31/05/2026
🚨 भविष्य का एक डॉक्टर खो गया, लेकिन दोषी अब भी आज़ाद—आखिर क्यों? 🚨
17 मई 2026 को कल्याणपुर स्थित लोधेश्वर मंदिर के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए होम्योपैथी इंटर्न डॉ. विकास प्रजापति ने 14 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया।
डॉ. विकास केवल एक छात्र नहीं थे, बल्कि अपनी विधवा मां की उम्मीद, बहनों के सहारे और पूरे परिवार के भविष्य का आधार थे। एक होनहार युवा डॉक्टर बनने से पहले ही इस दुनिया से चला गया और उसके साथ एक परिवार के सपने भी टूट गए।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि 14 दिन बीत जाने के बाद भी टक्कर मारकर भागने वाले वाहन और चालक की पहचान तथा गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी? क्या दुर्घटना स्थल के CCTV फुटेज खंगाले गए? क्या जांच को वह प्राथमिकता मिली जिसकी यह घटना हकदार थी?
एक मां ने अपना बेटा खो दिया, समाज ने एक भावी डॉक्टर खो दिया। अब कम से कम न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए।
हम मांग करते हैं कि: ✅ दोषी वाहन चालक की तत्काल पहचान एवं गिरफ्तारी हो।
✅ मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच हो।
✅ जांच में हुई देरी की जवाबदेही तय की जाए।
✅ पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है।
UttarPradesh
RoadSafety
"एक मां का इकलौता बेटा चला गया, लेकिन न्याय अब भी रास्ता खोज रहा है।" 💔🕯️