Guru Ayurveda

Call Directions Website Contact the business

Guru Ayurveda Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Guru Ayurveda, Alternative & holistic health service, A-19 Chanakya Place Part-1 Opp C-1 Janakpuri, Delhi.

4 पीढ़ियों से प्रामाणिक आयुर्वेद
Customized Ayurvedic Medicines
मूल कारण पर आधारित Personalized Care
📍 Delhi | All India Online Consultation
📲 7042699044 | WhatsApp/Call

बारिश आते ही बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं? ☘️🌱बारिश शुरू होते ही बार-बार सर्दी-खांसी, पेट खराब या कमजोरी होने लगती है? ...
18/07/2026

बारिश आते ही बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं? ☘️🌱
बारिश शुरू होते ही बार-बार सर्दी-खांसी, पेट खराब या कमजोरी होने लगती है? 🌧️🌿
वर्षा ऋतु में मौसम की नमी, दूषित पानी-भोजन, मच्छरों की बढ़ती संख्या और बदलती दिनचर्या के कारण कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। आयुर्वेदिक दृष्टि से भी इस समय अग्नि और पाचन शक्ति का विशेष ध्यान रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस मौसम में ध्यान रखें—
✅ ताजा और गर्म भोजन करें
✅ हल्का व सुपाच्य आहार लें
✅ उबला हुआ या सुरक्षित पानी पिएं
✅ बहुत ठंडे पेय और बासी भोजन से बचें
✅ आसपास पानी जमा न होने दें
✅ कपड़े और शरीर को अधिक देर तक गीला न रखें
सर्दी-खांसी की सामान्य प्रवृत्ति में तुलसी-अदरक की हल्की गर्म चाय ली जा सकती है। लेकिन तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी-दस्त या बहुत अधिक कमजोरी होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और चिकित्सकीय जांच कराएं।
बारिश में स्वस्थ रहने का मंत्र — स्वच्छ पानी + ताजा भोजन + मजबूत पाचन + सही दिनचर्या।
💬 कमेंट में बताइए—बारिश के मौसम में आपको सबसे ज्यादा कौन-सी समस्या होती है?
आयुर्वेदिक परामर्श हेतु: 7042699044


#वर्षाऋतु


क्या आपको लिवर में “गर्मी” या पित्त बढ़ा हुआ महसूस होता है? कुटकी को समझिये! ☘️लिवर में “गर्मी”, मुंह में कड़वाहट और पाच...
18/07/2026

क्या आपको लिवर में “गर्मी” या पित्त बढ़ा हुआ महसूस होता है? कुटकी को समझिये! ☘️
लिवर में “गर्मी”, मुंह में कड़वाहट और पाचन की परेशानी रहती है? कुटकी को समझना जरूरी है। 🌿
कुटकी (Picrorhiza kurroa) आयुर्वेद की प्रसिद्ध तिक्त रस प्रधान जड़ी-बूटियों में से एक है। आयुर्वेदिक परंपरा में इसका प्रयोग रोगी की प्रकृति और अवस्था को देखकर विशेष रूप से पित्त, अग्नि, पाचन और यकृत से जुड़े कुछ योगों में किया जाता है।
लेकिन ध्यान रखें—कुटकी कोई सामान्य घरेलू टॉनिक नहीं है। इसकी मात्रा और सेवन-विधि हर व्यक्ति के लिए समान नहीं होती। अधिक मात्रा या गलत स्थिति में स्वयं सेवन करना उचित नहीं है।
साथ में—
✅ तला-भुना और बहुत मसालेदार भोजन कम करें
✅ शराब से बचें
✅ वजन संतुलित रखें
✅ Fatty Liver या Liver Enzymes बढ़े हों तो नियमित जांच कराएँ
सिर्फ लक्षण देखकर औषधि न चुनें—पहले समस्या का सही कारण समझें।
💬 कमेंट में बताइए—क्या आपने पहले कभी कुटकी का नाम सुना था?
आयुर्वेदिक परामर्श हेतु संपर्क करें: 7042699044

#कुटकी

रात को गर्दन और कंधे में दर्द क्यों बढ़ता है? ☘️🌱रात होते-होते गर्दन और कंधे का दर्द बढ़ जाता है? 🌙दिनभर गलत मुद्रा में ...
17/07/2026

रात को गर्दन और कंधे में दर्द क्यों बढ़ता है? ☘️🌱
रात होते-होते गर्दन और कंधे का दर्द बढ़ जाता है? 🌙
दिनभर गलत मुद्रा में बैठना, मोबाइल या लैपटॉप पर लगातार झुकना, गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव, गलत तकिया और सोने की अनुचित स्थिति—इन सभी कारणों से आराम के समय भी दर्द अधिक महसूस हो सकता है।
आयुर्वेदिक दृष्टि से अत्यधिक श्रम, अनियमित दिनचर्या, रात्रि जागरण और गलत आसन से वात वृद्धि हो सकती है, जिससे गर्दन, कंधे, जोड़ों और नसों में दर्द व जकड़न बढ़ सकती है।
राहत के लिए—
✅ मोबाइल को आंखों की ऊंचाई पर रखें
✅ हर 30–40 मिनट में गर्दन को आराम दें
✅ बहुत ऊंचा या बहुत पतला तकिया न लें
✅ पर्याप्त नींद लें
✅ ठंडी हवा सीधे गर्दन पर न लगने दें
✅ हल्का स्ट्रेच केवल विशेषज्ञ की सलाह से करें
⚠️ यदि दर्द कंधे से हाथ तक जाता हो, उंगलियों में झनझनाहट या सुन्नपन हो, हाथ कमजोर लगने लगे या दर्द लगातार बढ़ रहा हो, तो इसे केवल मांसपेशियों का दर्द समझकर अनदेखा न करें।
दर्द को बार-बार दबाएँ नहीं, उसके वास्तविक कारण को समझें।
📞 आयुर्वेदिक परामर्श हेतु: 7042699044
💬 कमेंट में बताइए—आपका दर्द गर्दन तक रहता है या हाथ तक जाता है?

#गर्दनकादर्द



17/07/2026

गुरु मधुमेहनाशिनी वटी

मधुमेह की विभिन्न अवस्थाओं में उपयोग किया जाने वाला यह एक पारंपरिक आयुर्वेदिक योग है। इसमें गुड़मार, जामुन की गुठली, शिलाजीत तथा विभिन्न भस्मों का संयोजन किया गया है।

घटक द्रव्य

* गुड़मार के पत्ते — 180 ग्राम
* सोंठ — 180 ग्राम
* बबूल के पत्ते — 180 ग्राम
* जामुन की गुठली — 180 ग्राम
* शुद्ध शिलाजीत — 60 ग्राम
* प्रवाल भस्म — 40 ग्राम
* रससिंदूर — 30 ग्राम
* लौह भस्म — 30 ग्राम
* अभ्रक भस्म — 30 ग्राम
* नाग भस्म — 10 ग्राम
* स्वर्णमाक्षिक भस्म — 6 ग्राम
* स्वर्ण वर्क — 1 ग्राम

भावना द्रव्य

निम्न द्रव्यों की क्रमशः एक-एक भावना दी जाती है

* ग्वारपाठा का रस
* पलाश पुष्प स्वरस
* गुड़मार पत्र क्वाथ
* गूलर का दूध

निर्माण विधि

सभी वनौषधियों को साफ करके अलग-अलग बारीक चूर्ण कर लें। शिलाजीत एवं सभी भस्मों की शुद्धता सुनिश्चित करने के बाद उन्हें चूर्ण में अच्छी तरह मिलाएं।

इसके बाद मिश्रण में क्रमश:

1. खरपाठा के रस की भावना
2. पलाश पुष्प स्वरस की भावना
3. गुड़मार पत्र क्वाथ की भावना
4. गूलर के दूध की भावना

दी जाती है।

प्रत्येक भावना के दौरान मिश्रण को अच्छी तरह घोटकर सुखाया जाता है। अंत में 1 ग्राम स्वर्ण वर्क मिलाकर पुनः अच्छी तरह मर्दन करें और 2-2 रत्ती की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें।

सेवन मात्रा

1 से 2 गोली, सुबह और शाम।

औषधि का सेवन सामान्यतः जल अथवा रोगी की अवस्था के अनुसार वैद्य द्वारा निर्धारित अनुपान के साथ कराया जाता है।

2 रत्ती लगभग 240–250 मिलीग्राम के आसपास होती है।
वास्तविक गोली का वजन निर्माण के समय तौलकर निश्चित करना चाहिए।

उपयोग

यह योग मधुमेह के आयुर्वेदिक प्रबंधन में सहायक रूप से प्रयोग किया जाता है। विशेष रूप से लंबे समय से बढ़ी हुई रक्त शर्करा वाले रोगियों में इसका प्रयोग रोगी की प्रकृति, आयु, शुगर रिपोर्ट और पहले से चल रही दवाओं को देखकर किया जाना चाहिए।

पथ्य एवं दिनचर्या

* जौ एवं चने के आटे की रोटी का सेवन करें।
* चीनी, मिठाई, मीठे पेय और मैदा कम रखें।
* भोजन की मात्रा नियंत्रित रखें।
* नियमित रूप से हल्का व्यायाम या पैदल चलें।
* फास्टिंग और भोजन के बाद की शुगर नियमित जांचते रहें।
* पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।

इस योग में रससिंदूर, नाग भस्म, लौह भस्म, अभ्रक भस्म तथा स्वर्णमाक्षिक भस्म जैसे रसौषधि घटक सम्मिलित हैं। इसलिए इसे घर पर बनाकर या बिना विशेषज्ञ की देखरेख में सेवन न करें।

गुरु आयुर्वेद
📞 7042699044

त्वचा पर दाने, दाग या खुजली बार-बार क्यों होती है? 🌱☘️त्वचा पर दाने, दाग या खुजली बार-बार लौट आती है? 🌿केवल बाहर से क्री...
17/07/2026

त्वचा पर दाने, दाग या खुजली बार-बार क्यों होती है? 🌱☘️
त्वचा पर दाने, दाग या खुजली बार-बार लौट आती है? 🌿
केवल बाहर से क्रीम लगाना हर बार पर्याप्त नहीं होता। बार-बार होने वाली त्वचा समस्या के पीछे एलर्जी, फंगल या अन्य संक्रमण, पाचन की गड़बड़ी, हार्मोनल बदलाव अथवा अनुपयुक्त खानपान जैसे अलग-अलग कारण हो सकते हैं।
आयुर्वेद में मंजिष्ठा को त्वचा और रक्त से संबंधित अनेक योगों में शामिल किया जाता है। इसे पारंपरिक रूप से रक्तप्रसादक, पित्त-संतुलन में सहायक और त्वचा के प्राकृतिक स्वास्थ्य को सहयोग देने वाली औषधि माना गया है।
साथ में इन बातों का ध्यान रखें—
✅ पर्याप्त पानी पिएँ
✅ कब्ज न होने दें
✅ बहुत अधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन कम करें
✅ त्वचा को साफ और सूखा रखें
✅ बार-बार खुजली या दाने होने पर सही कारण की जाँच कराएँ
मंजिष्ठा की मात्रा और सेवन-विधि हर व्यक्ति की प्रकृति, आयु और समस्या के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए इसका सेवन योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से करें।
💬 कमेंट में बताइए—आपको दाने, दाग या खुजली में से कौन-सी समस्या अधिक रहती है?
आयुर्वेदिक परामर्श हेतु संपर्क करें: 7042699044

#मंजिष्ठा

#त्वचारोग

रात में अचानक तेज भूख क्यों लगती है? ☘️रात में खाना खाने के बाद भी बार-बार भूख लगती है? 🌙इसे केवल आदत या खाने का लालच सम...
16/07/2026

रात में अचानक तेज भूख क्यों लगती है? ☘️
रात में खाना खाने के बाद भी बार-बार भूख लगती है? 🌙
इसे केवल आदत या खाने का लालच समझकर अनदेखा न करें। दिन में पर्याप्त भोजन न करना, अधिक मीठा या जंक फूड खाना, तनाव, देर रात तक जागना, अनियमित दिनचर्या और पाचन का असंतुलन इसके कारण हो सकते हैं।
रात की अनावश्यक भूख कम करने के लिए भोजन समय पर करें, रात के खाने में दाल, सब्ज़ी और पर्याप्त प्रोटीन रखें तथा सोने से 2–3 घंटे पहले भोजन पूरा कर लें।
यदि तेज़ भूख के साथ अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब, चक्कर, कमजोरी या वजन में अचानक बदलाव हो रहा है, तो उचित जाँच अवश्य कराएँ।
💬 कमेंट में बताइए—रात में आपको सबसे अधिक किस चीज़ की craving होती है?
आयुर्वेदिक परामर्श हेतु DM करें।

#रातमेंभूख



16/07/2026

प्लीहावृद्धि और यकृतवृद्धि में अनुभूत प्रयोग! ☘️🌱

प्लीहावृद्धि और यकृतवृद्धि में अनुभूत आयुर्वेदिक प्रयोग 🌿
तिल्ली या लिवर बढ़ना सामान्य समस्या नहीं है। पेट के बाईं या दाईं ओर भारीपन, भूख कम लगना, कमजोरी, पीलापन या पेट फूलने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो पहले उचित जांच और रोग के कारण का पता लगाना आवश्यक है।
इस वीडियो में आयुर्वेद ग्रंथ में वर्णित एक अनुभूत प्रयोग की जानकारी साझा की गई है। रस-भस्म युक्त औषधियों का सेवन केवल योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करें। स्वयं औषधि बनाकर सेवन न करें।
📞 आयुर्वेदिक परामर्श हेतु: 7042699044
वीडियो को Like, Share और Channel को Subscribe जरूर करें।

#प्लीहावृद्धि #यकृतवृद्धि

16/07/2026

हर रोग केवल दवा नहीं, सही समझ और सही दिशा भी मांगता है। 🌿

इस रोगी ने वर्षों तक अस्थमा, बलगम और हाई BP की समस्या झेली। कई जगह उपचार करवाने के बाद उन्होंने अपना रोग पत्र भेजा।

रोगी की संपूर्ण जानकारी, प्रकृति और लक्षणों का अध्ययन करने के बाद उनके लिए व्यक्तिगत आयुर्वेदिक औषधि तैयार की जा रही है।

गुरु आयुर्वेद में हमारा प्रयास केवल रोग को दबाना नहीं, बल्कि रोगी को समझकर उसके अनुसार उपचार करना है।

📋 अपना रोग पत्र भरें:
https://forms.gle/your-form-link

📱 मार्गदर्शन हेतु WhatsApp करें: 7042699044

हर रोगी की प्रकृति अलग होती है, इसलिए औषधि भी व्यक्तिगत रूप से निर्धारित की जाती है।

बार- बार पेट खराब या संक्रमण होता है? कुटज के कम ज्ञात उपयोग जानिएक्या आपका पेट बार-बार खराब रहता है, पतला मल आता है या ...
16/07/2026

बार- बार पेट खराब या संक्रमण होता है? कुटज के कम ज्ञात उपयोग जानिए
क्या आपका पेट बार-बार खराब रहता है, पतला मल आता है या थोड़ी-सी खानपान की गड़बड़ी से दस्त शुरू हो जाते हैं?
आयुर्वेद में कुटज का प्रयोग विशेष रूप से अतिसार और प्रवाहिका जैसी समस्याओं में किया जाता रहा है। यह आंतों की सामान्य कार्यप्रणाली को सहारा देने और बार-बार होने वाले दस्त में उपयोगी हो सकता है।
लेकिन हर बार पेट खराब होने का कारण केवल संक्रमण नहीं होता। दूषित भोजन, कमजोर पाचन, IBS, दवाओं का दुष्प्रभाव या दूसरी स्वास्थ्य समस्या भी इसके पीछे हो सकती है। इसलिए लंबे समय से बनी समस्या में कारण की सही पहचान जरूरी है।
कुटज चूर्ण का सेवन रोगी की अवस्था और प्रकृति के अनुसार योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से करें। दस्त के दौरान स्वच्छ पानी, हल्का सुपाच्य भोजन और पर्याप्त तरल लेना न भूलें।
⚠️ मल में खून, तेज बुखार, लगातार उल्टी, अत्यधिक कमजोरी या शरीर में पानी की कमी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
📞 आयुर्वेदिक परामर्श हेतु: 7042699044
💬 Comment में बताइए—आपका पेट किस मौसम में सबसे ज्यादा खराब होता है?


#पेटकीसमस्या


रात को मुँह कड़वा क्यों लगता है? ☘️क्या आपको सुबह उठते ही या रात में बार-बार मुँह कड़वा लगता है?इसे केवल स्वाद की सामान्...
15/07/2026

रात को मुँह कड़वा क्यों लगता है? ☘️
क्या आपको सुबह उठते ही या रात में बार-बार मुँह कड़वा लगता है?
इसे केवल स्वाद की सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। कई बार यह पाचन गड़बड़, पित्त बढ़ना, एसिडिटी, Acid Reflux, Fatty Liver या यकृत-पित्ताशय से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
आयुर्वेद में मुँह के कड़वे स्वाद को तिक्तास्यता कहा गया है। यदि इसके साथ सीने में जलन, खट्टी डकार, भूख कम लगना, पेट भारी रहना या शरीर में गर्मी भी रहती है, तो पित्त और पाचन का मूल्यांकन जरूरी हो जाता है।
आयुर्वेद में अविपत्तिकर चूर्ण को पित्त, अम्लता और पाचन से जुड़ी स्थितियों में उपयोगी माना गया है। परंतु इसका सेवन अपनी प्रकृति और रोग स्थिति के अनुसार योग्य वैद्य की सलाह से ही करें।
साथ में ये बातों का ध्यान रखें:
रात का भोजन हल्का रखें।
भोजन के तुरंत बाद न लेटें।
तला-भुना, ज्यादा मिर्च-मसाला और जंक फूड कम करें।
प्रतिदिन पर्याप्त पानी पिएं।
यदि मुँह कई दिनों तक लगातार कड़वा रहे, आँखें या त्वचा पीली पड़ने लगे, बार-बार उल्टी हो, तेज पेट दर्द हो या वजन तेजी से घटे, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं।
आयुर्वेदिक परामर्श हेतु संपर्क करें:
7042699044
गुरु आयुर्वेद
Like करें, Share करें और Comment में बताएं — आपको मुँह कड़वा सबसे ज्यादा कब लगता है, सुबह या रात में?

#मुँह_कड़वा



Address

A-19 Chanakya Place Part-1 Opp C-1 Janakpuri
Delhi
110059

Opening Hours

Monday 10:30am - 7pm
Tuesday 10:30am - 7pm
Wednesday 10:30am - 7pm
Thursday 10:30am - 8pm
Friday 10:30am - 8pm
Saturday 10:30am - 8pm
Sunday 10:30am - 7pm

Telephone

+917042699044

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Guru Ayurveda posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Guru Ayurveda:

Shortcuts

Share