Gautam Buddha Chikitsa Mahavidhyalaya & Dr.KKBM Subharti Hospital

Gautam Buddha Chikitsa Mahavidhyalaya & Dr.KKBM Subharti Hospital Dr. K.K. Bhatnagar Memorial Hospital is an associated teaching hospital of GBCM Dehradun

देहरादून। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून में मरीजों को बेहतर स्वास...
09/09/2026

देहरादून। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य, शारीरिक गतिशीलता एवं गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में विशेष पहल की गई। इस अवसर पर अस्पताल में फिजियोथेरेपी विभाग का विधिवत उद्घाटन किया गया। विभाग का उद्घाटन अस्पताल के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार मेहता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. (लेफ्टिनेंट कर्नल) राहुल शुक्ला, फिजियोथेरेपी प्रभारी डॉ. रुचित खेड़ा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदित्य मोंगिया, प्रचार-प्रसार प्रमुख डॉ. प्रशान्त कुमार भटनागर एवं एस.एस.ओ. श्री जितेंद्र त्यागी द्वारा किया गया। इस दौरान फिजियोथेरेपी विभाग की विशेषज्ञ टीम डॉ. पल्लवी राणा, डॉ. शालिनी एवं डॉ. ज़र शमन मलिक भी उपस्थित रहीं।

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के उपलक्ष्य में अस्पताल की ओर से 7 सितंबर से 12 सितंबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सभी मरीजों के लिए निःशुल्क फिजियोथेरेपी परामर्श एवं ओ.पी.डी. आधारित पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य लोगों को फिजियोथेरेपी के महत्व के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को विशेषज्ञ सलाह और आवश्यक उपचार सुविधाएं प्रदान करना है।

इस अवसर पर अस्पताल के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार मेहता ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में फिजियोथेरेपी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। किसी बीमारी, चोट अथवा सर्जरी के बाद मरीज को पूरी तरह सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए केवल चिकित्सा उपचार ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उचित पुनर्वास भी आवश्यक है। फिजियोथेरेपी शरीर की गतिशीलता, मांसपेशियों की कार्यक्षमता और दैनिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में फिजियोथेरेपी विभाग की शुरुआत मरीजों को एक ही स्थान पर समग्र एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. (लेफ्टिनेंट कर्नल) राहुल शुक्ला ने कहा कि फिजियोथेरेपी चिकित्सा उपचार और पुनर्वास के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। दुर्घटना या चोट के बाद, सर्जरी के पश्चात, जोड़ों एवं मांसपेशियों की समस्याओं तथा लंबे समय से चले आ रहे दर्द में फिजियोथेरेपी मरीज की रिकवरी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने कहा कि समय पर उचित फिजियोथेरेपी शुरू होने से मरीज की कार्यक्षमता में सुधार के साथ उसे जल्द से जल्द सामान्य दिनचर्या में लौटने में सहायता मिल सकती है। अस्पताल का प्रयास है कि मरीजों को उपचार के साथ बेहतर पुनर्वास की सुविधा भी उपलब्ध हो।

एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदित्य मोंगिया ने कहा कि फिजियोथेरेपी को मरीज की उपचार प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा माना जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सही मूल्यांकन और मरीज की आवश्यकता के अनुरूप तैयार की गई पुनर्वास योजना से उपचार के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी मरीज को दर्द से राहत देने के साथ-साथ उसकी शारीरिक क्षमता, संतुलन, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

फिजियोथेरेपी प्रभारी डॉ. रुचित खेड़ा ने बताया कि विभाग में मरीजों की समस्या का विशेषज्ञ मूल्यांकन कर उनकी आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिगत फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज की शारीरिक स्थिति और समस्या अलग होती है, इसलिए उपचार भी उसकी जरूरत के अनुसार होना चाहिए। सही समय पर शुरू की गई फिजियोथेरेपी दर्द को नियंत्रित करने, शरीर की गतिशीलता बढ़ाने, मांसपेशियों को मजबूत करने और कार्यक्षमता में सुधार करने में काफी प्रभावी साबित हो सकती है।

उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के दौरान कमर एवं गर्दन के दर्द, घुटने एवं अन्य जोड़ों की समस्याओं, खेल अथवा अन्य चोटों, सर्जरी के बाद पुनर्वास, पोश्चर संबंधी समस्याओं, मांसपेशियों की कमजोरी, स्ट्रेचिंग एवं एंड्यूरेंस से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही मरीजों को आवश्यकता के अनुसार व्यायाम, सही पोश्चर, दैनिक गतिविधियों में सावधानियों तथा घर पर किए जाने वाले आवश्यक अभ्यासों के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

फिजियोथेरेपी विभाग की विशेषज्ञ टीम में डॉ. पल्लवी राणा, डॉ. शालिनी एवं डॉ. ज़र शमन मलिक द्वारा भी मरीजों को आवश्यक परामर्श एवं फिजियोथेरेपी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार फिजियोथेरेपी केवल दर्द कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मरीज की संपूर्ण शारीरिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने की प्रक्रिया है। नियमित एवं सही तरीके से किए गए व्यायाम और थेरेपी के माध्यम से मांसपेशियों की ताकत, संतुलन, लचीलापन एवं गतिशीलता में सुधार किया जा सकता है।

एस.एस.ओ. श्री जितेंद्र त्यागी ने विभाग के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि अस्पताल में फिजियोथेरेपी विभाग की शुरुआत मरीजों के लिए एक उपयोगी सुविधा के रूप में सामने आएगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में उपचार के साथ पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। फिजियोथेरेपी सेवाओं की उपलब्धता से मरीजों को बेहतर एवं समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायता मिलेगी।

प्रचार-प्रसार प्रमुख डॉ. प्रशान्त कुमार भटनागर ने कहा कि विश्व फिजियोथेरेपी दिवस लोगों को अपने शारीरिक स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लंबे समय तक बैठकर काम करना, मोबाइल एवं कंप्यूटर का अधिक इस्तेमाल, शारीरिक गतिविधियों में कमी और गलत पोश्चर जैसी आदतों के कारण कम उम्र में भी कमर, गर्दन, कंधे, घुटने और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में नियमित शारीरिक गतिविधि और सही पोश्चर अपनाने के साथ आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी परामर्श लेना बेहद उपयोगी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी का दायरा केवल चोट या दर्द के उपचार तक सीमित नहीं है। यह सर्जरी के बाद शीघ्र एवं सुरक्षित पुनर्वास, मांसपेशियों की कार्यक्षमता में सुधार, शरीर की गतिशीलता बढ़ाने, शारीरिक क्षमता को बनाए रखने तथा मरीज के आत्मनिर्भर जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लंबे समय से किसी प्रकार के दर्द, जकड़न, चलने-फिरने में परेशानी या चोट के बाद बनी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय रहते विशेषज्ञ की सलाह लें।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों एवं फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों ने कहा कि किसी भी मरीज के लिए उपचार का अंतिम उद्देश्य केवल बीमारी या दर्द को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि उसे यथासंभव सामान्य और सक्रिय जीवन में वापस लाना होना चाहिए। इसी दृष्टिकोण के साथ सुभारती अस्पताल में फिजियोथेरेपी विभाग को विकसित किया गया है, जहां मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श के साथ व्यवस्थित पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार विशेष अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक फिजियोथेरेपी के लाभों की जानकारी पहुंचाने और उन्हें अपने शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। 7 से 12 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में निःशुल्क फिजियोथेरेपी परामर्श एवं ओ.पी.डी. पुनर्वास सेवाओं का लाभ मरीज उठा सकते हैं।

क्या आप या आपके परिवार में कोई कमर दर्द, घुटनों के दर्द या किसी पुरानी चोट से परेशान है? 🦴⚡विश्व फिजियोथेरेपी दिवस (Worl...
07/09/2026

क्या आप या आपके परिवार में कोई कमर दर्द, घुटनों के दर्द या किसी पुरानी चोट से परेशान है? 🦴⚡

विश्व फिजियोथेरेपी दिवस (World Physiotherapy Day) के खास मौके पर डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, देहरादून आपके लिए लाया है मुफ्त फिजियोथेरेपी परामर्श (FREE Consultation) और OPD रीहैबिलिटेशन सुविधाएं! 🩺✨

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🌸 शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌸जो हमें पढ़ना सिखाते हैं,वही हमें जीवन को बेहतर ढंग से जीना भी सिखाते हैं। 📚❤️इस शि...
05/09/2026

🌸 शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌸

जो हमें पढ़ना सिखाते हैं,
वही हमें जीवन को बेहतर ढंग से जीना भी सिखाते हैं। 📚❤️

इस शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों, मार्गदर्शकों एवं चिकित्सा क्षेत्र के गुरुओं को नमन एवं हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏

डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा
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🪈 May Lord Krishna bless you with health, joy, and prosperity this Janmashtami! ✨Your family’s health is our top priorit...
04/09/2026

🪈 May Lord Krishna bless you with health, joy, and prosperity this Janmashtami! ✨

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देहरादून। 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून के नेत्र रोग विभ...
04/09/2026

देहरादून। 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून के नेत्र रोग विभाग की ओर से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्किल लैब में आयोजित कार्यक्रम में एमबीबीएस एवं बी.ऑप्टोमेट्री के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए नेत्रदान के महत्व को समझा और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में नेत्रदान के महत्व, इसकी आवश्यकता तथा नेत्रदान के माध्यम से दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में एमबीबीएस वर्ष 2022, 2023, 2024 एवं 2025 तथा बी.ऑप्टोमेट्री के विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
इस अवसर पर नेत्रदान विषय पर फ्री स्केच एवं चार्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपने रचनात्मक विचारों के माध्यम से नेत्रदान की उपयोगिता एवं इसके सामाजिक महत्व को दर्शाया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को भी प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। रनर-अप प्रतिभागियों को भी पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ‘समाज में नेत्रदान का महत्व एवं जागरूकता’ विषय पर विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। साथ ही नवीनतम कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन तकनीकों से संबंधित वीडियो का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नेत्रदान किसी व्यक्ति के जीवन के बाद भी दूसरे व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाने का माध्यम बन सकता है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नेत्रदान जागरूकता पर आधारित लघु नाटिका रही। नाटिका के माध्यम से नेत्रदान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों एवं सदस्यों ने नेत्रदान की औपचारिक शपथ ली और समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के आयोजन को विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी एवं मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
कार्यक्रम में नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. यूसुफ़ रिज़वी, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. तृप्ति मोंगिया, डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ. मनीषा, डॉ. ललित सुन्दरियाल, डॉ. राहुल शुक्ला, डॉ. प्रशांत भटनागर सहित संस्थान के अधिकारी, विभागाध्यक्ष, चिकित्सक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। नेत्र रोग विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने नेत्रदान के संदेश को प्रभावी रूप से सामने रखा।
onForAll

देहरादून। आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार एवं जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से डॉ. के...
04/09/2026

देहरादून। आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार एवं जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून की ओर से हॉपटाउन गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल, राजावाला रोड, सेलाकुई, सेंट्रल होप टाउन में फर्स्ट-एड एवं कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) संबंधित प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देहरादून सेंट्रल रोटरी क्लब के सहयोग से आयोजित हुआ ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुभारती अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार के महत्व तथा सीपीआर की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। टीम ने बताया कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने, सांस लेने में परेशानी होने अथवा अन्य आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक सही प्राथमिक कदम उठाना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
प्रशिक्षण के दौरान सुभारती अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वीडी सेमवाल तथा वरिष्ठ ईएमटी श्री पंकज जुयाल द्वारा प्राथमिक उपचार (फर्स्ट-एड), सर्पदंश एवं सी०पी०आर० से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी के साथ-साथ रेससिटेशन से संबंधित उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया। प्रतिभागियों को आपात स्थिति में प्राथमिक स्तर पर किए जाने वाले आवश्यक उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इस अवसर पर हॉपटाउन गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमती सुप्रिया श्रीवास्तव ने सुभारती अस्पताल की टीम का स्वागत करते हुए फर्स्ट-एड एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं विद्यालय के स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार एवं जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी होना बेहद उपयोगी है। इस प्रकार के प्रशिक्षण से न केवल आपात स्थिति में सही कदम उठाने का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति को तत्काल सहायता भी प्रदान की जा सकती है।
इस अवसर पर सुभारती अस्पताल के प्रचार-प्रसार प्रमुख डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर ने कहा कि प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर का ज्ञान केवल चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए भी बेहद उपयोगी है। आपात स्थिति में सही समय पर उठाया गया एक छोटा कदम भी किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का आत्मविश्वास विकसित करने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में देहरादून सेंट्रल रोटरी क्लब की अध्यक्षा श्रीमती अंजना सहानी तथा सचिव श्री पुष्प गर्ग ने कहा कि स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने से विद्यार्थियों एवं स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए तैयार किया जा सकता है।
हॉपटाउन गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल की ऐक्टिविटी को-ऑर्डिनटोर श्रीमती पिंकी भाटिया ने कहा कि प्रतिभागियों ने फर्स्ट-एड एवं सीपीआर से संबंधित जानकारी में रुचि दिखाई और विशेषज्ञ टीम से आपातकालीन चिकित्सा से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। सुभारती अस्पताल की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्वास्थ्य जागरूकता एवं आपातकालीन जीवनरक्षक कौशल के प्रसार की दिशा में उन्होंने एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया। कार्यक्रम में सुभारती अस्पताल के समन्वयक श्री सनी धीमान तथा श्री अक्षित बहुगुणा का योगदान रहा । Hopetown Girls' School

🌡️ मौसम के साथ सेहत का रखें खास ख्याल! 🌡️मौसम बदलते ही इन्फ्लुएंजा/मौसमी फ्लू का खतरा बढ़ जाता है। सही रोकथाम ही इस बीमा...
01/09/2026

🌡️ मौसम के साथ सेहत का रखें खास ख्याल! 🌡️

मौसम बदलते ही इन्फ्लुएंजा/मौसमी फ्लू का खतरा बढ़ जाता है। सही रोकथाम ही इस बीमारी से बचने का सबसे आसान तरीका है:

✅ खांसते/छींकते समय मुंह ढकें
✅ साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं
✅ खुद से दवाइयां (Self-medication) लेने से बचें
✅ लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें

"जल्दी जांच, जीवन की रक्षा।"

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🚨 Don't let Seasonal Flu put your family's health on hold! 🚨Seasonal Flu is more than just a regular cold—it is highly c...
31/08/2026

🚨 Don't let Seasonal Flu put your family's health on hold! 🚨

Seasonal Flu is more than just a regular cold—it is highly contagious and can lead to severe health risks, especially for infants, senior citizens, pregnant women, and those with underlying conditions.

Early detection is key to a fast and smooth recovery. Remember, Early Investigation Saves Lives! 🛡️

If you or your loved ones are experiencing symptoms like high fever, cough, sore throat, or body aches:
❌ Avoid self-medication
✅ Consult our medical experts immediately

🏥 Gautam Buddha Chikitsa Mahavidyalaya & Subharti Hospital is here to deliver trusted, round-the-clock healthcare.

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Take action before it's too late—your health is our priority!

देहरादून। वरिष्ठ नागरिकों को उनके नजदीक गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आंखों से संबंधित समस्याओं ...
26/08/2026

देहरादून। वरिष्ठ नागरिकों को उनके नजदीक गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आंखों से संबंधित समस्याओं की समय पर पहचान एवं उचित चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करने के उद्देश्य से एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में सुभारती अस्पताल कि चिकित्स्य टीम एवं देव ऋषि एजुकेशन सोसाइटी द्वारा विशेष नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में सुभारती अस्पताल की ओर से गठित मेडिकल टीम ने पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों की नेत्र संबंधी जांच की तथा उनकी स्वास्थ्य समस्याओं को सुनते हुए आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। शिविर में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रवि कंसल के नेतृत्व में नेत्र जांच एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। ऑप्टोमेट्रिस्ट सुश्री पूजा एवं नर्सिंग स्टाफ सुश्री सीतू चौहान ने भी शिविर के दौरान मरीजों की जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहयोग किया।
शिविर के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को आंखों की नियमित जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान के साथ-साथ मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार आगे की जांच एवं उपचार के संबंध में आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई। चिकित्सकीय टीम ने लोगों को आंखों से संबंधित किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने तथा समय-समय पर नेत्र परीक्षण कराने के लिए प्रेरित किया।
शिविर की व्यवस्थाओं एवं आयोजन में सुभारती अस्पताल के मार्केटिंग स्टाफ श्री अंशुल धीमान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं अस्पताल की सहयोगी टीम से सहायक श्री आयुष ने शिविर के सुचारू संचालन में सहयोग प्रदान किया। शिविर का समन्वय श्री मेनन कुमार चमोली द्वारा किया गया।
सुभारती अस्पताल की मेडिकल टीम द्वारा आयोजित इस विशेष नेत्र शिविर का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके नजदीक नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान करना तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित चिकित्सा सुविधा के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रचार-प्रसार प्रमुख डॉ. प्रशान्त कुमार भटनागर ने कहा कि सुभारती अस्पताल द्वारा भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा जांच शिविरों के माध्यम से लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि लोगों को बीमारी की रोकथाम, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित यह विशेष नेत्र जांच शिविर समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा लोगों को समय पर नेत्र जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

देहरादून, 25 अगस्त 2026। गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून में मंगलव...
25/08/2026

देहरादून, 25 अगस्त 2026। गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा, देहरादून में मंगलवार को राज्य त्रैमासिक गंभीर एईएफआई (टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाएं) मामलों के आकलन एवं कारण-सम्बंध समीक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में टीकाकरण के बाद सामने आने वाली गंभीर प्रतिकूल घटनाओं से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा, चिकित्सकीय आकलन तथा उनके संभावित कारणों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में राज्य टीकाकरण सलाहकार डॉ तेजस्वी अग्रवाल, डॉ रितिक अग्रवाल, डॉ मीनाक्षी राणा सहित नामित राज्य गंभीर ए.ई.एफ.आई समीक्षा समिति के सदस्यों ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से डॉ विकास शर्मा, यूनिसेफ सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं राज्य स्तर के अधिकारी और विशेषज्ञ भी बैठक में शामिल हुए। बाहरी संस्थाओं से लगभग 30 प्रतिनिधियों ने बैठक में प्रतिभाग किया।
सुभारती अस्पताल एवं गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय की ओर से डॉ बीपी कालरा, डॉ सुबोध, डॉ अनुज्ञा अग्रवाल, औषधि विज्ञान विभाग, सामुदायिक चिकित्सा विभाग तथा बाल चिकित्सा विभाग सहित संबंधित विभागों के चिकित्सकों, विशेषज्ञों एवं संकाय सदस्यों ने बैठक में सहभागिता की। बैठक में समिति के सदस्यों सहित लगभग 30 प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
बैठक के दौरान गंभीर एईएफआई मामलों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा उपलब्ध चिकित्सकीय अभिलेखों, जांच रिपोर्टों एवं अन्य संबंधित तथ्यों के आधार पर उनका वैज्ञानिक एवं विस्तृत आकलन किया गया। विशेषज्ञों ने मामलों के कारण-सम्बंध निर्धारण की प्रक्रिया, एईएफआई मामलों की समयबद्ध रिपोर्टिंग, निगरानी व्यवस्था तथा टीकाकरण सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. जया पांडे मोहापात्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बैठक में उपस्थित समिति के सदस्यों, राज्य स्तरीय अधिकारियों, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा सुभारती के विभिन्न विभागों के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों का स्वागत किया।
बैठक का उद्देश्य राज्य में टीकाकरण कार्यक्रम की सुरक्षा एवं गुणवत्ता को सुदृढ़ करना, गंभीर एईएफआई मामलों की वैज्ञानिक समीक्षा सुनिश्चित करना तथा प्रभावी निगरानी एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाना रहा।
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