30/05/2026
Sparsh Ayurveda and Panchakarma Centre Bhopal
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पैरालिसिस (Paralysis) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के किसी भाग या पूरे शरीर की मांसपेशियों की चलने-फिरने की क्षमता आंशिक या पूर्ण रूप से समाप्त हो जाती है। यह आमतौर पर मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) या नसों (Nerves) को क्षति पहुँचने के कारण होता है।
प्रमुख लक्षण
शरीर के एक तरफ या किसी अंग में कमजोरी
हाथ या पैर हिलाने में कठिनाई
बोलने में परेशानी
चेहरे का टेढ़ा होना
सुन्नपन या झुनझुनी
संतुलन बनाने में कठिनाई
निगलने में समस्या
संभावित कारण
स्ट्रोक (Brain Stroke)
सिर या रीढ़ की चोट
नसों के रोग
मस्तिष्क संक्रमण
ट्यूमर
कुछ न्यूरोलॉजिकल विकार
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद में पैरालिसिस को मुख्य रूप से पक्षाघात (Pakshaghata) कहा जाता है, जो वात दोष की विकृति के कारण उत्पन्न होता है। आयुर्वेद में पंचकर्म चिकित्सा जैसे अभ्यंग, स्वेदन, बस्ती, शिरोधारा और पिण्ड स्वेद के साथ औषधियों का उपयोग रोगी की स्थिति के अनुसार किया जाता है।
स्पर्श आयुर्वेद एवं पंचकर्म सेंटर, भोपाल
पक्षाघात (Paralysis) के आयुर्वेदिक प्रबंधन हेतु व्यक्तिगत परामर्श एवं पंचकर्म उपचार उपलब्ध।
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नोट: पैरालिसिस के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है, विशेषकर यदि अचानक कमजोरी, बोलने में कठिनाई या चेहरे का टेढ़ापन दिखाई दे।