Nagarjuna ayurveda and Kshar-sutra Centre

Nagarjuna ayurveda and Kshar-sutra Centre I'm Dr.Anup Kumar M.S(Ayu.) our aim is to provide best ayurvedic treatment for ano-rectal diseases.
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myself Dr.Anup kumar is a quite well known Ayurvedic Proctologist.He has been practicing super specialised treatments of ano-rectal diseases like Piles,fistula-in-ano,fissure-in-ano,Pilonidal sinus,Rectal prolapse,Anal stenosis etc.He is inclined towards treating these diseases through Ayurvedic medicines and also prefers other Surgical treatments, Kshar-sutra therapy,Agnikarm therapy,Jalauka ther

apy and laser therapy.Dr.Anup Kumar is a M.S.(Ayu.) shalya tantra from an honoured institution which is Sampurnanand Sanskrit University,Varanasi.He is much skilled in advanced Kshar-Sutra technique.He is self made his kshar-sutra.He provides affordable treatment of all.He is expertly trained in advanced laser treatment for ano-rectal diseases.
Ayurvedic Doctor practitioner healer physician health expert medicine practitioner consultant specialist therapist coach (traditional Ayurvedic doctor)

26/05/2026
26/05/2026

आयुर्वेद के लिए गर्व का क्षण - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा आज नई दिल्ली में आयुर्वेद के अनन्य साधक एवं प्रख्यात शोधकर्ता डॉ. केवल कृष्ण ठकराल जी को चिकित्सा के क्षेत्र में 'पद्म श्री' से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई। छह दशकों की दीर्घ साधना, ब्रोंकियल अस्थमा उपचार में 'कर्ण वेधन' जैसी युगांतरकारी तकनीक का विकास और प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाने वाले आपके शोध कार्य मानवता के लिए अमूल्य निधि हैं। 🎉💐👏💕


Nagarjuna ayurveda and Kshar-sutra Centre
DrAnup Kumar

नागार्जुन आयुर्वेदा एवं क्षार सूत्र सेन्टर✅बवासीर✅भगंदर✅फिशर✅हाइड्रोसील✅हर्निया✅कब्ज ✅पेट सम्बंधी रोग✅किडनी सम्बंधी रोग✅...
25/05/2026

नागार्जुन आयुर्वेदा एवं क्षार सूत्र सेन्टर
✅बवासीर✅भगंदर
✅फिशर✅हाइड्रोसील
✅हर्निया✅कब्ज
✅पेट सम्बंधी रोग✅किडनी सम्बंधी रोग
✅यकृत सम्बंधी रोग एवं ✅समस्त गुदा रोग आदि का
आयुर्वेदिक चिकित्सा, क्षार सूत्र चिकित्सा एवं अग्निकर्म चिकित्सा द्वारा सम्पूर्ण इलाज व समाधान

Clinic Address- 2c/108 Awas Vikas Colony Near LIC Office, Shikohabad Firozabad, Uttar Pradesh -283135
Contact No: +91 7668353121| +91 8864990210
Dr. Anup Kumar | B.A.M.S., M.S.(Ayu.)
Proctologist (Laser and Kshar-sutra Surgeon )


01/05/2026

सभी देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं
Buddha Purnima (बुद्ध पूर्णिमा) बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र पर्व माना जाता है। यह दिन Gautama Buddha के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधि) और महापरिनिर्वाण—इन तीनों घटनाओं की याद दिलाता है।
🌼 बुद्ध पूर्णिमा का महत्व:
1. भगवान बुद्ध का जन्मदिन
इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। उन्होंने दुनिया को शांति, अहिंसा और करुणा का संदेश दिया।
2. ज्ञान प्राप्ति का दिन
इसी दिन बुद्ध को बोधगया में ज्ञान प्राप्त हुआ था। उन्होंने जीवन के दुख और उसके समाधान का मार्ग बताया।
3. महापरिनिर्वाण
ऐसा माना जाता है कि इसी दिन बुद्ध ने शरीर त्यागकर निर्वाण प्राप्त किया।
4. शांति और अहिंसा का संदेश
यह पर्व लोगों को प्रेम, दया, सहनशीलता और अहिंसा अपनाने की प्रेरणा देता है।
5. आध्यात्मिक साधना का महत्व
इस दिन लोग ध्यान, पूजा-पाठ और दान करते हैं। बौद्ध मंदिरों को सजाया जाता है और विशेष कार्यक्रम होते हैं।


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DrAnup Kumar

गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय  भारत में हर साल गर्मियों के मौसम में तापमान अपने...
28/04/2026

गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय
भारत में हर साल गर्मियों के मौसम में तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। कई राज्यों में तो पारा 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर चला जाता है। ऐसे में हीट स्ट्रोक (लू लगना) जैसी गंभीर समस्याएं आम हो जाती हैं। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है और शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि हीट स्ट्रोक क्या है, इसके लक्षण क्या हैं, और इससे बचने के आसान घरेलू उपाय क्या हैं।

•हीट स्ट्रोक क्या है?

हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने पर अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता, जिससे वह तेजी से 104°F (40°C) या उससे अधिक हो जाता है। यह समस्या खासकर उन लोगों में अधिक देखने को मिलती है जो लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं या गर्म और बंद माहौल में काम करते हैं।

•हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण

अत्यधिक पसीना आना या कभी-कभी पसीना आना बंद हो जाना
सिर में तीव्र दर्द और चक्कर आना
त्वचा लाल और गर्म महसूस होना
उल्टी या मतली
तेज़ दिल की धड़कन
बेहोशी या भ्रम की स्थिति
शरीर में कमजोरी और थकावट
यदि आपको या आपके किसी परिचित को ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत प्राथमिक उपचार करें और चिकित्सक से संपर्क करें।

•हीट स्ट्रोक के कारण

लम्बे समय तक तेज धूप में रहना
अधिक उमस भरा वातावरण
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
भारी कपड़े पहनना
शारीरिक श्रम या व्यायाम करना जब मौसम बहुत गर्म हो
हीट स्ट्रोक से बचने के आसान घरेलू उपाय

खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं

गर्मी के दिनों में पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, ओआरएस आदि पिएं, चाहे आपको प्यास लगे या नहीं।

हल्के और ढीले कपड़े पहनें

गहरे रंग या सिंथेटिक कपड़े अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं।। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें जिससे शरीर को ठंडक मिले।

धूप में निकलने से बचें

दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें। अगर निकलना जरूरी हो तो धूप से बचने के लिए छाता, टोपी या गमछा साथ रखें।

नमक और शक्कर वाला पानी लें

पसीने के साथ शरीर से निकलने वाले नमक और मिनरल्स की भरपाई के लिए नींबू पानी या ओआरएस बढ़िया विकल्प हैं।

शरीर को ठंडा रखें

साफ गीले कपड़े से शरीर पोछें, ठंडी हवा में रहें और जितना हो सके ठंडी जगह पर समय बिताएं।

फल और हरी सब्जियां खाएं

तरबूज, खीरा, ककड़ी, अनार, संतरा और अंगूर जैसे फलों का सेवन करें। ये शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और पानी की कमी भी नहीं होने देते।

बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

बच्चे और बुजुर्ग हीट स्ट्रोक के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं, इसलिए उन्हें बार-बार पानी दें और धूप में न जाने दें।

कैफीन और एल्कोहल से बचें

ये दोनों चीजें शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा और बढ़ जाता है।

•हीट स्ट्रोक होने पर क्या करें?

पीड़ित को तुरंत किसी ठंडी जगह पर ले जाएं।
कपड़े ढीले करें और शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें।
अगर उल्टी या बेहोशी आ रही हो तो तुरंत डॉक्टर या अस्पताल ले जाएं।
पानी या ओआरएस धीरे-धीरे पिलाएं, लेकिन अगर उल्टी हो रही हो तो जबरदस्ती न करें।
हीट स्ट्रोक से बचाव ही इसका सबसे प्रभावी उपचार है। थोड़ी सी सावधानी और समय रहते जागरूकता आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती है। गर्मियों में स्वस्थ रहने का मूल मंत्र है — ‘हाइड्रेटेड रहें, सुरक्षित रहें’। अगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
आपका स्वास्थ्य, आपकी जिम्मेदारी।


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DrAnup Kumar

😊आप सभी हार्दिक को डॉ.अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं 😊🙏🙏14 अप्रैल, Dr. B. R. Ambedkar Jayanti के पावन अवसर पर हम Bhimrao Ra...
14/04/2026

😊आप सभी हार्दिक को डॉ.अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं 😊🙏🙏
14 अप्रैल, Dr. B. R. Ambedkar Jayanti के पावन अवसर पर हम Bhimrao Ramji Ambedkar जी को नमन करते हैं, जिन्होंने अपने ज्ञान, संघर्ष और संकल्प से समाज में समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत नींव रखी। वे केवल भारतीय संविधान के निर्माता ही नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की आवाज थे जो भेदभाव और अन्याय का सामना कर रहा था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा, आत्मसम्मान और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है। आइए, इस विशेष दिन पर हम उनके आदर्शों को अपनाने और एक समतामूलक, न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प लें। 🙏

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आप सभी को 77 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवँ मंगलकामनाएं!आज का दिन हमें गर्व और कृतज्ञता का अहसास कराता है, जब हमने...
26/01/2026

आप सभी को 77 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवँ मंगलकामनाएं!

आज का दिन हमें गर्व और कृतज्ञता का अहसास कराता है, जब हमने 26 जनवरी 1950 को अपने महान संविधान को अपनाया। यह केवल एक दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि समानता, न्याय और स्वतंत्रता के आदर्शों पर आधारित हमारे लोकतंत्र की नींव है।

परम पूज्य डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जी ने संविधान सभा में कहा था, "26 जनवरी 1950 को हम अंतर्विरोधों से भरे जीवन में प्रवेश करने जा रहे हैं। राजनीति में हमारे पास समानता होगी, लेकिन सामाजिक और आर्थिक जीवन असमानता से भरा रहेगा।"

यह संदेश आज भी हमें झकझोरता है और प्रेरित करता है कि हम अपने संविधान की आत्मा को समझें और उसे जीने का प्रयास करें।

आइए, जाति, धर्म, वर्ग और लिंग के भेदभाव को मिटाने का संकल्प लें।

हर नागरिक को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का समान अधिकार देने के लिए जुटें।

अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए बंधुत्व और एकता का भाव अपनाएं।

इस गणतंत्र दिवस पर, आइए हम सभी मिलकर उस भारत का निर्माण करें, जिसका सपना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं ने देखा था—एक ऐसा भारत, जहां हर व्यक्ति समान रूप से स्वतंत्र और सशक्त हो।
जय भीम, जय भारत, जय संविधान।
#गणतंत्र_दिवस_2026

नागार्जुन आयुर्वेद एवं क्षार-सूत्र केंद्र की तरफ से सभी को नव वर्ष की मंगल शुभकामनाएं 🎉 यह नया साल आप सभी के जीवन में नई...
01/01/2026

नागार्जुन आयुर्वेद एवं क्षार-सूत्र केंद्र की तरफ से सभी को नव वर्ष की मंगल शुभकामनाएं 🎉 यह नया साल आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करें आप सभी सदैव स्वस्थ और सुखी रहे यही प्रकृति से कामना है।
Happy New year 2026
डॉ अनूप कुमार
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी
उत्तर प्रदेश सरकार आयुष विभाग

आप सभी को तथा आपके परिवार को भगवान धन्वंतरी दिवस के शुभ अवसर पर  हार्दिक शुभकामनाएं व  आरोग्य ,धन,धान्य प्राप्त हो। 🙏🎉🎉💐...
18/10/2025

आप सभी को तथा आपके परिवार को भगवान धन्वंतरी दिवस के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं व आरोग्य ,धन,धान्य प्राप्त हो। 🙏🎉🎉💐💐🎁🙏
🪔 Dhanvantri Pooja 2025 🌿
At Nagarjuna Ayurveda, we celebrate the healing spirit of Ayurveda and pray for a healthy, happy life for everyone. 🙏
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      आज की व्यस्त और भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब भी घुटनों में दर्द या अकड़न की समस्या आती है, तो हमें अहसास होता है कि ...
30/09/2025

आज की व्यस्त और भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब भी घुटनों में दर्द या अकड़न की समस्या आती है, तो हमें अहसास होता है कि कितना महत्वपूर्ण है हमारा घुटना जोड़ (Knee Joint)। यह जोड़ हमारे शरीर का सहारा है, जो हमें चलने-फिरने, दौड़ने, बैठने और उठने की क्षमता देता है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही घुटने की सही देखभाल को लंबे जीवन और स्वस्थ शरीर का आधार मानते हैं।

🦵 घुटना जोड़ क्या है?

घुटना जोड़ शरीर का सबसे बड़ा और जटिल जोड़ है। यह हिंग्ड जॉइंट (Hinged Joint) है, जो जांघ की हड्डी (Femur) और पिंडली की हड्डी (Tibia) को जोड़ता है। इनके बीच पटेला (Patella) यानी घुटने की ढकनी होती है। इन हड्डियों के बीच कार्टिलेज (Cartilage) नामक परत होती है, जो घर्षण को कम करती है और झटकों को सहने में मदद करती है।

⚙️ घुटना कैसे काम करता है?

घुटना जोड़ एक तरह से शरीर की मशीन का "हिंज" है।

जब हम चलते हैं, तो यह हड्डियों को सहजता से मोड़ने और सीधा करने का काम करता है।

लिगामेंट्स और टेंडन्स इसे स्थिरता और लचीलापन देते हैं।

साइनोवियल फ्लूइड (Synovial Fluid) एक तेल की तरह काम करता है, जिससे जोड़ आसानी से चलता है।

इस पूरे तंत्र के कारण ही हम आसानी से बैठ पाते हैं, दौड़ सकते हैं या सीढ़ियाँ चढ़ सकते हैं।

🌟 घुटना क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

शरीर का भार उठाना – शरीर का पूरा वजन घुटनों पर संतुलित होता है।

चलने-फिरने की स्वतंत्रता – यह जोड़ हमें गतिशील बनाता है।

खेलकूद और शारीरिक क्रियाएँ – दौड़ना, कूदना, योगासन करना – सब घुटनों की बदौलत संभव है।

उम्र बढ़ने के बाद सहारा – बढ़ती उम्र में घुटनों का स्वास्थ्य जीवन की गुणवत्ता तय करता है।

🚨 घुटने की आम समस्याएँ

गठिया (Arthritis) – इसमें सूजन और दर्द होता है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस – कार्टिलेज घिस जाने से हड्डियाँ आपस में रगड़ती हैं।

लिगामेंट चोटें – खिलाड़ियों में आम समस्या।

बर्साइटिस – जोड़ के आसपास सूजन।

कैल्शियम की कमी – हड्डियों और जोड़ की कमजोरी का मुख्य कारण।

🌿 घुटनों की देखभाल के प्राकृतिक उपाय
1️⃣ आयुर्वेदिक उपाय

अश्वगंधा – सूजन और दर्द कम करती है, हड्डियों को मजबूत बनाती है।

गुग्गुल – गठिया और जोड़ों के दर्द में रामबाण औषधि।

शल्लकी (Boswellia Serrata) – सूजन घटाने और लचीलापन बढ़ाने में सहायक।

तिल का तेल मालिश – नियमित मालिश से जोड़ में रक्त संचार सुधरता है।

2️⃣ घरेलू नुस्खे

हल्दी दूध पीना – सूजन और दर्द में आराम।

मेथी दाना – सुबह खाली पेट मेथी का पानी पीना जोड़ो की जकड़न में लाभकारी।

अदरक और लहसुन – प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से युक्त।

सरसों के तेल में लहसुन डालकर मालिश – दर्द और सूजन को तुरंत कम करता है।

3️⃣ योग और व्यायाम

वज्रासन – पाचन और घुटनों दोनों के लिए लाभकारी।

ताड़ासन और त्रिकोणासन – जोड़ को लचीला बनाते हैं।

हल्की वॉक – जोड़ के मूवमेंट को सक्रिय रखती है।

⚠️ घुटनों की देखभाल के लिए सावधानियाँ

लंबे समय तक खड़े रहने या लगातार सीढ़ियाँ चढ़ने से बचें।

ज़्यादा वज़न होने पर उसे नियंत्रित करें, क्योंकि मोटापा घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

कैल्शियम और विटामिन D युक्त भोजन लें।

गलत पोज़िशन में बैठने से बचें।

🌸 अनजाने लेकिन सच्चे तथ्य (Unknown but True Facts)

हमारे जीवन का लगभग 80% समय घुटनों पर आधारित गतिशील गतिविधियों में जाता है।

आयुर्वेद के अनुसार घुटने अस्थि धातु और मज्जा धातु की स्थिति को दर्शाते हैं।

हड्डियों की कमजोरी सिर्फ उम्र से नहीं, बल्कि गलत खान-पान और जीवनशैली से भी होती है।

घुटनों की देखभाल करने से रीढ़ और कूल्हों की समस्याएँ भी कम होती हैं।

✨ निष्कर्ष

घुटना जोड़ हमारे जीवन की हर गतिविधि का आधार है। यह न केवल शरीर का सहारा है, बल्कि हमारी स्वतंत्रता और गतिशीलता की पहचान भी है। सही आहार, योग, और प्राकृतिक उपाय अपनाकर हम अपने घुटनों को जीवनभर स्वस्थ रख सकते हैं।

📌 हैशटैग्स

#घुटनेकाजोड़ #आयुर्वेदिकइलाज #स्वस्थजोड़

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