15/05/2026
#श्वेतपोश भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध एक आम नागरिक Hemant kumar Mishra का संघर्ष...
#मैं आप सभी सम्मानित जनों से आग्रह करता हूं कि उन श्वेतपोश भ्रष्ट अधिकारियों (Corrupt Bureaucrats – White-Collar Criminals) के भ्रष्टाचार को उजागर करने में हमारा सहयोग करें, जो वैभव, शक्ति, संपत्ति और स्त्री के मोह में फंसकर अपनी आत्मा को बेच देते हैं। ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण ही समाज और व्यवस्था की नींव डगमगाती है। मैं, माता भगवती का उपासक, माता का सौगंध खाकर आप सभी को यह आश्वासन देता हूं कि किसी भी परिस्थिति में किसी का नाम उजागर नहीं करूंगा।
#आज जब कुछ महिलाएं अपने परिवार के भरण-पोषण हेतु विवश होकर कठिन रास्ता चुनती हैं, तब समाज उन्हें हेय दृष्टि से देखता है। लेकिन उससे भी अधिक घृणित हैं वे श्वेतपोश भ्रष्टाचारी हैं, जो सत्ता, शक्ति, संपत्ति एवं स्त्री के मोह में पड़कर अपने नैतिक मूल्यों और आत्मा को भी गिरवी रख देते हैं।
#इन्हीं श्वेतपोश अपराधियों ने IAS रामविलास यादव से सांठगांठ करके हमारे विरुद्ध 24 घंटे के अंदर 6 फर्जी मुकदमा दर्ज कराए और हमें थर्ड डिग्री की यातना दी। लेकिन उन भ्रष्टाचारियों के प्रयासों के बावजूद, वे हमें झुका नहीं पाए। उनकी माताओं की कोख में इतना साहस नहीं था कि वे हमें समाप्त कर सकें या IAS रामविलास यादव को जेल जाने से बचा सकें।
#हमारे समाज में एक वेश्या की भी कुछ विश्वसनीयता होती है, लेकिन ऐसे श्वेतपोश भ्रष्ट अधिकारियों की कोई नहीं। वस्तुतः, Corrupt Bureaucrats एक वेश्या से भी बदतर होते हैं, क्योंकि वे समाज को भीतर से खोखला करते हैं।
#इस देश में सम्मान सिर्फ उसी का होता है, जिसके पास शक्ति होती है। यहां शक्तिशाली व्यक्ति हमेशा सही माना जाता है, भले ही वह नैतिकता और सत्य से कोसों दूर हो। यहां सत्य का न्याय से, शक्ति का संतुलन से और इतिहास का सदाचार से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे में, महाभ्रष्ट और अय्याश किस्म के श्वेतपोश अधिकारियों को कानून के दायरे में लाकर जेल भेजना ही एकमात्र उपाय है, जिससे उन्हें उनकी हैसियत का वास्तविक परिचय कराया जा सके।
#हमारे प्रयासों के चलते, अब तक हमने दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों — जगदानंद पांडा और रामविलास यादव — को उनकी पत्नियों सहित कृष्ण जन्मस्थली अर्थात जेल में डलवाने में सफलता प्राप्त की है।
#इन भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध अभिलेखीय साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद भी, नियमानुसार कार्रवाई कर विधिक लड़ाई जीतना अत्यंत कठिन कार्य था — यह कार्य ठीक वैसा ही था जैसे तांबे के हंडे को सुराही के मुंह से निकालना, लेकिन मैं फिर भी जीता। सत्य की विजय हुई।
https://youtu.be/2KX6scdMN6Q?si=sDEka4SEV8j_Ok9
https://youtu.be/mnfl8OJoYNo?si=mVBagfc3u9ImcAll
#उपरोक्त लिंक पर आप देख सकते हैं कि DCP NORTH IPS शालिनी और ADCP CRIME दिनेश पुरी ने किस प्रकार IAS रामविलास यादव से सांठगांठ करके हमें थर्ड डिग्री दी।
#जब तक माननीय न्यायालय अपने अस्तित्व में है तब तक (Corrupt Bureaucrats – White-Collar Criminals) के भ्रष्टाचार उजागर करने का कार्य बदस्तूर जारी रहेगा।
MYogiAdityanath IAS Association Indian Police Service Association D.k Thakur IPS UP Police