15/06/2026
कैंप में कई मरीज आए, हर किसी की अपनी अलग कहानी थी…
लेकिन एक मरीज की बात ने दिल को अंदर तक झकझोर दिया।
उसकी तकलीफ, उसकी मजबूरी और उसके हालात सुनकर
कुछ पल के लिए मैं खुद को संभाल नहीं पाया…
आँखें नम हो गईं और दिल भारी हो गया।
उसी वक्त मैंने सर झुका कर अल्लाह का शुक्र अदा किया
कि उसने मुझे इस काबिल बनाया
कि मैं किसी के दर्द को कम करने का जरिया बन सकूं।
एक डॉक्टर होना सिर्फ पेशा नहीं,
बल्कि एक जिम्मेदारी है…
और शायद एक इबादत भी।
आज फिर महसूस हुआ कि हम
Ummeed Health and Education Foundation
के जरिए हम सिर्फ इलाज नहीं कर रहे,
बल्कि लोगों के लिए उम्मीद बन रहे हैं। ❤️