12/07/2026
आज मन थोड़ा #खुश भी है... और थोड़ा #चिंतित भी।
आज हमने योग की एक महान शुद्धि क्रिया – “लघु शंख प्रक्षालन” पूर्णतः #निःशुल्क #आनलाइन करवाई।
इसकी सूचना कई दिनों पहले हमारे व्हाट्सऐप और फेसबुक समूहों में दी गई थी। फिर भी आज केवल 11 साधक ही पहुँचे।
इन 11 साधकों को मेरा #हृदय से #प्रणाम और धन्यवाद। 🙏
आपने केवल अपने #शरीर के लिए नहीं, बल्कि अपने #परिवार और #समाज के लिए भी एक #महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
आज हमारे संग 16 ओर 22 वर्ष की बेटियों और 75 वर्ष की माताजी ने भी साथ-साथ यह क्रिया की।
इससे एक बात फिर सिद्ध हुई कि स्वास्थ्य के लिए #उम्र नहीं, #जागरूकता और #संकल्प चाहिए।
लेकिन एक प्रश्न मन में बार-बार उठता है...
लगभग हर दिन किसी न किसी जघन्य अपराध की खबर सामने आती है।
उसके बाद वही घटना कई दिनों तक अलग-अलग वीडियो, रील, बहस और पोस्ट के रूप में बार-बार दिखाई जाती है।
क्या हमने कभी सोचा है कि हमारा मन प्रतिदिन किस प्रकार के विचारों से भर रहा है?
🧘🏻♀️योग कहता है—जैसा अन्न, वैसा तन... और जैसा चिंतन, वैसा जीवन।
यदि हर दिन मन में #भय, #हिंसा, #क्रोध और #नकारात्मकता ही भरी जाएगी, तो समाज में #शांति और #संवेदनशीलता कैसे बढ़ेगी?
क्यों न हम अच्छी बातों को भी उतनी ही जगह दें?
✔️एक व्यक्ति का स्वस्थ होना भी एक समाचार है।
✔️एक परिवार का योग अपनाना भी एक प्रेरणा है।
✔️एक युवा का नशे से दूर रहना भी एक उपलब्धि है।
✔️एक बुज़ुर्ग का 75 वर्ष की आयु में योग करना भी समाज के लिए संदेश है।
अगर लाखों लोग नकारात्मक खबरें साझा कर सकते हैं, तो लाखों लोग #स्वास्थ्य, #योग, #सेवा और #संस्कार भी साझा कर सकते हैं।
✔️रीलें बनाइए, लेकिन ऐसी जो किसी का जीवन बेहतर बनाएँ।
✔️कंटेंट बनाइए, लेकिन ऐसा जो मन को स्वस्थ करे।
क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य केवल अस्पतालों में नहीं सुधरेगा, बल्कि उस #वातावरण से #सुधरेगा जो हम #प्रतिदिन अपने #घरों, #मोबाइल और #समाज में बना रहे हैं।
❗️आइए, आज से एक छोटा-सा संकल्प लें—
नकारात्मकता देखने से पहले एक सकारात्मक कार्य करेंगे।
✔️डर फैलाने से पहले एक प्रेरणा फैलाएँगे।
✔️और केवल स्वस्थ रहने की बात नहीं करेंगे, बल्कि स्वस्थ समाज बनाने में अपना योगदान देंगे।
🙏योग का उद्देश्य केवल शरीर को लचीला बनाना नहीं, बल्कि #मन, #विचार और #समाज को भी #स्वस्थ बनाना है।
सप्रेम,
विनीता राजन
Founder – Yoga Therapy Kendra 🙏