02/09/2026
*लखीमपुर खीरी: वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को चला अभियान, मलेरिया-डेंगू के मामलों में आई गिरावट, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट*
लखीमपुर-खीरी। जनपद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता के निर्देशन में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरुप पिछले वर्ष की तुलना में अद्यतन वर्ष में मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, जेई और एईएस के मामलों में खासी कमी दर्ज की गई है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रोटोकॉल के तहत 24 से 48 घंटे के भीतर निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष स्थिति काफी नियंत्रण में है। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि विगत वर्ष 2025 में मलेरिया के 445 केस, डेंगू के 68 केस, एईएस के 7 केस और जेई के 5 केस सामने आए थे। वहीं, इसकी तुलना में अद्यतन वर्ष में अब तक मलेरिया के 89 केस, डेंगू के 11 केस, जेई के 03 केस तथा एईएस के 05 केस ही संदर्भित किए गए हैं, जो विभाग की प्रभावी कार्रवाई को दर्शाते हैं।
जनपद में एन्टोमोलॉजिकल सर्विलांस, सोर्स रिडक्शन, एण्टीलार्वल स्प्रे, फीवर ट्रेकिंग, डोर टू डोर सर्वे, फॉगिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 31.08.2026 को निघासन के ग्राम सिंघाही कला में निसार अली (41 वर्ष) को डेंगू और प्रीतम पुरवा में असगर रजा (05 वर्ष) को जे.ई. केस मिलने के बाद दोनों गांवों के कुल 170 घरों का सर्वेक्षण किया गया। सर्वे के दौरान कई घरों के पात्रों में मच्छरों का लार्वा मिलने पर तुरंत सोर्स रिडक्शन कराया गया तथा धनात्मक पाए गए 02 घरों के मुखिया को नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा फीवर ट्रेकिंग अभियान के तहत 22 संभावित बुखार पीड़ितों की मलेरिया आरडीटी द्वारा त्वरित जांच की गई, जिसमें सभी की रिपोर्ट मलेरिया ऋणात्मक पाई गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन पर जिला मलेरिया अधिकारी की टीम द्वारा अति संवेदनशील क्षेत्रों और विगत वर्षों में वेक्टर जनित रोगों के अधिक केस वाले क्षेत्रों में लगातार एन्टोमोलॉजिकल सर्विलांस, सोर्स रिडक्शन, एण्टीलार्वल स्प्रे और डोर टू डोर सर्वे का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, लखीमपुर जनपद में समस्त जलभराव वाले स्थलों जैसे गड्ढों, नालों एवं तालाबों में गैम्बूसिया फिश डाली जा रही है, जो कि मच्छरों के लार्वा को समाप्त करने के लिए बायोलॉजिकल कंट्रोल का एक बेहतरीन विकल्प है। माह अगस्त 2026 में आवास विकास कॉलोनी, शिव कॉलोनी, मीरपुर, नौरंगाबाद, गंगोत्री नगर, अर्जुन पुरवा, महाराज नगर, छाउछ आदि क्षेत्रों के 150 से अधिक जलजमाव वाले स्थानों में गैम्बूसिया फिश छोड़ी जा चुकी हैं ताकि मच्छरों के प्रकोप को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। इसी के साथ सीएमओ द्वारा आम जनमानस से अप्लाई की गई है कि वह अपने घर व कार्यालय के आसपास जल भराव ना होने दें साफ सफाई रखें जिससे वेक्टर जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण आगे भी बना रहे सभी का सहयोग स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को संबल प्रदान करता है।