12/08/2026
क्या संmभोग के दौरान पर्याप्त कठोरता नहीं बनती? क्या कुछ समय बाद उuत्तेजना कम हो जाती है और लिंग ढीला पड़ जाता है? पुरुषों में ऐसी परेशानियाँ चिंnता और असहजता का कारण बन सकती हैं। इस विशेष माiजून को पारंपरिक रूप से पुरुषों की ताकत, कiठोरता और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए उपयोगी बताया जाता है।
इसके अलावा इसे कमर दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, जोड़ों के दर्द और शारीरिक कमजोरी जैसी समस्याओं में भी लाभकारी होने का दावा किया जाता है। पोस्ट में इसे हस्tतमैथुन से जुड़ी कमजोरी तथा पुरुषों की सामान्य शारीरिक ऊर्जा के लिए भी उपयोगी बताया गया है।
नुस्खा
- ईरानी केसर — 5 ग्राम
- मिस्री सालब — 10 ग्राम
- कपास के बीज की गिरी — 10 ग्राम
- सफेद मुसली — 10 ग्राम
- सालब पंज — 10 ग्राम
- शतावरी — 10 ग्राम
- बीजबंध — 10 ग्राम
- मिस्री शकरकंद/शकाकुल — 10 ग्राम
- लाल बहमन — 10 ग्राम
- कमरकस — 10 ग्राम
- सफेद बहमन — 10 ग्राम
- नागौरी अश्वगंधा — 10 ग्राम
- कौंच के बीज (शोधित) — 10 ग्राम
- पिस्ते की गिरी — 20 ग्राम
- बादाम की गिरी — 20 ग्राम
- ब्राह्मी बूटी — 30 ग्राम
- तालमखाना — 10 ग्राम
- इसबगोल की भूसी — 10 ग्राम
- मिश्री — 150 ग्राम
- सोंठ — 30 ग्राम
- शुद्ध देसी/जंगली शहद — आवश्यकतानुसार 🍯
बनाने की विधि
सभी सूखी सामग्री को अच्छी तरह साफ करके बारीक पीस लें। सभी चूर्ण को आपस में अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद आवश्यकतानुसार शहद मिलाकर ऐसा माजून तैयार करें जो न बहुत पतला हो और न बहुत गाढ़ा।
बताए गए लाभ
इस पारंपरिक नुस्खे के बारे में पुरुषों की शारीरिक शक्ति, ऊर्जा और सहiनशक्ति बढ़ाने का दावा किया जाता है। इसे भूख बढ़ाने तथा शरीर और मांiसपेशियों की कमजोरी में भी उपयोगी बताया गया है।
यह पुरुषों में कमजोरी, शीrघ्रपतन, स्वvप्नदोष और संmभोग के दौरान उत्तेuजना एवं कठोरता बनाए रखने में मदद कर सकता है।
सेवन
म रात में भोजन के बाद लगभग एक चने के बराबर मात्रा गुनगुने दूध के साथ लेने की बात कही गई है।
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