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04/01/2022
06/11/2018

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26/10/2018

अंकुरित गेंहू | Wheat Germ

गेंहू के अंकुर या वीट जर्म गेहूं की गुठली का सबसे अच्छा हिस्सा है जिसमें अनाज की सभी खूबियां भरी होती हैं। गेहूं के एक अनाज के 3 भाग होते हैं। बाहरी परत, जिसे चोकर या ब्रैन कहा जाता है। आटा प्राप्त करने के लिए पाउडर बनाए जाने वाले गेहूं में एन्डोस्पर्म और अंकुर या जर्म या अनाज का सबसे भीतरी भाग होता है। कुल अनाज के वजन का केवल 2.5 से 3.8 प्रतिशत भाग ही वीट जर्म होता है, यह हिस्सा अनाज के बाकी सभी हिस्सों के मुकाबले अधिक पौष्टिक होता है।

वास्तव में, इसे अनाज का भ्रूण कहा जाता है जिसमें से बीज अंकुरित होते हैं। गेहूं के अंकुर या वीट जर्म में 10-15 प्रतिशत लिपिड, 19 प्रतिशत प्रोटीन, 17 प्रतिशत शर्करा, 1.5-4.5 प्रतिशत फाइबर और 4 प्रतिशत खनिज पाए जाते हैं जो इसके पोषक तत्वों के प्रोफाइल के साथ एक प्रभावशाली पोषण संबंधी प्रोफाइल है।

यह ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides) और एंटीऑक्सिडेंट्स(antioxidants) से समृद्ध होते हैं। साथ ही इसमें प्रोटीन की उच्च मात्रा के अलावा पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, ज़िंक और मैंगनीज जैसे खनिजों की मात्रा भरपूर है।

प्रकृति ने बहुत से पोषक तत्वों को एक छोटे से कर्नेल में पैक किया है, और इसलिए इस बात पर हैरानी नहीं होनी चाहिए कि वीट जर्म को एक पूरक आहार के रुप में देखा जाता है। यदि आप वीट जर्म की सही ताकत को समझना चाहते हैं, तो ये रहीं 6 बातें जो कि आपको अपनी डायट में वीट जर्म को शामिल करने के लिए ठोस कारण बताएंगे। यदि आप लगातार 7 दिन तक भी अंकुरित गेहूँ के सेवन कर लेंगे तो आपको नीचे बताए गये फ़ायदे महसूस होने लगेंगे, आइए जानते है इसके बारे में...

अंकुरित गेहूँ के फायदे | Benefits of Wheat Germ

कब्ज : सुस्त बोवेल मूवमेंट आपके दिन को ख़राब कर देता है। आमतौर पर ऐसा डायट में फाइबर की कमी के कारण होता है। जहां भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए भोजन में गेहूं की चोकर मिलायी जाती है, वहीं गेहूं का अंकुर या वीट जर्म भी समान रूप से फायदेमंद हो सकता है। इसका फाइबर प्रोफाइल काफी प्रभावशाली होता है, और इसीलिए यह आपके आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाता है और आपको कब्ज या कॉन्स्टिपेशन राहत दिलाता है।

कैंसर : आज की वर्तमान डायट हमारी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो रही हैं! इसके कई दुष्प्रभावों में से एक कैंसर का ख़तरा भी है जो तेज़ी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कैंसर के जोखिम को रोकने के लिए एंटीऑक्सिडेंट की एक अच्छी खुराक की सलाह देते हैं। वीट जर्म के सेवन से एंटीऑक्सीडेंट की आपकी दैनिक ज़रूरत पूरी हो जाएगी। दरअसल, वीट जर्म एक्स्ट्रैक्ट (wheat germ extracts) कैंसर रोगियों के लिए पोषक तत्वों की खुराक के रूप में भी उपयोग किया जाता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) : रोग-प्रतिरोधक प्रणाली या इम्यूनिटी पर फाइबर युक्त आहार के प्रभाव के बारे में हम सब अच्छी तरह से जानते हैं। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम का एक दोस्त फाइबर, पेट से हानिकारक रोगाणुओं को साफ करने में मदद करता है और अच्छे बैक्टेरिया के प्रसार में मदद करता है। इसीलिए वीट जर्म जैसे फाइबर से भरपूर भोजन, आपकी रोग-प्रतिरोधक प्रणाली के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है।

मधुमेह या डायबिटीज : अगर मधुमेह या डायबिटीज के मरीज इससे खाने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, तो आप को डरने की जरूरत नहीं है। जैसा कि हम जानते हैं कि वीट जर्म में डायटरी फाइबर की एक अच्छी मात्रा होती है। यह भोजन के बाद या पोस्ट्प्रैन्डीअल ब्लड ग्लूकोज की प्रतिक्रिया को कम करने में मदद कर सकता है। अपने आहार में साबुत अनाज शामिल करने से आपको टाइप 2 डायबिटीज से बचने में मदद हो सकती है।

हृदय रोग : गेहूं के रोगाणु हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ एकस्पर्ट्स ने हमेशा से बेहतर हार्ट हेल्थ के लिए साबुत अनाज खाने की सलाह दी है। अपने शानदार न्यूट्रिशनल प्रोफाइल के साथ, वीट जर्म, आपके दिल को स्वस्थ रखने और कोरोनरी हृदय रोगों के जोखिम को कम करने के लिए जरूरी होता है।

मोटापा घटाए : फाइबर से समृद्ध आहार, ज्यादा वजन और मोटापे से बचा सकता है। वीट जर्म खाने से आपको न केवल पर्याप्त फाइबर मिलेगा, बल्कि आप कई घंटों के लिए ऊर्जा भी प्राप्त हो सकती है, जिससे आप बिना सोचे-समझे खाने से बच सकते हैं। तो अगर आप वेट लॉस के लिए एक असरदार भोजन की तलाश कर रहे हैं, तो वीट जर्म आपके लिए काफी है।
(विशाल आहूजा)

अर्जुन एक औषधीय पेड़ है जो भारत में आसानी से पाया जाता है। इसे घवल, ककुभ और नदीसर्ज आदि नामों से भी जाना जाता है। अर्जुन...
17/12/2016

अर्जुन एक औषधीय पेड़ है जो भारत में आसानी से पाया जाता है। इसे घवल, ककुभ और नदीसर्ज आदि नामों से भी जाना जाता है। अर्जुन की छाल अंदर से लाल रंग की होती है और पेड़ से उतारने पर चिकनी चादर की तरह उतरती है।

यह हृदय रोग, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित हृदय धड़कन व अत्यधिक रक्तस्त्राव के इलाज में लाभकारी है और साथ ही इससे हृदय को पोषण मिलता है।

कैसे उपयोग करें:
•तीन ग्राम चूर्ण की मात्रा सुबह-शाम दूध के साथ लेने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में आराम मिलता है।

•एक कप पानी में तीन ग्राम अर्जुन की छाल का चूर्ण डालकर उबालें। पानी की मात्रा आधी रहने पर इसे सुबह-शाम गुनगुना पी लें। इससे बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

•एक कप दूध (बिना मलाई वाला) में एक कप पानी मिलाकर उबालें। इसमें आधा चम्मच अर्जुन की छाल का चूर्ण डालें। जब इस तरल की मात्रा आधी रह जाए तो गुनगुना होने पर पिएं। इसे 1-2 बार खाली पेट पीने से हृदय की धड़कन नियमित व व्यवस्थित रहती हैं।

•चायपत्ती की बजाय इसकी छाल को पानी में उबालकर उसमें दूध व चीनी डालकर पीना हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल में फायदेमंद है। इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।

20/09/2016

डेगू मलेरिया टायफाइड क्या सभी बुखार खत्म करने का आसन उपाय


ये काढ़ा पहली खुराक में ही आप को आराम देगा और ये कहना भूल जायेगे की आयुर्वेदिक दवाई लेट काम करती है


5 ग्राम गिलोय 10 नीम के पत्ते 10 तुलसी के पत्ते 8 कालीमिर्च और २ ग्राम सुदर्शन चूर्ण २०० मिली पानी में उबाल ले और पानी का आठवा भाग यानि २५ मिली शेष बचने पर उतर के ठंडा होने दे और ये आधा सुबह और आधा शाम को ले ले लगभग एक हप्ते ले इसमें थोड़ी दालचीनी मिला ले गरम करते समय इससे सभी बुखर भाग जायेगे और अगर कोई कसार रह जाये या इस काढ़े को और ज्यादा प्रभाव करी बनना चाहते है तो २ ग्राम चिरायता और २ ग्राम गुमा और छोटी कटेरी (भटकोइया ) मिला दे

वैसे भुखर के लिये एक अकेला सुदर्शन चूर्ण भी बहोत काफी है

नोट : आधा से एक ग्राम पुनर्वा सुबह शाम जरुर ले क्यू की लीवर पर इन बुखर का कोई असर ना हो

पलेटनेट की कमी पर : गिलोय सत्व आधा से एक ग्राम हर 3 घंटे बाद
या गुलर के छाल का काढ़ा हर 3 घंटे बाद
या पपीते के पत्तो का रस २५-५० मिली सुबह शाम
और अनार का जूस ५०-१०० मिली ले
और एक काम जरुर करे अपने घर के आसपास तुलसी और गेदे का फुल जरुर लगाये इससे मछरो से बचा जा सकता है घर में पानी हमेशा ढक कर रखे और नालो की सफाई समय समय पर करवाते रहे अपने घर के आसपास पानी और कूड़ा कर्कट जमा ना होने दें।
(डा० विशाल आहूजा)

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27/08/2016

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