16/07/2026
कास (Cough) आयुर्वेद में कास रोग कहलाता है। यह मुख्यतः वात, पित्त और कफ दोषों के असंतुलन के कारण होता है। इसके प्रमुख लक्षणों में सूखी या बलगम वाली खाँसी, गले में खराश, छाती में भारीपन और बार-बार खाँसी आना शामिल हैं। आयुर्वेद में उपचार दोषानुसार किया जाता है, जिसमें अग्नि सुधारना, कफ का शमन या निष्कासन तथा वासा, यष्टिमधु, पिप्पली और तुलसी जैसी औषधियों का उपयोग किया जाता है।