29/05/2026
#मांस_खाना_अल्लाह_का_आदेशनहीं
#जैसादर्दअपनेहो_ऐसाजान_बिरानै
EidNamaz EidPrayersकुरआन और बाइबल के गहन ज्ञान के आधार पर संत रामपाल जी महाराज समझाते हैं कि भगवान/अल्लाह के नाम पर जीव की गर्दन काटना धर्म नहीं, बल्कि अज्ञानता और कुप्रथा है। यह कृत्य मनुष्य को पापी कसाई की श्रेणी में खड़ा करता है।कबीर साहेब और संत गरीबदास जी महाराज के अनुसार, हिंदू और मुसलमान दोनों का मार्ग दया और अहिंसा से ही सिद्ध होता है। किसी भी जीव की गर्दन काटना कुफर (पाप) है।