Navjeevan Manorog & Nasha Mukti Clinic

Navjeevan Manorog & Nasha Mukti Clinic हमारे यहाँ सभी प्रकार के मानसिक रोग (मनोरोग) और नशा मुक्ति का उचित व आधुनिक पद्धति से इलाज किया जाता

06/06/2026

(Part -1) ओपिओइड (Opioid) अफीम एवं उसके अन्य रूप जैसे स्मैक, चिट्टा, डोडा, भुककी, कोकेन, ब्राउन शूगर इत्यादि की निर्भरता: पहचान, लक्षण और उपचार

नमस्कार!

मैं डॉ. ___हेमंत कटारिया _____, मनोचिकित्सक (Psychiatrist), अपने लंबे अनुभव के आधार पर आज आपसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय “ओपिओइड निर्भरता” के बारे में बात करना चाहता हूँ।

ओपिओइड ऐसे पदार्थ हैं जिनका उपयोग दर्द कम करने के लिए किया जाता है। इनमें मॉर्फीन, ट्रामाडोल, कोडीन, हेरोइन, स्मैक और अन्य नशीले पदार्थ शामिल हैं। शुरुआत में व्यक्ति इनका उपयोग दर्द से राहत या नशे के अनुभव के लिए करता है, लेकिन धीरे-धीरे शरीर और मस्तिष्क इन पदार्थों के आदी हो जाते हैं। इस स्थिति को ओपिओइड निर्भरता या Opioid Dependence कहा जाता है।

जब व्यक्ति लंबे समय तक ओपिओइड का सेवन करता है, तो उसे पहले जैसा प्रभाव पाने के लिए अधिक मात्रा की आवश्यकता पड़ने लगती है। धीरे-धीरे उसका जीवन, परिवार, कामकाज और स्वास्थ्य इस नशे से प्रभावित होने लगते हैं।

यदि ऐसा �

03/06/2026

(Part -2) नमस्कार। मैं एक मनोचिकित्सक के रूप में आज धूम्रपान यानी स्मोकिंग के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा करना चाहता हूँ।

सिगरेट, बीड़ी या अन्य तंबाकू उत्पादों में निकोटिन नामक एक रसायन होता है। जब कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तो निकोटिन कुछ ही सेकंड में मस्तिष्क तक पहुँचकर थोड़ी देर के लिए आराम, खुशी और तनाव में कमी का अनुभव कराता है। यही कारण है कि व्यक्ति बार-बार धूम्रपान करने लगता है।

लेकिन समय के साथ शरीर और मस्तिष्क निकोटिन के आदी हो जाते हैं। इसे निकोटिन निर्भरता या एडिक्शन कहा जाता है। धीरे-धीरे व्यक्ति को पहले जैसा प्रभाव पाने के लिए अधिक सिगरेट की आवश्यकता पड़ने लगती है।

धूम्रपान के दुष्प्रभाव बहुत गंभीर हो सकते हैं। इससे फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रॉनिक खांसी, सांस फूलना और फेफड़ों की क्षमता में कमी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इसके अलावा यह परिवार के सदस्यों को भी प्रभावित करता है, क्योंकि सेकंड-हैंड स्मोक भ

02/06/2026

(Part-1) नमस्कार। मैं एक मनोचिकित्सक के रूप में आज धूम्रपान यानी स्मोकिंग के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा करना चाहता हूँ।

सिगरेट, बीड़ी या अन्य तंबाकू उत्पादों में निकोटिन नामक एक रसायन होता है। जब कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तो निकोटिन कुछ ही सेकंड में मस्तिष्क तक पहुँचकर थोड़ी देर के लिए आराम, खुशी और तनाव में कमी का अनुभव कराता है। यही कारण है कि व्यक्ति बार-बार धूम्रपान करने लगता है।

लेकिन समय के साथ शरीर और मस्तिष्क निकोटिन के आदी हो जाते हैं। इसे निकोटिन निर्भरता या एडिक्शन कहा जाता है। धीरे-धीरे व्यक्ति को पहले जैसा प्रभाव पाने के लिए अधिक सिगरेट की आवश्यकता पड़ने लगती है।

धूम्रपान के दुष्प्रभाव बहुत गंभीर हो सकते हैं। इससे फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रॉनिक खांसी, सांस फूलना और फेफड़ों की क्षमता में कमी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इसके अलावा यह परिवार के सदस्यों को भी प्रभावित करता है, क्योंकि सेकंड-हैंड स्मोक भ

आज ही संपर्क करें .....नवजीवन मनोरोग एवं नशा मुक्ति क्लिनिक
01/06/2026

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01/06/2026

"नशा आपको नहीं, आप नशे को खत्म करें। याद रखिए, घर पर कोई आपका इंतज़ार कर रहा है। 🏠🙏"
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01/06/2026

Say To No Drugs....
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01/06/2026

अंधेरे से उजाले की ओर... नशे की बेड़ियों को तोड़कर अपनी आज़ादी चुनें। 🕊️ "
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01/06/2026

"नशे से मुक्ति, एक स्वस्थ जीवन की शुरुआत। हमारे यहाँ सुरक्षित, गोपनीय और असरदार इलाज के ज़रिए एक नया जीवन पाएं। 🙏💼 "

क्या आप जानते हैं? भारत में लगभग 5.6 करोड़ (56 Million) लोग किसी न किसी रूप में डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रहे हैं। 📉​डिप्र...
30/05/2026

क्या आप जानते हैं? भारत में लगभग 5.6 करोड़ (56 Million) लोग किसी न किसी रूप में डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रहे हैं। 📉
​डिप्रेशन केवल एक 'उदास मन' नहीं है, बल्कि एक गंभीर मानसिक स्थिति है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डिप्रेशन का इलाज संभव है (Depression is Preventable & Treatable)! अगर आप या आपका कोई अपना इस मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। इससे बाहर निकलने के लिए ये 4 कदम उठाएं:
​1️⃣ लक्षणों को पहचानें (Recognize the Signs): लगातार उदासी, काम में मन न लगना और हमेशा थकान महसूस होना।
2️⃣ प्रोफेशनल मदद लें (Seek Professional Help): सही समय पर डॉक्टर से सलाह लें।
3️⃣ बीमारी को स्वीकार करें (Accept Your Illness): मानसिक बीमारी भी शारीरिक बीमारी की तरह ही है, इसे छुपाएं नहीं।
4️⃣ उम्मीद कभी न छोड़ें (Don't Lose Hope): सही इलाज और काउंसलिंग से एक खुशहाल जीवन वापस पाया जा सकता है।
​👨‍⚕️ डॉ. हेमंत कटारिया (MBBS, DPM)
कंसलटेंट साइकियाट्रिस्ट, नशा मुक्ति विशेषज्ञ एवं साइकोथेरेपिस्ट
नवजीवन मनोरोग एवं नशा मुक्ति क्लीनिक
​मदद के लिए हाथ बढ़ाने में संकोच न करें। आज ही हमारे क्लीनिक से संपर्क करें और एक सकारात्मक शुरुआत करें। 🌟

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