23/06/2026
परम पूज्य गुरुदेव,
कोटि-कोटि प्रणाम। 🙏🏻
आपकी अनंत कृपा, दिव्य स्नेह एवं पावन आशीर्वाद से मुझे भारत की ब्रह्मनाभि — करौंदी ग्राम, जिला कटनी स्थित परम पावन ब्रह्म स्थल पर उपस्थित होकर ब्रह्मनाभि संस्कार में सहभागी होने का दुर्लभ एवं अलौकिक सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह दिव्य भूमि, जहाँ रूपनाथ धाम स्थित है, *भारत का नाभि केंद्र* मानी जाती है। यह स्थल केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, अपितु आध्यात्मिक चेतना, प्राचीन इतिहास और दिव्य ऊर्जा का अद्भुत संगम है। सम्राट अशोक के शिलालेख, माता सीता एवं लक्ष्मण जी से जुड़ा पावन रामकुंड तथा कैमूर पर्वत की तपोमयी ऊर्जा इस स्थान की महिमा को और अधिक दिव्यता प्रदान करती है। यही वह पुण्यभूमि है जहाँ अनादि काल से ऋषि-मुनियों की साधना, तप और ध्यान की दिव्य स्पंदनाएँ आज भी अनुभव की जाती हैं।
उस पावन ब्रह्म स्थल पर उपस्थित होकर मेरे अंतर्मन में एक ही भाव बार-बार उदित हुआ कि आपका शिष्यत्व प्राप्त होना मेरे इस जीवन का परम सौभाग्य है। आपकी कृपा से यह अनुभूति हुई कि गुरु केवल तीर्थ तक पहुँचने का मार्ग नहीं बताते, बल्कि गुरु स्वयं साक्षात् तीर्थ, ज्ञान और ईश्वर की कृपा का माध्यम होते हैं।
हे गुरुदेव, आपके दिव्य मार्गदर्शन एवं कृपा से मुझे इस महान ब्रह्मनाभि संस्कार का अंग बनने का जो अमूल्य अवसर प्राप्त हुआ है, वह मेरे जीवन की अमिट आध्यात्मिक धरोहर रहेगा।
आपके श्रीचरणों में अपनी सम्पूर्ण श्रद्धा, कृतज्ञता और भक्ति अर्पित करते हुए मैं बारंबार कोटि-कोटि प्रणाम करती हूँ।
आपकी कृतज्ञ शिष्या,
सीमा शर्मा 🙏🏻