30/08/2025
इंटरनेट गेमिंग डिसऑर्डर (Internet Gaming Disorder) –
इंटरनेट गेमिंग डिसऑर्डर एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें व्यक्ति को ऑनलाइन या वीडियो गेम खेलने की इतनी आदत लग जाती है कि यह उसकी पढ़ाई, काम, नींद, सामाजिक जीवन और स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालने लगता है।
इंटरनेट गेमिंग डिसऑर्डर के लक्षण:
1. अत्यधिक समय गेमिंग में बिताना – रोज़मर्रा की ज़रूरतों से ज़्यादा समय गेम खेलने में लगाना।
2. खेल को नियंत्रित न कर पाना – बार-बार सोचने के बाद भी गेमिंग का समय कम न कर पाना।
3. अन्य गतिविधियों की अनदेखी – पढ़ाई, काम, परिवार और सामाजिक संबंधों को नज़रअंदाज़ करना।
4. चिड़चिड़ापन और गुस्सा – जब गेम खेलने से रोका जाए तो गुस्सा या तनाव महसूस होना।
5. झूठ बोलना – गेमिंग के समय या आदतों को छिपाना।
6. स्वास्थ्य समस्याएँ – सिर दर्द, आँखों में जलन, नींद की कमी और शारीरिक थकान।
कारण:
तनाव और अकेलापन
वास्तविक जीवन से भागने की प्रवृत्ति
गेम्स में मिलने वाला पुरस्कार (रिवॉर्ड सिस्टम)
दोस्तों या ऑनलाइन साथियों का प्रभाव
परिणाम:
पढ़ाई और काम में गिरावट
रिश्तों में दूरी
मानसिक रोग जैसे चिंता और अवसाद
नींद और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव
बचाव और समाधान:
1. समय की सीमा तय करना – गेम खेलने का एक निश्चित समय निर्धारित करें।
2. अन्य गतिविधियों में शामिल होना – खेल-कूद, पढ़ाई, हॉबीज़ और सामाजिक गतिविधियों में समय दें।
3. परिवार और दोस्तों से सहयोग लेना – गेमिंग की आदत पर नियंत्रण के लिए सहयोग माँगें।
4. डिजिटल डिटॉक्स – कुछ दिनों तक गेम्स और स्क्रीन से दूरी बनाना।
5. विशेषज्ञ की मदद लेना – यदि आदत बहुत गंभीर हो तो मनोचिकित्सक या काउंसलर की सहायता लें।
👉 निष्कर्ष: इंटरनेट गेमिंग डिसऑर्डर कोई साधारण लत नहीं है, बल्कि एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या है। इसे समय रहते पहचानकर और नियंत्रित करके जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाया जा सकता है।