठास)
शुद्ध उपवास करने वाले सिर्फ पानी लेते हैं।

उपवास तोड़ना कैसे है?
सूप से शुरुआत करें

1 घंटे बाद—1-2 उबले अंडे या एवोकाडो लें

फिर 1 घंटे बाद—एक छोटा प्रोटीन और फैट वाला भोजन

कम से कम 24 घंटे तक कार्ब्स, चीनी और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें

अनुभव से सीखा गया:
"पहली बार 72 घंटे का उपवास करना कठिन होता है।
दूसरी बार चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन संभाल सकते हैं।
तीसरी बार, आपको खुद हैरानी होगी कि यह कितना आसान लगता है।"

शरीर सीखता है, और हर बार यह आसान होता जाता है।

और सबसे अच्छी बात?
लाभ धीरे-धीरे बढ़ते हैं।

निष्कर्ष:
72 घंटे का उपवास सिर्फ उपवास नहीं है—यह मस्तिष्क की मरम्मत है।
यह एक नशे से बाहर निकलने, मानसिक स्पष्टता पाने और जीवन में फिर से नियंत्रण पाने का तरीका है।

आप भी खाते हैं ईसबगोल की भूसी, तो जान लीजिए इसे खाने का सही तरीका और 1 दिन में कितना खाना है सही, तभी मिलेगा फायदाईसबगोल...
28/02/2026

आप भी खाते हैं ईसबगोल की भूसी, तो जान लीजिए इसे खाने का सही तरीका और 1 दिन में कितना खाना है सही, तभी मिलेगा फायदा

ईसबगोल (Psyllium husk) हार्ट मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह घुलनशील फाइबर का बेहतरीन स्रोत है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने, रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित करने और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम करने में मदद करता है।

हार्ट मरीजों के लिए ईसबगोल के मुख्य फायदे:

कोलेस्ट्रॉल कम करना: ईसबगोल में मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन तंत्र में कोलेस्ट्रॉल से जुड़ जाता है, जिससे यह रक्त में अवशोषित नहीं हो पाता और शरीर से बाहर निकल जाता है।

रक्तचाप नियंत्रण: इसमें उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी सहायक है।

पाचन और स्वास्थ्य: यह पाचन को सुचारू रखता है, कब्ज दूर करता है और मल त्याग को आसान बनाता है, जिससे दिल पर दबाव कम पड़ता है।

सेवन के निर्देश:
प्रतिदिन 1-2 चम्मच ईसबगोल को एक गिलास गुनगुने पानी या दूध में मिलाकर तुरंत पिएं।
इसे कभी भी सूखा नहीं खाना चाहिए।
इसे पीने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

27/02/2026
यह एक ऐसी स्थिति है जहां पुरुष को यौन उत्तेजना के बावजूद लिंग में पर्याप्त कठोरता नहीं आती या उसे बनाए रखने में कठिनाई ह...
31/10/2025

यह एक ऐसी स्थिति है जहां पुरुष को यौन उत्तेजना के बावजूद लिंग में पर्याप्त कठोरता नहीं आती या उसे बनाए रखने में कठिनाई होती है।

चिंता न करें, यह आम समस्या है और कई कारणों से हो सकती है (तनाव, हार्मोनल बदलाव, जीवनशैली, उम्र, आदि)। डॉक्टर की सलाह और सही उपचार से इसे प्रबंधित किया जा सकता है।

*आपके सवाल के लिए:*
1. *कारणों की जांच जरूरी है:* भले ही आपको कोई बीमारी न हो, फिर भी टेस्ट (हार्मोन, रक्त प्रवाह, मानसिक स्वास्थ्य) करवाएं।
2. *तंत्रा वर्कशॉप:* तंत्रा सेक्सुअल स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है, *लेकिन यह ED का इलाज नहीं है।* यह तनाव कम करने, संचार सुधारने, और अंतरंगता बढ़ाने में मदद करता है।
3. *अगले कदम:*
- *डॉक्टर (यूरोलॉजिस्ट/सेक्सोलॉजिस्ट)* से मिलें।
- जीवनशैली सुधारें: व्यायाम, नींद, पौष्टिक आहार, धूम्रपान/शराब बंद करें।
- तनाव प्रबंधन (ध्यान, योग)।
- *वर्कशॉप से पहले* डॉक्टर की सलाह लें।

*चेतावनी:* स्व-दवा या अंधविश्वास से बचें। पेशेवर मदद लें।

क्या आप डॉक्टर से संपर्क करना चाहते हैं, या तंत्रा वर्कशॉप ट्राई करना चाहते हैं?

भगवान धन्वंतरि का विवरण (Details of Lord Dhanvantari in Hindi) 🌿भगवान धन्वंतरि हिंदू धर्म में आयुर्वेद के देवता और भगवान...
15/10/2025

भगवान धन्वंतरि का विवरण (Details of Lord Dhanvantari in Hindi) 🌿

भगवान धन्वंतरि हिंदू धर्म में आयुर्वेद के देवता और भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। इन्हें “चिकित्सा और स्वास्थ्य के जनक” के रूप में भी सम्मान दिया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब अमृत कलश लेकर भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। उस समय उनके एक हाथ में अमृत का कलश और दूसरे हाथ में औषधियाँ (जड़ी-बूटियाँ) थीं।

भगवान धन्वंतरि का जन्मदिवस कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को माना जाता है, जिसे हम धनतेरस के रूप में मनाते हैं। इस दिन लोग उनके आराधना करते हैं ताकि उन्हें स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोगमुक्त जीवन का आशीर्वाद मिले।

भगवान धन्वंतरि के स्वरूप में वे नीलवर्ण (नीले रंग के शरीर) वाले होते हैं, जो पीताम्बर (पीले वस्त्र) धारण किए रहते हैं। उनके चार हाथ होते हैं — एक में शंख, दूसरे में चक्र, तीसरे में अमृत कलश, और चौथे में औषधि होती है। यह रूप भगवान विष्णु के समान ही दिव्य और तेजस्वी है।

आयुर्वेद शास्त्र में भगवान धन्वंतरि को ‘वैद्यराज’ कहा गया है — अर्थात सभी चिकित्सकों के राजा। कहा जाता है कि उन्होंने ही मानव जाति को स्वास्थ्य और उपचार के विज्ञान की शिक्षा दी। आज भी आयुर्वेदिक चिकित्सक अपने कार्य की शुरुआत भगवान धन्वंतरि की वंदना से करते हैं —

> “ओं नमो भगवते धन्वंतरये।
सुधामृत कलश हस्ताय, सर्वामय विनाशनाय।
त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नमः॥”

भगवान धन्वंतरि का संदेश यह है कि सच्चा धन स्वास्थ्य है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही सुख, सफलता और समृद्धि बसती है। 💫

I gained 1,200 followers and received 16 reactions in the past 90 days! Thank you all for your continued support. I coul...
15/10/2025

I gained 1,200 followers and received 16 reactions in the past 90 days! Thank you all for your continued support. I could not have done it without you. 🙏🤗🎉

07/04/2025

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