Ram Kripal Saroj

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17/12/2025

Truth Of Packaged Food Industry ..
ये दिल मांगे ....Once More

17/12/2025

Visceral Fat is More Dangerous,It's Affecting & Restrict Vital Organ 🫀🫁 Function ...
फैट अपने आप में महामारी से कम नहीं है। ओवर फैट्स के साथ स्वस्थ रहना संभव नहीं है।
Loose Your Excess Fat...

24/10/2025



काली गर्दन या गर्दन पर मस्से संकेत है आपका शुगर लेवल बढ़ने वाला है।
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पैरालिसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के एक या अधिक हिस्सों में मांसपेशियों की गति और संवेदना का नुकसान होता है। पैरालि...
11/10/2025

पैरालिसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के एक या अधिक हिस्सों में मांसपेशियों की गति और संवेदना का नुकसान होता है।

पैरालिसिस के प्रकार
1. * #मस्तिष्क #पक्षाघात (Serebral palsy)*: यह एक जन्मजात विकार है जो मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करता है और मांसपेशियों की गति और समन्वय को प्रभावित कर सकता है।
2. * #पक्षाघात (Hemiplegia)*: यह शरीर के एक तरफ के हिस्से में मांसपेशियों की गति और संवेदना का नुकसान होता है, आमतौर पर स्ट्रोक या मस्तिष्क की चोट के कारण।
3. * #पैराप्लेजिया (Paraplegia)*: यह दोनों पैरों में मांसपेशियों की गति और संवेदना का नुकसान होता है, आमतौर पर रीढ़ की हड्डी की चोट के कारण।
4. * #क्वाड्रिप्लेजिया (Quadriplegia)*: यह शरीर के सभी चार अंगों में मांसपेशियों की गति और संवेदना का नुकसान होता है, आमतौर पर रीढ़ की हड्डी की गंभीर चोट के कारण।

पैरालिसिस के कारण
- * #स्ट्रोक*: मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में रुकावट या रक्तस्राव।
- * #मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की चोट*: दुर्घटना या आघात के कारण मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी को नुकसान।
- * #न्यूरोलॉजिकल विकार*: जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसंस रोग, या मोटर न्यूरॉन रोग।
- * #संक्रमण*: जैसे मेनिन्जाइटिस या एन्सेफलाइटिस।
- *जन्मजात विकार*: जैसे सेरेब्रल पाल्सी।

पैरालिसिस के लक्षण
- #मांसपेशियों की #कमजोरी या #पक्षाघात*: शरीर के एक या अधिक हिस्सों में मांसपेशियों की गति और संवेदना का नुकसान।
- * #संतुलन और #पाचन #समन्वय में समस्याएं*: चलने, खड़े होने या अन्य गतिविधियों में कठिनाई।
- * #संवेदना में #कमी*: शरीर के प्रभावित हिस्सों में स्पर्श, दर्द या तापमान की संवेदना में कमी।
- * #मांसपेशियों में #ऐंठन ।
। जूस


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Nutrion Councellor
Ram Kripal Saroj
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  लिवर (यकृत) मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन तंत्र और चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शरीर के सबस...
11/10/2025



लिवर (यकृत) मानव शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन तंत्र और चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शरीर के सबसे बड़े और सबसे जटिल अंगों में से एक है, जो कई महत्वपूर्ण कार्य करता है।

लिवर के कार्य
1. *विषाक्त पदार्थों को निकालना*: लिवर शरीर से विषाक्त पदार्थों और जहर को निकालने में मदद करता है।
2. * #पाचन*: लिवर पित्त का उत्पादन करता है, जो वसा के पाचन में मदद करता है।
3. * #चयापचय*: लिवर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. * #भंडारण*: लिवर ग्लाइकोजन के रूप में ऊर्जा का भंडारण करता है और आवश्यकता होने पर इसे रक्त में छोड़ता है।
5. * #प्रोटीन #संश्लेषण*: लिवर विभिन्न प्रोटीनों का संश्लेषण करता है जो रक्त के थक्के जमने और अन्य कार्यों में मदद करते हैं।

लिवर की समस्याएं
1. * #हेपेटाइटिस*: लिवर की सूजन, जो वायरस, दवाओं या अन्य कारणों से हो सकती है।
2. * #सिरोसिस*: लिवर की क्षति, जिससे लिवर का कार्य प्रभावित होता है।
3. * #लिवर #कैंसर*: लिवर में कैंसर का विकास होना।
4. * #फैटी #लिवर*: लिवर में वसा का जमाव, जो मधुमेह और मोटापे से जुड़ा हो सकता है।
एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर में अत्यधिक वसा का जमाव होता है। यह स्थिति दो प्रकार की होती है:

1. #नॉन- #अल्कोहलिक #फैटी #लीवर डिजीज
एनएएफएलडी उन लोगों में होता है जो अधिक शराब नहीं पीते हैं। इसका मुख्य कारण मोटापा, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्तचाप होता है।

2. अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज
एएफएलडी उन लोगों में होता है जो अत्यधिक शराब का सेवन करते हैं। शराब के सेवन से लिवर में वसा का जमाव बढ़ सकता है।
फैटी लीवर के शुरुआती चरणों में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते हैं। जैसे-जैसे स्थिति गंभीर होती है, लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:
- #थकान और #कमजोरी*
- * #पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में #दर्द*
- * #वजन में #कमी*
- * #भूख #न #लगना*
- *त्वचा और आंखों का पीला पड़ना ( #जौंडिस)*
#पीलिया
फैटी लीवर के #कारण
- * #मोटापा*
- * #मधुमेह*
- * #उच्च #कोलेस्ट्रॉल*
- * #उच्च #रक्तचाप*
- * #अत्यधिक #शराब का #सेवन*
- *अस्वस्थ आहार और शारीरिक गतिविधि की कमी*

फैटी लीवर का इलाज
- *वजन कम करना*: वजन कम करने से लिवर में वसा का जमाव कम हो सकता है।
- *स्वस्थ आहार*: संतुलित आहार लेना जिसमें फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों।
- *नियमित व्यायाम*: नियमित शारीरिक गतिविधि करना।
- *शराब का सेवन कम करना*: शराब का सेवन कम करना या पूरी तरह से बंद करना।
- *मधुमेह और उच्च कोलेस्ट्रॉल का प्रबंधन*:
#सप्लीमेंट का इस्तेमाल
#लीवर वन # लिवो वन जूस
इन स्थितियों का प्रबंधन करने से लिवर की सेहत में सुधार हो सकता है।

निष्कर्ष
फैटी लीवर एक गंभीर स्थिति हो सकती है, लेकिन एक्टिव जीवनशैली और उचित सप्लीमेंट के सेवन से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए काल करे।
न्यूटिशन काउंसलर
राम कृपाल सरोज
9212037051

  प्रोस्टेट ग्लैंड पुरुषों के शरीर में एक महत्वपूर्ण अंग है, जो प्रजनन तंत्र का हिस्सा है। यह ग्लैंड पुरुषों के पेट के न...
08/10/2025


प्रोस्टेट ग्लैंड पुरुषों के शरीर में एक महत्वपूर्ण अंग है, जो प्रजनन तंत्र का हिस्सा है। यह ग्लैंड पुरुषों के पेट के निचले हिस्से में स्थित होता है और इसका मुख्य कार्य शुक्राणु को पोषण और सुरक्षा प्रदान करना है।

प्रोस्टेट ग्लैंड के कार्य
1. #शुक्राणु का #पोषण*: प्रोस्टेट ग्लैंड एक तरल पदार्थ का उत्पादन करता है जो शुक्राणु को पोषण और सुरक्षा प्रदान करता है।
2. #शुक्राणु की #सुरक्षा*: यह तरल पदार्थ शुक्राणु को सुरक्षित रखने में मदद करता है और उन्हें सक्रिय रखता है।

प्रोस्टेट संबंधी समस्याएं
1. #प्रोस्टेट #कैंसर*: प्रोस्टेट ग्लैंड में कैंसर का विकास होना।
2. *बेनिग्न प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया #बीपीएच)*: प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़ना, जिससे मूत्र प्रवाह में समस्याएं हो सकती हैं।
3. #प्रोस्टेटाइटिस*: प्रोस्टेट ग्लैंड में सूजन या संक्रमण।

प्रोस्टेट समस्याओं के लक्षण
- #मूत्र संबंधी #समस्याएं*: बार-बार पेशाब आना, पेशाब में दर्द या जलन, और पेशाब का प्रवाह कम होना।
- #यौन #समस्याएं*: इरेक्टाइल डिसफंक्शन या दर्दनाक स्खलन।
- #पेल्विक #दर्द*: पेल्विक क्षेत्र में दर्द या असहजता।

प्रोस्टेट स्वास्थ्य के लिए सुझाव
1. *नियमित जांच*: 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित प्रोस्टेट जांच करवाएं।
2. *स्वस्थ आहार*: फल, सब्जियां, और स्वस्थ वसा से भरपूर आहार लें।
3. *व्यायाम*: नियमित शारीरिक गतिविधि करें।
4. *धूम्रपान और शराब से बचें*: धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन प्रोस्टेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

निष्कर्ष
#प्रोस्टेट #स्वास्थ्य #पुरुषों के समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। एक्टिव एवं स्वस्थ #जीवनशैली उचित #सप्लीमेंट अपनाकर प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
Nutrion Councellor
Ram Kripal Saroj
9212037051

   #मधुमेह मधुमेह या डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर रक्त में शुगर (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित नहीं कर पाता है।...
08/10/2025

#मधुमेह
मधुमेह या डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर रक्त में शुगर (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित नहीं कर पाता है। यह एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है।

मधुमेह के प्रकार
1. #टाइप1 मधुमेह*: यह एक ऑटोइम्यून स्थिति है जहां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इंसुलिन उत्पादक कोशिकाओं को नष्ट कर देती है।
2. #टाइप2 मधुमेह*: यह सबसे आम प्रकार है, जिसमें शरीर इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता या पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता।
3. #गर्भावधि मधुमेह*: यह गर्भावस्था के दौरान विकसित होता है।

मधुमेह के लक्षण
- #अधिकप्यास और पेशाब*: बार-बार पेशाब आना और अधिक प्यास लगना।
- #वजनकमहोना*: बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना।
- #थकान*: अत्यधिक थकान महसूस करना।
- #धुंधलीदृष्टि*: दृष्टि में समस्या।
- #धीमीघावभरना*: घावों का धीरे-धीरे भरना।

मधुमेह के जोखिम कारक
- *परिवार का इतिहास*: मधुमेह का पारिवारिक इतिहास।
- *वजन*: अधिक वजन या मोटापा।
- *आहार और जीवनशैली*: अस्वस्थ आहार और शारीरिक गतिविधि की कमी।
- *उम्र*: उम्र बढ़ने के साथ जोखिम बढ़ता है।

मधुमेह प्रबंधन
1. *आहार*: संतुलित और स्वस्थ आहार लेना।
2. *व्यायाम*: नियमित शारीरिक गतिविधि।
3. *दवाएं*: इंसुलिन या अन्य दवाएं जो डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जाती हैं। दवाइयों के साथ उचित #सप्लीमेंट की भी जरूरत पड़ती है।
4. *नियमित जांच*: रक्त शुगर की नियमित जांच।

जटिलताएं
- #हृदय रोग*: मधुमेह हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाता है।
- #किडनी रोग*: मधुमेह किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
- #तंत्रिका क्षति*: #न्यूरोपैथी।
- #पैरकीसमस्याएं*: पैरों में घाव और संक्रमण का जोखिम।

मधुमेह के प्रबंधन में एक्टिव जीवनशैली ,दवा और उचित सप्लीमेंट की मदद से इसे टाला जा सकता है ।
Nutrion Councellor
Ram Kripal Saroj
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शरीर 3 दोषों से भरा हैवात(GAS) -लगभग 80 रोगपित्त(ACIDITY)- लगभग 40 रोगकफ(COUGH) -लगभग 28 रोग💙जिस इंसान की बड़ी आंत में क...
08/08/2025

शरीर 3 दोषों से भरा है

वात(GAS) -लगभग 80 रोग

पित्त(ACIDITY)- लगभग 40 रोग

कफ(COUGH) -लगभग 28 रोग

💙जिस इंसान की बड़ी आंत में कचड़ा होता है बीमार भी केवल वही होता है

💙एनीमा एक ऐसी पद्धति है जो बड़ी आंत को साफ करती है और किसी भी रोग को ठीक करती है।

💛वात(GAS) अर्थात वायु:-💛

--शरीर मे वायु जहां भी रुककर टकराती है, दर्द पैदा करती है, दर्द हो तो समझ लो वायु रुकी है

--पेट दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द, घुटनो का दर्द ,सीने का दर्द आदि

--डकार आना भी वायू दोष है

--चक्कर आना,घबराहट और हिचकी आना भी इसका लक्षण है

💙कारण:-

--गैस उत्तपन्न करने वाला भोजन जैसे कोई भी दाल आदि गैस और यूरिक एसिड बनाती ही है

--यूरिक एसिड जहां भी रुकता है उन हड्डियों का तरल कम होता जाता है हड्डियां घिसना शुरू हो जाती है ,उनमे आवाज आने लगती है, उसे डॉक्टर कहते है कि ग्रीस ख़त्म हो गई, या फिर स्लिप डिस्क या फिर स्पोंडलाइटिस, या फिर सर्वाइकल आदि

--प्रोटीन की आवश्यकता सिर्फ सेल्स की मरम्मत के लिए है जो अंकुरित अनाज और सूखे मेवे कर देते है

--मैदा औऱ बिना चोकर का आटा खांना

--बेसन की वस्तुओं का सेवन करना

--दूध और इससे बनी वस्तुओं का सेवन करना

-आंतो की कमजोरी इसका कारण व्यायाम न करना।

👉🏻 तन बिगड़ने वाला भोजन से

👉🏻 मन बिगड़ने वाले विचार से

👉🏻 मनोदीशा बिगड़ने वाले लोगों से कैसे दूर रहे।

💜निवारण:-

--अदरक का सेवन करें,यह वायु खत्म करता है, रक्त पतला करता है कफ भी बाहर निकालता है, सोंठ को लेकर रात में गुनगने पानी से आधा चम्मच खायेँ

--लहसुन किसी भी गैस को बाहर निकालता है,

यदि सीने में दर्द होने लगे तो तुरन्त 8-10 कली लहसुन खा ले, ब्लॉकेज में तुरंत आराम मिलता है

--लहसुन कफ के रोग और टीबी के रोग भी मारता है

--सर्दी में 2-2 कली सुबह शाम, और गर्मी में 1-1 कली सुबह शाम ले, और अकेला न खायेँ सब्जी या फिर जूस , चटनी आदि में कच्चा काटकर डालकर ही खायेँ

--मेथीदाना भी अदरक लहसुन की तरह ही कार्य करता है

💜प्राकृतिक उपचार:-

गर्म ठंडे कपड़े से सिकाई करे, अब उस अंग को पहले छुएं यदि वो गर्म है तो ठंडे सिकाई करे और वह अंग अगर ठंडा है तो गर्म सिकाई करे औऱ अगर न गर्म है और न ठंडा तो गर्म ठंडी सिकाई करे एक मिनट गर्म एक मिनट ठंडा ।

💛कफ(COUGH):-💛

--मुंह नाक से आने वाला बलगम इसका मुख्य लक्षण है

--सर्दी जुखाम खाँसी टीबी प्लूरिसी निमोनिया आदि इसके मुख्य लक्षण है

--सांस लेने में तकलीफ अस्थमा आदि या सीढी चढ़ने में हांफना

💙कारण:-

--तेल एव चिकनाई वाली वस्तुओं का अधिक सेवन

--दूध और इससे बना कोई भी पदार्थ

--ठंडा पानी औऱ फ्रिज की वस्तुये खांना

--धूल ,धुंए आदि में अधिक समय रहना

--धूप का सेवन न करना

💜निवारण:-

--विटामिन C का सेवन करे यह कफ का दुश्मन है यह संडास के रास्ते कफ निकालता है, जैसे आवंला

--लहसुन, यह पसीने के रूप में कफ को गलाकर निकालता है

--Bp सामान्य हॉगा

--ब्लड सर्कुलेशन ठीक हॉगा

--नींद अच्छी आएगी

--अदरक भी सर्वश्रेष्ठ कफ नाशक है

💜प्राकृतिक उपचार

--एक गिलास गुनगने पानी मे एक चम्मच नमक डालकर उससे गरारे करे

--गुनगने पानी मे पैर डालकर बैठे, 2 गिलास सादा।पानी पिये और सिरर पर ठंडा कपड़ा रखे, रोज 10 मिनट करे

--रोज 30-60 मिनट धूप ले ।

💛पित्त(ACIDITY):-पेट के रोग💛

--वात दोष और कफ दोष में जितने भी रोग है उनको हटाकर शेष सभी रोग पित्त के रोग है, BP, शुगर, मोटापा, अर्थराइटिस, आदि

--शरीर मे कही भी जलन हो जैसे पेट मे जलन, मूत्र त्याग करने के बाद जलन ,मल त्याग करने में जलन, शरीर की त्वचा में कही भी जलन,

--खट्टी डकारें आना

--शरीर मे भारीपन रहना

💜कारण:-

--गर्म मसाले, लाल मिर्च, नमक, चीनी, अचार

--चाय ,काफी,सिगरेट, तम्बाकू, शराब,

--मांस ,मछली ,अंडा

--दिनभर में सदैव पका भोजन करना

--क्रोध, चिंता, गुस्सा, तनाव

--दवाइयों का सेवन

--मल त्याग रोकना

--सभी 13 वेग को रोकना जैसे छींक, पाद, आदि

💜निवारण

--पुराने रोग और नए रोग का एक ही समाधान बता रहा हु

--फटे हुए दूध का पानी पिये, गर्म दूध में नीम्बू डालकर दूध को फाड़े, वह पानी छानकर पिए, पेट का सभी रोग में रामबाण है, सभी प्रकार का बुखार भी दूर करता है

--फलो व सब्जियों का रस, जैसे अनार का रस, लौकी का रस, पत्ता गोभी का रस आदि

--निम्बू पानी का सेवन

💜प्राकृतिक उपचार

--पेट को गीले कपड़े से ठंडक दे

--रीढ़ की हड्डी को ठंडक देना, लकवा इसी रीढ़ की हड्डी की गर्मी से होता है, गीले कपड़े से रीढ़ की हड्डी पर पट्टी रखें

--व्यायाम ,योग करे

--गहरी नींद ले

इलाज से बेहतर बचाव है

क्या आप जानते है ???  is the Mother of Modern     &   Fast   ......  #सूजन ही बहुत कुछ है....सूजन की ही वजह से....      ...
23/12/2024

क्या आप जानते है ???
is the Mother of Modern & Fast ...... #सूजन ही बहुत कुछ है....सूजन की ही वजह से....

& (Sleep Disorder)
(Respiratory Disorder)
(Non-Alcohalic)
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Nutrion Councellor
Ram Kripal Saroj
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      NMN (Nicotinamide Mono Nucleotide)यह एक ऐसा मॉलिक्यूल है जो बढ़ती उम्र के प्रभाव को रिवर्स कर देता हैं।मिस्टर डेविड...
30/11/2024



NMN (Nicotinamide Mono Nucleotide)
यह एक ऐसा मॉलिक्यूल है जो बढ़ती उम्र के प्रभाव को रिवर्स कर देता हैं।मिस्टर डेविड सनक्लियर को आप गूगल पर सर्च कर सकते है।जिन्होंने इस बात को साइंटिफिकली भी प्रूव किया है। यह बहुत ही जबरजस्त प्रोडक्ट है। इसे एस्टोनिया वन द्वारा विकसित किया गया है और विश्व मे इसे पहली बार लांच किया गया है। अधिक उम्र में भी जवान बने रहने के लिए बहुत ही बेहतरीन और शानदार प्रोडक्ट है।।
अधिक जानकारी के लिए आप हमें संपर्क कर सकते है।
न्यूट्रिसन कॉउंसलर
राम कृपाल सरोज
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   #कोशिका    #मुक्तकण    #ग्लुकोज (c6h12o6)हम जो भी भोजन ओरल लेते है टुकड़ो में टूटकर  हमारे शरीर मे ग्लूकोज में बदल जात...
24/11/2024

#कोशिका
#मुक्तकण
#ग्लुकोज (c6h12o6)
हम जो भी भोजन ओरल लेते है टुकड़ो में टूटकर हमारे शरीर मे ग्लूकोज में बदल जाता है। ग्लूकोज़ से हमारी शरीर को कार्बन डाई ऑक्साइड ,पानी, एनर्जी और फ्री रेडिकल मिलते है।
असंख्य कोशिकाएं हमारे शरीर का निर्माण करती है।
आइये थोड़ा डिटेल में समझते है हम बीमार क्यो हो जाते है?
#कोशिका जीव विज्ञान की एक छोटी सी इकाई है, जो सभी जीवित प्राणियों के शरीर का निर्माण करती है
यह एक जटिल संरचना है जिसमें विभिन्न प्रकार के अंग और संरचनाएं होती हैं।

कोशिका के मुख्य अंग_होते है-
कोशिका झिल्ली, साइटोप्लाज़्मा नाभिक (सेंट्रिक-डीएनए)और माइटो कांड्रिया
इनके #कार्य (Function) भी होते है।

1. ऊर्जा उत्पादन-Energy Genration
2. प्रोटीन संश्लेषण_:
3. कोशिका विभाजन (Re Genration) टूट कर नए सेल बनाना............___-------____--------
(मुक्त कण) हमारे शरीर में होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन जब इनकी मात्रा अधिक हो जाती है, तो यह हमारे शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

फ्री रेडिकल्स के नुकसान:

1. * #बुढ़ापा*: फ्री रेडिकल्स के कारण त्वचा में झुर्रियाँ और बुढ़ापे के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
2. * #कैंसर*: फ्री रेडिकल्स के कारण डीएनए की क्षति हो सकती है, जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।
3. * #हृदयरोग*: फ्री रेडिकल्स के कारण रक्त वाहिकाओं में सूजन हो सकती है, जिससे हृदय रोग होने का खतरा बढ़ सकता है।
4. * #मानसिकस्वास्थ्य*: फ्री रेडिकल्स के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जैसे कि अवसाद( ) और चिंता( )
5. * #प्रतिरक्षाप्रणाली*:( ) फ्री रेडिकल्स के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है, जिससे हम बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
यही फ्री रेडिकल्स आपके स्वस्थ्य शरीर के शत्रु (दुश्मन) है फ्री रेडिकल को कम करने के लिए आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:

1. * #एंटीऑक्सीडेंट्स*: एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कि विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा-कैरोटीन फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद कर सकते हैं।
2. * #स्वस्थआहार*: स्वस्थ आहार जिसमें फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और नट्स शामिल हों, फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद कर सकता है।
3. * #व्यायाम*: नियमित व्यायाम फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद कर सकता है।
4. * #पर्याप्तनींद*: पर्याप्त नींद फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद कर सकती है।
5. * #तनावप्रबंधन*: तनाव प्रबंधन तकनीकें जैसे कि ध्यान और योग फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद कर सकती हैं।
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न्यूट्रिसन कॉउंसलर
राम कृपाल सरोज
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