Navel Balance Therapy & Training Center India

Navel Balance Therapy & Training Center India About 90% of the people in India do not have nabhi balance.

शरीर में कही भी दर्द है तो ये घरेलू प्राकृतिक उपचार किया जा सकता है।
14/05/2026

शरीर में कही भी दर्द है तो ये घरेलू प्राकृतिक उपचार किया जा सकता है।

29/03/2025

Navel Alignment Therapy with Acupressure
&TrainingCenterIndia

12/02/2025
11/02/2025

HEEL PAIN RELIEF 60% ONLY TWO SITTING.
DR. PAWAN KUMAR NATUROPATHY
NAVEL ALIGNMENT THERAPY CENTER GREATER NOIDA CONTACT US 078380 37030

11/02/2025

*प्राकृतिक चिकित्सा जीर्ण रोगों में लाभ तो करती है परन्तु तीव्र रोगों एवं आकस्मिक स्थिति (Emergency) में यह चमत्कारी प्रभाव दिखाती हैं। इन प्रयोगों में से कुछ आप भी आजमायें तथा बिना किसी दुष्प्रभाव के लाभ उठायें।*
*हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब लाइक और कमेंट करना ना भूले*
किसी प्रकार की चोट, मोच, कटने तथा कुचलने पर- अत्यधिक शीतल जल की तीन-चार तह किए हुए मुलायम कपड़े की पट्टी रखें। यदि बर्फ उपलब्ध हो तो उससे सेंक करें।

*जलने पर-जले हुए अंग को बर्फ जैसे ठण्डे पानी में तब तक डुबोकर रखें जब तक कि जलन शान्त न हो जाए। पानी गरम होने पर उसे फेंक दें और दुबारा शीतल जल लेकर प्रयोग करें।*

बार-बार दस्त व पेट में मरोड़ या दस्त- बर्फ जैसे ठण्डे पानी में तौलिया भिगोकर उसकी मोटी पट्टी बनाकर पेडू पर रखें। 15 मिनट के अन्तराल से बदलते रहें।

*सिर, पेट, आँख में किसी प्रकार के दर्द या पुराना घाव- तीन तौलिये, गरम तथा ठण्डे पानी का पात्र लें। एक तौलिये को गरम पानी में भिगो-निचोड़ कर आक्रान्त अंग पर 3 मिनट रखें। दूसरे सूखे तौलिये को ढकें। अन्य तौलिये को ठण्डे पानी में भिगो निचोड़ कर 2 मिनट रखें, सूखे तौलिये से ढकें। यह क्रम 3 से 5 बार करें।*

तीव्र जुकाम, खाँसी, सिर दर्द कँपकँपी होने पर - सिर पर गीला तौलिया रखकर शरीर कोकम्बल से ढककर गरम पानी से भरी बाल्टी में पैर रखें। पसीना अनुभव होने पर सारे शरीर को ठण्डे पानी से स्पंज कर विश्राम करें।

*दाँत दर्द - ठण्डे पानी से सिर धोकर गीला तौलिया लपेटें। गरम पानी, फिर ठण्डे पानी से क्रम से 10-15 बार कुल्ला करें।*

ज्वर- सिर, पेडू, कन्धा तथा रीढ़ पर तीन-चार तह किए गए कपड़े की ठण्डी पट्टी रखें। 15 मिनट बाद कपड़े बदलते रहें। सारे शरीर का स्पंज कर विश्राम करें। उपर्युक्त प्रत्येक स्थिति में पेट को साफ रखने के लिए एनिमा अवश्य लें तथा रसाहार का प्रयोग करें। लाभ होता ही है। सभी प्रकार के तीव्र रोग में 2 दिन रसाहार लें। दोनों समय गुनगुने पानी में नींबू डालकर एनिमा लें तथा आवश्यकतानुसार निसर्गोपचार लें, विश्राम करें।

*विशेष- वायरल फीवर या किसी प्रकार के ज्वर, ठण्ड आदि में एक सामान्य नींबू के छिलके समेट आठ टुकड़े काली मिर्च दस + लौंग 2 + अदरक 2 ग्राम तुलसी के पत्ते 12 + चिरायता 10 ग्राम कुटकी 10 ग्राम को मिलाकर एक लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा लीटर बच जाए तो उतार लें। 3 घंटे के अंतराल पर आधा कप गरम-गरम ही पियें। मुँह की कड़वाहट मिटाने के लिए मुनक्का या किशमिश खायें। इस काढ़े के प्रयोग से रोगी को दस्त हो सकते हैं। घबराएँ एवं डरें नहीं। छिलका समेत नींबू का काढ़ा भी उपयोगी होता है।*

अगर आप किसी भी स्वस्थ्य से संबंधित तकलीफ से परेशान हैं ओर हर जगह इलाज कराने के बाद भी आराम ना हो तब ही आप हमें अपनी तकलीफ उम्र ओर वजन वाट्स एप मैसेज किजिएगा जी।
*डॉ पवन कुमार नेचुरोपैथी*
*ग्रेटर नोएडा 7838037030*

16/12/2024

https://youtu.be/tEATxY_mDnQ?si=
*अगर आप स्वस्थ संबंधित जानकारी* से अपडेट रहना चाहते हैं तो कृपया हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करना ना भूले ओर यह जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शैयर करें।
धन्यवाद जी।
*क्या आप गठिया जैसे जिददी रोग घुटना व कमर दर्द, सायटिका दर्द पिडलियो का दर्द ऐडी का दर्द से मुक्ति चाहते हैं तो एक बात हमेशा याद रखिए आपको आपका पाचन तंत्र ही स्वस्थ करता है सबसे पहले नाभि बैलेंस कराने के बाद नीचे दी गई औषधियो का प्रयोग किजिए तीन महीने।*
*अपने चिकित्सक खुद बने*
*अपने आप से अच्छा आपका चिकित्सक दूसरा कोई हो नहीं सकता*
यह पोस्ट पूरा पढिए और मस्त रहिए।
*डा.पवन कुमार नेचुरोपैथी*
*ग्रेटर नोएडा 7838037030*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
*😢*निरोग चूर्ण*😊*
⚫1⃣ ⚫ त्रिकुटा मिश्रण,
⚫2⃣ ⚫ अलसी बीज ,
⚫3⃣ ⚫ अजवाइन,
⚫4⃣ ⚫ नागर मोथा,
⚫5⃣ ⚫ त्रिफला मिश्रण,
⚫6⃣ ⚫ सहजन के बीज,
⚫7⃣ ⚫ निर्गुणडी के बीज,
सभी चीजें पंसारी के यहा आसानी से मिल जायेगी सबको
बराबर मात्रा में लेना है ओर कूट पीस कर चूर्ण बना कर आटा
छाननी में छानकर किसी साफ डबबे में भरकर रख ले।
*एक चम्मच चूर्ण (लग भग 5,ग्राम) सुबह उठते ही एवं एक
चम्मच चूर्ण, रात को सोते समय हल्के गर्म पानी के साथ लेना
है।
*शर्त...* दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना है।
*परहैज -* सभी प्रकार कि दालें,तली हुई चीजें, कोई भी डब्बे या पोलिथीन में बंद बनी बनाई बाहर बिकने वाली चीजें आदि
*"चूर्ण के कुछ अद्भुत फायदे"*
*गठिया जैसा जिद्दी रोग तो दूर होगा ही साथ ही साथ,हड्डियां मजबूत होगी,घुटनों का दर्द,कमर का दर्द,गर्दन का दर्द, सायटिका,सर्वाइकल स्पोडिलाइटिस दर्द से मुक्ति,*
*इस चूर्ण का असर 30-40 दिन तक लेने के बाद से दिखने लगेगा।*
आप हमारी देख रेख में घर पर रहकर भी उपचार कर सकते हैं
*निरोग चूर्ण* मंगवाने के लिये
*अपना नाम,*
*पूरा पता,*
*पिन कोड एवं*
*निरोग चूर्ण* टाइप करके वाटसअप मैसेज द्वारा भेजने का
कष्ट करें।साथ में डाईट प्लान भी होगा अगर आप उसका सख्ती से तीन महिना पालन करते है तो आपकी बिमारी को ठीक होने से
कोई रोक नही सकता है ।
*विशेष.. कैसी भी जानकारी के लिये फोन ना करें। सिर्फ
व्हाट्सएप मैसेज ही करे ।*
*सम्पर्क करें*
*डा.पवन कुमार नेचुरोपैथी*
*ग्रेटर नोएडा 7838037030*

16/12/2024

*एसिडिटी को चुटकी में गायब करें*
*ऐसे*
*अपने चिकित्सक खुद बनें*
*अपने आप से अच्छा अपना चिकित्सक दूसरा कोई हो नहीं सकता*
क्या आप जानते हैं, *एसिडिटी* की दवा से हो सकती हैं आपकी किडनी खराब।
जब हम खाना खाते हैं तो इस को पचाने के लिए शरीर में एसिड बनता हैं। जिस की मदद से ये भोजन आसानी से पच जाता हैं। ये ज़रूरी भी हैं। मगर कभी कभी ये एसिड इतना ज़्यादा मात्रा में बनाता हैं के इसकी वजह से
सर दर्द, सीने में जलन और पेट में अलसर और अलसर के बाद कैंसर तक होने की सम्भावना हो जाती हैं।
ऐसे में हम नियमित ही घर में इनो या *पीपीआई (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर्स)* दवा का सेवन करते रहते हैं। मगर आपको जान कर आश्चर्य होगा के ये दवाये सेहत के लिए बहुत खतरनाक हैं। *पीपीआई ब्लड में मैग्नीशियम की कमी* कर देता है। अगर खून पर असर पड़ रहा है तो किडनी पर असर पड़ना लाज़मी है। जिसका सीधा सा अर्थ की ये दवाये हमारी सेहत के लिए खतरनाक हैं।
हमने कई ऐसे *मूर्ख लोग* भी देखे हैं जो एसिडिटी होने पर *कोल्ड ड्रिंक पेप्सी या कोका कोला* पीते हैं ये सोच कर के इस से *एसिडिटी कंट्रोल होगा*। ऐसे लोगो को भगवान ही बचा सकता हैं।
तो ऐसी स्थिति में कैसे करे इस *एसिडिटी का इलाज*
आज हम आपको बता रहे हैं भयंकर से भयंकर एसिडिटी का चुटकी बजाते आसान सा इलाज।
ये इलाज आपकी सोच से कई गुना ज़्यादा कारगार हैं। तो क्या हैं ये उपचार।
ये हर रसोई की शान हैं। हर नमकीन पकवान इसके बिना अधूरा हैं। ये हैं आपकी रसोई में मौजूद *जीरा*। जी हाँ जीरा।
कैसे करे सेवन
*_जब भी आपको एसिडिटी हो जाए कितने भी भयंकर से भयंकर एसिडिटी हो आपको बस जीरा कच्चा ही चबा चबा कर खाना हैं। एसिडिटी के हिसाब से आधे से एक चम्मच (ढाई से पांच ग्राम) जीरा खाए। इसके 10 मिनट बाद गुनगुना पानी पी ले। आप देखेंगे के आपकी समस्या ऐसे गायब हो गयी जैसे गधे के सर से सींग।_*

ये उपरोक्त नुस्खा मैंने बहुत लोगो पर आजमाया हैं। और उनका अनुभव ऐसा हैं के जैसे जादू। तो आप भी ये आजमाए।
धन्यवाद।
कृपया अपनी इस पोस्ट को *ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और हर भारतीय तक पहुंचाए। आपकी सेवा में नए नए अनुभव ले कर फिर से उपस्थित होंगे।
आप का हर दिन शुभ और स्वस्थ रहें।
*डाँ.पवन कुमार (नेचुरोपैथी)*
*ग्रेटर नोएडा 7838037030*

05/12/2024
05/12/2024
02/09/2024

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Baba Dungar Gate Dadha Gaon Greater Noida
Greater Noida

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