28/04/2026
गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय
भारत में हर साल गर्मियों के मौसम में तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। कई राज्यों में तो पारा 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर चला जाता है। ऐसे में हीट स्ट्रोक (लू लगना) जैसी गंभीर समस्याएं आम हो जाती हैं। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है और शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि हीट स्ट्रोक क्या है, इसके लक्षण क्या हैं, और इससे बचने के आसान घरेलू उपाय क्या हैं।
•हीट स्ट्रोक क्या है?
हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने पर अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे वह तेजी से 104°F (40°C) या उससे अधिक हो जाता है। यह समस्या खासकर उन लोगों में अधिक देखने को मिलती है जो लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं या गर्म और बंद माहौल में काम करते हैं।
•हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण
अत्यधिक पसीना आना या कभी-कभी पसीना आना बंद हो जाना
सिर में तीव्र दर्द और चक्कर आना
त्वचा लाल और गर्म महसूस होना
उल्टी या मतली
तेज़ दिल की धड़कन
बेहोशी या भ्रम की स्थिति
शरीर में कमजोरी और थकावट
यदि आपको या आपके किसी परिचित को ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत प्राथमिक उपचार करें और चिकित्सक से संपर्क करें।
•हीट स्ट्रोक के कारण
लम्बे समय तक तेज धूप में रहना
अधिक उमस भरा वातावरण
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
भारी कपड़े पहनना
शारीरिक श्रम या व्यायाम करना जब मौसम बहुत गर्म हो
हीट स्ट्रोक से बचने के आसान घरेलू उपाय
खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं
गर्मी के दिनों में पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, ओआरएस आदि पिएं, चाहे आपको प्यास लगे या नहीं।
हल्के और ढीले कपड़े पहनें
गहरे रंग या सिंथेटिक कपड़े अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं।। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें जिससे शरीर को ठंडक मिले।
धूप में निकलने से बचें
दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें। अगर निकलना जरूरी हो तो धूप से बचने के लिए छाता, टोपी या गमछा साथ रखें।
नमक और शक्कर वाला पानी लें
पसीने के साथ शरीर से निकलने वाले नमक और मिनरल्स की भरपाई के लिए नींबू पानी या ओआरएस बढ़िया विकल्प हैं।
शरीर को ठंडा रखें
साफ गीले कपड़े से शरीर पोछें, ठंडी हवा में रहें और जितना हो सके ठंडी जगह पर समय बिताएं।
फल और हरी सब्जियां खाएं
तरबूज, खीरा, ककड़ी, अनार, संतरा और अंगूर जैसे फलों का सेवन करें। ये शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और पानी की कमी भी नहीं होने देते।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
बच्चे और बुजुर्ग हीट स्ट्रोक के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं, इसलिए उन्हें बार-बार पानी दें और धूप में न जाने दें।
कैफीन और एल्कोहल से बचें
ये दोनों चीजें शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा और बढ़ जाता है।
•हीट स्ट्रोक होने पर क्या करें?
पीड़ित को तुरंत किसी ठंडी जगह पर ले जाएं।
कपड़े ढीले करें और शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें।
अगर उल्टी या बेहोशी आ रही हो तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल ले जाएं।
पानी या ओआरएस धीरे-धीरे पिलाएं, लेकिन अगर उल्टी हो रही हो तो जबरदस्ती न करें।
हीट स्ट्रोक से बचाव ही इसका सबसे प्रभावी उपचार है। थोड़ी सी सावधानी और समय रहते जागरूकता आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती है। गर्मियों में स्वस्थ रहने का मूल मंत्र है — ‘हाइड्रेटेड रहें, सुरक्षित रहें’। अगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
आपका स्वास्थ्य, आपकी जिम्मेदारी।
Nagarjuna ayurveda and Kshar-sutra Centre
DrAnup Kumar