01/06/2026
आम का मौसम है।
और हर घर में यही बहस चल रही है — खाएँ या न खाएँ?
एक तरफ़ वो लोग हैं जो डर के मारे आम को हाथ तक नहीं लगाते।
दूसरी तरफ़ वो जो दिनभर आम के shake पी जाते हैं — “fruit है भाई, healthy ही होगा।”
दोनों गलत हैं।
सच ये है — आम दुश्मन नहीं है।
उसका glycemic index सिर्फ़ 51 के आसपास है। उसमें fibre है, Vitamin A है, C है।
दिक्कत आम में नहीं… उस glass में है।
दो- तीन आम, ऊपर से चीनी, दो मिनट में अंदर — यही liver पर load बनता है।
वही आम जब साबुत, चबाकर खाया जाए — तो शरीर आराम से संभाल लेता है।
तो याद रखिए सिर्फ़ तीन बातें —
आम साबुत चबाकर खाइए, shake नहीं लेना ।
दिन में आधा medium आम काफ़ी है।
जिस meal में आम लें, उसमें एक रोटी या थोड़े चावल कम कर दीजिए।
बस इतना। फिर बिना guilt के आम का मज़ा लीजिए।
और हाँ — diabetes या fatty liver है, तो अपनी exact मात्रा अपने doctor से एक बार ज़रूर पूछ लीजिए। हर शरीर अलग होता है।
— Dr. Rishab Sharma
Gastro & Liver Specialist, Manipal Hospital, Jaipur
📞 9887887805