19/05/2026
ब्रेस्ट कैंसर में टारगेट थेरेपी (Targeted Therapy) क्या होती है?
Breast Cancer में टारगेट थेरेपी एक आधुनिक इलाज है जिसमें ऐसी दवाइयाँ दी जाती हैं जो कैंसर कोशिकाओं के विशेष प्रोटीन, रिसेप्टर या जीन को पहचानकर उन पर हमला करती हैं।
यह सामान्य कीमोथेरेपी से अलग होती है क्योंकि यह मुख्यतः कैंसर सेल को निशाना बनाती है और सामान्य कोशिकाओं को कम नुकसान पहुँचाती है।
टारगेट थेरेपी क्यों की जाती है?
जब ब्रेस्ट कैंसर कोशिकाओं में कुछ विशेष रिसेप्टर या जीन पाए जाते हैं, तब डॉक्टर टारगेट थेरेपी देते हैं।
मुख्य लक्ष्य:
कैंसर की वृद्धि रोकना
कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना
कैंसर फैलने से रोकना
दोबारा होने की संभावना कम करना
रोगी की जीवन अवधि बढ़ाना
ब्रेस्ट कैंसर में कौन-कौन से टारगेट देखे जाते हैं?
1. HER2 Positive Breast Cancer
सबसे सामान्य टारगेट।
HER2 एक प्रोटीन है जो कैंसर कोशिकाओं की तेजी से वृद्धि कराता है।
यदि टेस्ट में HER2 अधिक आता है, तो HER2-targeted therapy दी जाती है।
उपयोगी दवाइयाँ
Trastuzumab (Herceptin)
Pertuzumab
Tucatinib
Lapatinib
Ado-trastuzumab emtansine
कैसे दी जाती है?
IV injection (नस के द्वारा)
कुछ दवाएँ टैबलेट रूप में
अक्सर कीमोथेरेपी के साथ
अवधि
लगभग 6 महीने से 1 वर्ष तक
2. Hormone Receptor Positive Breast Cancer
यदि कैंसर Estrogen या Progesterone hormone से बढ़ता है।
उपयोगी दवाइयाँ
Tamoxifen
Letrozole
Anastrozole
Fulvestrant
CDK4/6 Inhibitors
Palbociclib
Ribociclib
Abemaciclib
ये दवाएँ कैंसर कोशिकाओं की division रोकती हैं।
3. BRCA Mutation वाले मरीज
यदि BRCA1 या BRCA2 gene mutation हो।
उपयोगी दवाइयाँ
Olaparib
Talazoparib
इनको PARP inhibitors कहा जाता है।
Targeted Therapy शुरू करने से पहले कौन-कौन से टेस्ट होते हैं?
आवश्यक जांच
Biopsy
HER2 test
ER/PR receptor test
Genetic test (BRCA)
CT scan / PET scan
Blood test
Heart function test (ECHO)
HER2 therapy से पहले हृदय की जांच जरूरी होती है क्योंकि कुछ दवाएँ दिल पर असर डाल सकती हैं।
टारगेट थेरेपी कैसे दी जाती है?
उपचार की प्रक्रिया
Step 1 – Diagnosis
कैंसर की पुष्टि biopsy से।
Step 2 – Biomarker Testing
HER2, ER, PR, BRCA आदि की जांच।
Step 3 – Treatment Planning
Oncologist तय करता है कौन-सी targeted drug देनी है।
Step 4 – Drug Administration
IV infusion
Injection
Oral tablets
Step 5 – Monitoring
हर कुछ सप्ताह में:
Blood tests
Scan
Side effects की जांच
टारगेट थेरेपी के फायदे
सामान्य कोशिकाओं को कम नुकसान
बेहतर परिणाम
कैंसर की growth कम
Survival rate बढ़ सकता है
Recurrence कम हो सकता है
दुष्प्रभाव (Side Effects)
दवा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
सामान्य दुष्प्रभाव
कमजोरी
मतली
दस्त
बाल पतले होना
त्वचा पर रैश
भूख कम लगना
गंभीर दुष्प्रभाव
Heart problem
Liver damage
Infection risk
Lung inflammation
यदि सांस फूलना, सीने में दर्द या तेज बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या टारगेट थेरेपी पूरी तरह कैंसर खत्म कर देती है?
यह कैंसर के प्रकार और स्टेज पर निर्भर करता है।
शुरुआती स्टेज में cure संभव हो सकता है।
Advanced stage में यह बीमारी को नियंत्रित करने और जीवन बढ़ाने में मदद करती है।
टारगेट थेरेपी और कीमोथेरेपी में अंतर
Targeted Therapy
Chemotherapy
केवल कैंसर सेल को निशाना
सभी तेजी से बढ़ने वाली कोशिकाओं पर असर
कम दुष्प्रभाव
ज्यादा दुष्प्रभाव
Specific protein target
General treatment
Personalized treatment
Broad treatment
बचाव (Prevention)
नियमित breast screening
Self breast examination
शराब और धूम्रपान से बचें
वजन नियंत्रित रखें
नियमित व्यायाम
परिवार में history हो तो genetic counseling
महत्वपूर्ण बात
हर ब्रेस्ट कैंसर मरीज को टारगेट थेरेपी नहीं दी जाती।
यह तभी दी जाती है जब टेस्ट में specific target (जैसे HER2, BRCA) पाया जाए।
इलाज हमेशा कैंसर विशेषज्ञ (Oncologist) की सलाह से ही लेना चाहिए।