11/06/2026
राजस्थान में मल्टीपल स्केलेरोसिस (MS) मरीजों के लिए समग्र एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय (DME), राजस्थान द्वारा “आरोग्य संगम” के अंतर्गत आयोजित उच्च स्तरीय नीतिगत संवाद में प्रदेशभर के विशेषज्ञों, स्वास्थ्य अधिकारियों एवं हितधारकों ने भाग लेकर एमएस मरीजों के लिए बेहतर निदान, समयबद्ध उपचार, सुदृढ़ रेफरल प्रणाली और विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में राज्य की पहली डिजिटल MS रजिस्ट्री की पायलट शुरुआत, राज्य-विशिष्ट स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (STG) तैयार करने, क्षमता निर्माण, मेडिकल अधिकारियों के प्रशिक्षण तथा मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी। विशेषज्ञों ने एमएस रोगियों के लिए सस्ती दवाओं, परामर्श सेवाओं और बहु-विषयक उपचार व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
राजस्थान सरकार न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर प्रत्येक मरीज को समय पर निदान, उचित रेफरल और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बाबूलाल गोयल, अतिरिक्त निदेशक(एकेडमी) डॉ. रश्मि गुप्ता पीजीआई चंडीगढ़ के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. धीरज खुराना, डॉ. रजनी, उप निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), कर्नाटक, एसएमएस अस्पताल, जयपुर के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. बी.एल. कुमावत, मल्टीपल स्केलेरोसिस सोसाइटी ऑफ इंडिया (एमएसएसआई) के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।