31/05/2026
Chaurotia Hospital *डिप्रेशन : अधिकतर समय उदास रहना, काम करने में खुशी न मिलना,
काम करने मे मन न लगना, नींद व भूख कम या अधिक होना, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता मे कमी, ऊर्जा की कमी,हीनभावना,निराशावादी। नकारात्मक विचार आना, खुद को नुकसान पहुचाने अथवा आत्महत्या के विचार आना।
*एंग्जाइंटी : # अत्यधिक चिंता रहना, चिंता पर से स्वनियंत्रण हटना, घबराहट-बेचैनी रहना, दिमाग दिल की धड़कन बढ़ जाना कांपकफी होना, सिर खाली खाली लगना, काम में ध्यान नहीं लग पाना।
*ओसीडी : # दिमाग को परेशान करने वाले विचार बार-बार आना, विचार गलत है यह जानते हुए भी उन्हें रोकने में
विफल हों जाना, गंदगी का वहम बार-बार हाथ धोना, गलती होने का बार-बार चेक करना, विचारों को रोकने में
विफल होना पर घबराहट, बेचैनी, उदासी होने लग जाना, नींद व भूख खराब होना, हर समय किसी अनजाने भय
अनहोनी के विचार आना।
*साइकोसिस : # बेवजह शक-वहम करना, डर लगना, उग्र हो जाना, अपने आप से बातें करना, बड़बड़ाना, अकारण
हँसना अथवा रोना, आवाजें सुनाई देना, असामान्य व्यवहार हो जाना, बेवकफी बातें करना।
*नशा रोग : # किसी मानसिक समस्या के निदान के लिए अस्थाईी निदान के लिए नशा करना, नशीले पदार्थ की
मात्रा दिन-ब-दिन बढ़ना, नशा करने पर भी कम नशा होना, नशा बंद करने पर तकलीफ होना, जरूरी कामों से
अधिक नशों को प्राथमिकता देना, शारीरिक, मानसिक आर्थिक पारिवारिक समस्या के बावजूद नशा करना (अफीम,
डोडापोस्त, नींद की गोली, चिट्ट्ा, हेरोइन, स्मैक, शराब, भांग, गांजा, बीड़ी, तम्बाकूइत्यादि का नशा)
*सेक्स रोग : # धात गिरना, लिंग में तनाव की कमी, शीघ्रपतन, स्वनदोष, सेक्स इंच्छा में कमी इत्यादि।
*शारीरिक समस्याऐं : # लम्बे समय में सिर दर्द, पेट दर्द एवं पेट में जलन, हाथों पैरों, जोड़ों में दर्द रहना एवं जलन होना परंतु
जांच रिपोर्ट्स में कुछ न आना। कोई बड़ी बीमारी होने का डर बने रहना, मामूली लक्षण को भयंकर मानना, किसी भी बड़ी
बीमारी महसूस करना, चिकित्सक द्वारा तस्सली दिलाने के बावजूद भरोसा न होना,बार-बार जांच करवाते रहना व चिकित्सक बदलते
*महिलाओं के रोग : # माहवारी के समय अधिक चिड़चिड़ापन व उदासी रहना, रोने का मन