24/12/2019
पंचगव्य औषधि निर्माण प्रशिक्षण सत्र प्रारम्भ सूचना
प्रथम सत्र 28 दिसंबर 2019 से 1जनवरी 2020 तक
अमर बलिदानी भाई राजीव दीक्षित जी के गौशालाओ को स्वावलंबी बनाने के गौरक्षा आंदोलन में आप भी अपना योगदान दे सकते है
पंचगव्य चिकित्सा विज्ञान से जुड़कर
इसके लिए आपको मात्र 5-5 दिन में 4 सत्र गौशाला में रहकर पंचगव्य ओषधि निर्माण का अभ्यास करना होगा जिसमे पढ़ाये जाने वाले विषय इस प्रकार होंगे :-
पंचगव्य परिचय (विषय संख्या 1)
1 गऊमाता एवं उनके गव्यों का उद्भव।
2 मनुष्य जीवन और उसके उद्देश्य।
3 गऊमाता एवं गव्य पुराण।
4 गव्यों के प्रकार।
5 योगिक क्रिया मे गाय का महत्व।
6 गऊमाता के प्रकार।
7 विभिन्न प्रकार के गऊमाताओं के गव्यों के प्रकार।
8 गऊमाता एवं काऊ में अंतर।
9 गव्यों के संग्रह के लिए गऊमाताओं का प्रशिक्षण।
10 गव्यों के संग्रह के लिए ग्रह और उपग्रहों की स्थिति।
11 श्रेष्ठ गव्य संग्रह के लिए गऊमाता को जैविक चारा।
12 गऊमाता के शरीर में ऊर्जा संग्रह का विज्ञान।
पंचगव्य का औषध के रूप में निर्माण (विषय संख्या 2)
1 गव्यों का संग्रह कैसे करें।
2 गव्यों का रख – रखाव।
3 गव्यों में जलिय अंश की व्याख्या
4 गव्यों में छारीय अंश की व्याख्या
5 गव्यों के साथ जड़ी- बूटियों का मिश्रण।
6 गौमूत्र के वाष्पिकरण की विधियां।
7 गौमूत्र छार से विभिन्न प्रकार की घनवटियों का निर्माण।
8 गौमूत्र छार से मलहम का निर्माण।
9 अम्लिय विधि से गौमूत्र औषध का निर्माण।
10 छिड़कने योग्य पंचगव्य औषध का निर्माण।
11 चूर्ण रूप में पंचगव्य औषध का निर्माण।
पंचगव्य का प्रयोग (विषय संख्या 3)
1 मानव शरीर रचना विज्ञान।
2 मानव शरीर क्रिया विज्ञान।
3 मानव शरीर में रोगों की पहचान।
4 नाडी विज्ञान का परिचय।
5 नाडी विज्ञान में अभ्यास।
6 नाभि विज्ञान का परिचय।
7 नाभि विज्ञान में अभ्यास।
8 शाकाहार जीवन की श्रेष्ठता।
9 कफ रोगों के लिए पंचगव्य।
10 पित्त रोगों के लिए पंचगव्य।
11 वात्त रोगों के लिए पंचगव्य।
12 संक्रामक रोगों की चिकित्सा।
13 नर-नारी प्रजनन तंत्र के रोग और पंचगव्य से उपचार।
14 बच्चों के रोगों के लिए पंचगव्य।
15 पंचगव्य दिनचर्या के उत्पाद एवं सौंदर्य प्रसाधन।
16 परिमितिये चिकित्सा
गौशाला रख-रखाव, प्रबंधन एवं शोध (विषय संख्या 4)
1 गौशाला वास्तु एवं निर्माण कला।
2 जैविक चारागाह प्रबंधन।
3 दूध संग्रह एवं प्रबंधन।
4 गौमूत्र संग्रह एवं प्रबंधन।
5 गोमय संग्रह एवं प्रबंधन
6 गऊमाता की चिकित्सा।
7 लघु गौशालाओं का प्रबंधन।
8 मध्यम गौशालाओं का प्रबंधन।
9 वृहद गौशालाओं का प्रबंधन।
10 जैविक चारा संग्रह तकनीक।
11 जैविक चारा उत्पादन तकनीक।
12 जैविक खाद का निर्माण एवं प्रबंधन।
13 जैविक कीट खदेडक निर्माण एवं प्रबंधन।
14 पंचगव्य उत्पादों की पैकेजिंग।
15 गौसेवक एवं गौशाला कार्यालय का प्रबंधन।
16 गौशाला अभिलेख रक्षण।
नामांकन के लिए आवश्यकता
1) बारहवीं पास हों और आयु 18 से अधिक हो.
2) यदि केवल दसवीं पास हो तो आयु 25 से ज्यादा हो.
3) यदि दसवीं से कम शिक्षा हो तो आयु 30 से अधिक हो.
4) दसवीं/बारहवीं या कम के अंक पत्र (Mark Sheet) की 4 प्रति.
5) जन्म दिन प्रमाण पत्र की 2 प्रति
6) आवास प्रमाण पत्र की 2 प्रति. (Aadhar Card, Rashan Card, Driving Licence etc.)
7) 6 रंगीन पासपोर्ट चित्र तथा 6 स्टाम्प आकार चित्र.
गुरुकुल में भारतीय वस्त्र पहनने अनिवार्य है।
महिलाओ के आवास की विशेष व्यवस्था है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
9812766687
गुरुकुल संस्थापक गव्यसिद्ध सुशील भाई