Guru Ayurveda

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स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं, आतुरस्य विकार प्रशमनं च।

अर्थात: स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और रोगी के रोग का शमन ही आयुर्वेद का मुख्य उद्देश्य है।

आयुर्वेद के मार्ग पर चलें और जीवन में संतुलन, स्वास्थ्य व सुख की अनुभूति करें।

🌱 गुरु आयुर्वेद 🌱

25/06/2026

त्वचा रोग है ?

25/06/2026

थाइरोइड में आयुर्वेदिक औषधि #थाइरोइड

25/06/2026

PCOD का अनुभूत इलाज #पीसीओडी

रसायन चिकित्सा: स्वस्थ और दीर्घायु जीवन का आधार!🌿 क्या आप चाहते हैं कि बढ़ती उम्र में भी शरीर, मन और बुद्धि स्वस्थ बने र...
25/06/2026

रसायन चिकित्सा: स्वस्थ और दीर्घायु जीवन का आधार!
🌿 क्या आप चाहते हैं कि बढ़ती उम्र में भी शरीर, मन और बुद्धि स्वस्थ बने रहें?
आयुर्वेद में रसायन चिकित्सा को शरीर के पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और दीर्घायु प्राप्त करने का महत्वपूर्ण उपाय माना गया है।
✅ शरीर को बल और ऊर्जा प्रदान करने में सहायक
✅ रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक
✅ बढ़ती उम्र के प्रभाव को धीमा करने में सहायक
✅ मानसिक एवं शारीरिक कार्यक्षमता बनाए रखने में सहायक
✅ बेहतर जीवन गुणवत्ता और स्वास्थ्य संरक्षण में सहायक
ध्यान रखें कि रसायन चिकित्सा प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति, आयु और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकती है। इसलिए योग्य वैद्य की सलाह आवश्यक है।
📞 आयुर्वेदिक परामर्श हेतु संपर्क करें: 7042699044
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25/06/2026

बवासीर का खून रोक देता है ये उपाय

निर्जला एकादशी का आयुर्वेदिक महत्व ☘️निर्जला एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और स्वास्थ्य का भी पर्व है...
25/06/2026

निर्जला एकादशी का आयुर्वेदिक महत्व ☘️
निर्जला एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और स्वास्थ्य का भी पर्व है।
आयुर्वेद के अनुसार उचित उपवास से जठराग्नि को विश्राम, शरीर में हल्कापन, मन में शांति तथा इन्द्रियों पर संयम विकसित होता है।
⚠️ यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, मधुमेह से पीड़ित हैं, वृद्ध हैं या किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हैं, तो कठोर निर्जल व्रत करने से पहले चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।
🌿 इस पावन अवसर पर सात्त्विक आहार, भगवान श्रीहरि का स्मरण, दान, सेवा और संयम का पालन करें।
आप सभी को निर्जला एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भगवान श्रीविष्णु की कृपा से आपके जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।
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बारिश में जोड़ो का दर्द क्यों बढ़ जाता है? 🍀क्या बारिश में आपके जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है?आयुर्वेद के अनुसार वर्षा ऋतु ...
24/06/2026

बारिश में जोड़ो का दर्द क्यों बढ़ जाता है? 🍀
क्या बारिश में आपके जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है?
आयुर्वेद के अनुसार वर्षा ऋतु में वात दोष बढ़ने से घुटनों, कमर, गर्दन और अन्य जोड़ों में दर्द, जकड़न तथा सूजन की समस्या बढ़ सकती है।
✅ तिल के तेल से हल्की मालिश करें
✅ गुनगुना पानी पिएं
✅ सोंठ, मेथी और अजवाइन का सीमित सेवन करें
✅ नियमित हल्का योग व टहलना करें
✅ ठंडी और बासी चीजों से बचें
यदि आपको भी बरसात में जोड़ों का दर्द अधिक परेशान करता है, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें।
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24/06/2026

🌿 दमा–श्वास हेतु अनुभूत प्रयोग 🌿

दमा, श्वास-कष्ट, कफ-जमाव और छाती के भारीपन में यह योग लाभकारी माना गया है।

औषध-द्रव्य
रसोन स्वरस — 250 मि.ली.
आर्द्रक स्वरस — 250 मि.ली.
पलाण्डु स्वरस — 250 मि.ली.
कुमारी स्वरस — 250 मि.ली.
ताम्बूल स्वरस — 250 मि.ली.
मधु 250 मि.ली.

बनाने की विधि
इन सभी द्रव्यों को स्वच्छ काँच की बोतल में भरकर ढक्कन अच्छी तरह बंद करें।
भली-भाँति हिलाकर मिला लें।
फिर बोतल को भूमि में लगभग 1 फुट गहरा गाड़ दें।
15 दिन बाद निकालकर प्रयोग में लें।

15 मि.ली. सुबह
15 मि.ली. शाम
भोजन के बाद, वैद्य की देख-रेख में सेवन कराएँ।

पथ्य–परहेज़
ठंडा जल, दही, बर्फ, धूल-धुआँ, तली-भुनी वस्तु, भारी भोजन और रात्रि-जागरण से बचें।
गुनगुना जल, हल्का भोजन और कफ न बढ़ाने वाला आहार रखें।

विशेष सूचना
दमा में चल रही दवा या इनहेलर अपने-आप बंद न करें। रोगी की अवस्था के अनुसार वैद्य/चिकित्सक की सलाह आवश्यक है।

दमा व श्वास रोग परामर्श हेतु
गुरु आयुर्वेद
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श्वेत प्रदर या स्त्री रोग की समस्या है? लोध्र क्यों प्रसिद्ध है? 🌱🌱🌿 क्या बार-बार सफेद पानी (श्वेत प्रदर) की समस्या आपको...
24/06/2026

श्वेत प्रदर या स्त्री रोग की समस्या है? लोध्र क्यों प्रसिद्ध है? 🌱🌱
🌿 क्या बार-बार सफेद पानी (श्वेत प्रदर) की समस्या आपको परेशान कर रही है?
आयुर्वेद में लोध्र को स्त्री स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण औषधि माना गया है। इसके कषाय (संकोचक) गुण स्त्री रोगों में उपयोगी बताए गए हैं। श्वेत प्रदर, अत्यधिक स्राव एवं स्त्री स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं में आयुर्वेदिक ग्रंथों में लोध्र का विशेष उल्लेख मिलता है।
⚠️ बार-बार होने वाले सफेद पानी, कमर दर्द, कमजोरी या थकान जैसी समस्याओं को नज़रअंदाज़ न करें।
📞 वैद्य परामर्श हेतु संपर्क करें: 7042699044
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चेहरे की प्राकृतिक चमक वापस पाएं,🍀☘️✨ चेहरे की कांति केवल महंगे सौंदर्य प्रसाधनों से नहीं, बल्कि स्वस्थ पाचन, शुद्ध रक्त...
24/06/2026

चेहरे की प्राकृतिक चमक वापस पाएं,🍀☘️
✨ चेहरे की कांति केवल महंगे सौंदर्य प्रसाधनों से नहीं, बल्कि स्वस्थ पाचन, शुद्ध रक्त और संतुलित जीवनशैली से आती है।
आयुर्वेद के अनुसार यदि आप नियमित रूप से पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त नींद लें, तनाव कम करें और उचित त्वचा देखभाल अपनाएं, तो त्वचा की प्राकृतिक चमक बढ़ सकती है।
🌿 आमला चूर्ण और शहद का सेवन
🌿 चंदन, गुलाब जल व मुल्तानी मिट्टी का लेप
🌿 पर्याप्त जल सेवन
🌿 नियमित व्यायाम और अच्छी नींद
इन सरल उपायों को अपनाकर प्राकृतिक कांति प्राप्त करें।
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