Dr Janu homeopathic clinic

Dr Janu homeopathic clinic ● एलर्जी ●दमा
● गुर्दे की पथरी
● चर्म र?

15/04/2026
आपको सपरिवार दीपावली  गोवर्धन पूजा, भाईदूज की हार्दिक शुभकामनाएं. यह दीपोत्सव आपके जीवन को समृद्धि,यश ,कीर्ति ,वैभव ,सुख...
27/10/2019

आपको सपरिवार दीपावली गोवर्धन पूजा, भाईदूज की हार्दिक शुभकामनाएं.
यह दीपोत्सव आपके जीवन को
समृद्धि,यश ,कीर्ति ,वैभव ,सुख-शांति, सौहार्द एवं अपार खुशियों की रोशनी से जग-मग कर अलौकिक आनंदानुभूति प्रदान करे ।
🙏 शुभ दीपावली 🙏

28/09/2019

विश्व हृदय दिवस (World Heart Day)


विश्व हृदय दिवस वार्षिक तौर पर 29 सितंबर को मनाया जाने वाला आयोजन है| इसका उद्देश्य जनसाधारण में हृदय से संबंधित होने वाले रोगों, उनके परिणाम व उनके रोकथाम के लिए जागरूक बनाना है| विश्व में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु की दर सबसे अधिक है|

इस आयोजन की पहल विश्व हृदय संघ के निदेशक ने 1999 में आंटोनी बेस दे लुना ने डब्ल्यूएचओ (WHO) के साथ मिल कर की थी| इसकी स्थापना लोगो को इसकी जानकारी देने के लिए की गयी थी किस प्रकार वह एक स्वस्थ हृदय का वातावरण बना सकते हैं, और किस प्रकार एक स्वस्थ जीवन शैली अपना कर हृदय से संबंधित रोगों पर रोक लगा सकते है|

कोरोनरी धमनी रोग:

हृदय के रोगो में हाइन वाला यह एक सबसे सामान्य प्रकार का रोग है, जिसका कारण कोलोस्टराल द्वारा उन धमनियों पर एक दीवार जैसी संरचना को बना देना है जो की रक्त को हृदय तक पहुचाने का कार्य करती हैं| जिसके परिणामस्वरूप हृदय घात, हृदय पीड़ा, हृदय गति का रुक जाना, तथा अनियमित हृदय गति हो सकती है|

पड़ने वाले घाट को ब्रेन अटैक या मस्तिष्क का काम ना करना से जाना जाता है| यह तब होता है जब मस्तिष्क के रक्त प्रवाह को जाने वाली धमनी का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है, या मस्तिष्क में या उसके आस पास की धमनी फट जाती है जिसके परिणाम स्वरूप मस्तिष्क कार्य करना बंद कर देता है या मृत्यु तक हो जाती है|

होम्योपैथी आपको हार्ट अटैक आने के लक्षणों में संजीवनी जैसा काम करती हैं ,अगर आप हार्ट या कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो होम्योपैथी की ये औषधियाँ हमेशा साथ रखें :-
(१) ACONITE 200 :- जब भी सीने के बायीं और दर्द महसूस हो तो इस औषधि की दो बूँद जीभ पर टपकायें ये आपको हॉस्पिटल तक पहुँचने का मौका देकर आपकी जान बचा सकती है !
(२) ARNICA 30 :- इस औषधि की 6 गोलियां उस समय लें जब सीने के बायीं और लगातार कई दिनों तक दर्द रहता हो ,ये हार्ट की मसल्स को मजबूत करती है।
(३ ) GLONINE 200 :- जब आपका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा हो तो इस औषधि की दो बूँद आपका ब्लड प्रेशर तुरंत नार्मल स्टार पे ले आती है
(४)ALLIUM SATIVUM Q :- इस औषधि की १५ बूँद सुबह खाली पेट आधे कप पानी के साथ लेने से कोलेस्ट्रॉल घुल जाता है और खून की वाहनिया साफ़ होती हैं !
हार्ट अटैक के लक्षण :-
हार्ट अटैक कभी भी अचानक अा सकता हैै, लेकिन कुछ लक्षण हैं, जो हार्ट अटैक के 1 महीने पहले नजर आने लगते हैं। अगर आपको भी नजर आते हैं यह 6 लक्षण तो सावधान हो जाएं, क्योंकि आप हार्ट अटैक के शि‍कार हो सकते हैं। अभी जानिए इन लक्षणों को, ताकि हार्ट अटैक से बचा जा सके-
1 सीने में असहजता - यह दिल के दौरे के लिए जिम्मेदार लक्षणों में से एक है। सीने में होने वाली किसी भी प्रकार की असहजता आपको दिल के दौरे का शि‍कार बना सकती है। खास तौर से सीने में दबाव या जलन महसूस होना। इसके अलावा भी अगर आपको सीने में कुछ परिवर्तन या असहजता का अनुभव हो, तो तुरंत अपने चिकित्सक से सलाह लें।
2 थकान - बगैर किसी मेहनत या काम के थकान होना भी हार्ट अटैक की दस्तक हो सकती है। जब हृदय धमनियां कोलेस्ट्रॉल के कारण बंद या संकुचित हो जाती हैं, तब दिल को अधि‍क मेहनत करने की आवश्यकता होती है, जिससे जल्द ही थकान महसूस होने लगती है। ऐसी स्थि‍ति में कई बार रात में अच्छी खासी नींद लेने के बाद भी आप आलस और थकान का अनुभव करते हैं, और आपको दिन में भी नींद या आराम की जरुरत महसूस होती है।
3 सूजन - जब दिल को शरीर के सभी आंतरिक अंगों में रक्त पहुंचाने के लिए अधि‍क मेहनत करनी पड़ती है, तो शि‍राएं फूल जाती हैं और उनमें सूजन आने की संभावना बढ़ जाती है। इसका असर खास तौर से पैर के पंजे, टखने और अन्य हिस्से में सूजन के रूप में नजर आने लगता है। इसके कभी-कभी होंठों की सतह पर नीला होना भी इसमें शामिल है।
4 सर्दी का बना रहना - लंबे समय तक सर्दी या इससे संबंधि‍त लक्षणों का बना रहना भी दिल के दौरे की ओर इशारा करता है। जब दिल, शरीर के आंतरिक अंगों में रक्तसंचार के लिए ज्यादा मेहनत करता है, तब रक्त के फेफड़ों में स्त्रावित होने की संभावना बढ़ जाती है। सर्दी में कफ के साथ सफेद या गुलाबी रंग का बलगम, फेफड़ों में स्त्रावित होने वाले रक्त के कारण हो सकता है।
5 चक्कर आना - जब आपका दिल कमजोर हो जाता है, तो उसके द्वारा होने वाला रक्त का संचार भी सीमित हो जाता है। ऐसे में दिमाग तक आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे निरंतर चक्कर आना या सिर हल्का होना जैसी समस्याएं होने लगती हैं। यह हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार एक गंभीर लक्षण है, जिस पर आपको तुरंत ध्यान देना चाहिए।
6 इनके अलावा सांस लेने में अगर आपको किसी प्रकार का परिवर्तन या कमी का एहसास होता है, तो यह भी दिल के दौरे का लक्षण हो सकता है। जब दिल अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाता तो फेफड़ों तक उतनी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती जितनी आवश्यकता होती है। इस वजह से सांस लेने में कठिनाई होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ होता है, तो बगैर देर किए डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
नोट: इन 6 लक्षणों में से किसी लक्षण के सामने आने या महसूस होने पर तुरंत अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएं या फिर यथासंभव सलाह लें ।

स्वास्थ्यवर्धक चीज़ों को बढ़ावा देना:

विश्व स्वास्थ्य संगठन सभी को कम नमक के उपभोग पर बल देता है जो कि प्रत्यक्ष तौर पर हृदय सबंधी रोगो का कारण है| इसके अनूसार सही मात्रा में कम नमक व वसा वाला भोजन ही ग्रहण करने योग्य है|

शरीर के तंदुरुस्ती को मापने वाला सूचक बीएमआई के नाम से जाना जाता है जो की व्यक्ति के कद व वजन पर निर्भर करता है| स्वस्थ वजन को बनाए रखने के लिए :
- बी एम आई का आकलन करवाते रहें|
- उच्च रक्त चाप तथा कोलेस्टराल की नियमित जाँच करवाएँ|
- लोगों को सीढ़ियों के प्रयोग के लिए बढ़ावा दें, तथा अपने दैनिक जीवन में पैदल चलने की आदत डालें|

गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं
02/09/2019

गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं

।।राम नवमी  कि हार्दिक शुभकामनाएँ ।।
13/04/2019

।।राम नवमी कि हार्दिक शुभकामनाएँ ।।

● निपाह वायरस  क्‍या है ? ● यह कैसे फैलता है ? ●और इससे कैसे बचा जा सकता है?▪क्‍या है निपाह वायरस? विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य स...
23/05/2018

● निपाह वायरस क्‍या है ?
● यह कैसे फैलता है ?
●और इससे कैसे बचा जा सकता है?

▪क्‍या है निपाह वायरस?

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) के मुताबिक निपाह वायरस (NiV) एक ऐसा वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैल सकता है. यह जानवरों और इंसानों दोनों में गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है. इस वायरस का मुख्‍य स्रोत Fruit Bat यानी कि वैसे चमगादड़ हैं जो फल खाते हैं. ऐसे चमगादड़ों को Flying Fox के नाम से भी जाना जाता है।

▪कहां से आया निपाह वायरस?

इस वायरस की सबसे पहले पहचान 1998 में मलेश‍िया के Kampung Sungai के निपाह इलाके में हुई थी. उस वक्‍त वहां दिमागी बुखार का संक्रमण था. यह बीमारी चमगादड़ों से इंसानों और जानवरों तक में फैल गई. इस बीमारी की चपेट में आने वाले ज्‍यादातर लोग सुअर पालन केंद्र में काम करते थे. यह वायरस ऐसे फलों से इंसानों तक पहुंच सकता है जो चमगादड़ों के संपर्क में आए हों. यह संक्रमित इंसान से स्‍वस्‍थ मनुष्‍य तक बड़ी आसानी से फैल सकता है.
इसके बाद 2001 में बांग्‍लादेश में भी इस वायरस के मामले सामने आए. उस वक्‍त वहां के कुछ लोगों ने चमगादड़ों के संपर्क वाले खजूर खा लिए थे और फिर यह वायरस फैल गया।

▪निपाह वायरस के लक्षण क्‍या हैं?

निपाह वायरस के लक्षण दिमागी बुखार की तरह ही हैं. बीमारी की शुरुआत सांस लेने में दिक्‍कत, भयानक सिर दर्द और फिर बुखार से होती है है. इसके बाद दिमागी बुखार आता है।

▪कैसे फैलता है निपाह वायरस?

संक्रमित चमगादड़ों, संक्रमित सुअर या संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आने से निपाह वायरस फैलता है।

▪निपाह वायरस का इलाज क्‍या है?

अब तक निपाह वायरस का कोई वैक्‍सीन नहीं बन पाया है. इस वायरस का एकमात्र इलाज यही है कि संक्रमित व्‍यक्ति को डॉक्‍टरों की कड़ी निगरानी में रखा जाता है।

▪क्‍या सावधानी बरतनी चाहिए?

चमगादड़ों की लार या पेशाब के संपर्क में न आएं. खासकर पेड़ से गिरे फलों को खाने से बचें. इसके अलावा संक्रमित सुअर और इंसानों के संपर्क में न आएं. जिन इलाकों में निपाह वायरस फैल गया है वहां जाने से बचें।

happy women's day
08/03/2018

happy women's day

Address

4/207 Housing Board; Jhunjhunu
Jhunjhunun
TIMING9AM-1PM:4PM-7PM

Telephone

9461077776

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dr Janu homeopathic clinic posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share