01/06/2026
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर केएमसी कैंसर संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
मेरठ। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2026 को केएमसी चिकित्सा एवं कैंसर संस्थान में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैंसर विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने तंबाकू एवं धूम्रपान से होने वाली गंभीर बीमारियों और कैंसर के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में संस्थान के मुख्य चिकित्सक डॉ. सुनील गुप्ता (सर्जन), डॉ. अंशुल बंसल (महिला कैंसर रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन), डॉ. बी.एन. सतपथी (कैंसर रोग विशेषज्ञ), डॉ. निधि अग्रवाल (कैंसर रोग विशेषज्ञ) तथा डॉ. प्रतिमा अग्रवाल (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) सहित अन्य चिकित्सकों ने अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि तंबाकू के सेवन से लाखों लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू और धूम्रपान न केवल युवाओं बल्कि नई पीढ़ी के स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से तंबाकू की लत छोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
डॉ. प्रतिमा अग्रवाल ने बताया कि महिलाओं में तंबाकू का सेवन गर्भधारण में समस्या, गर्भपात और नवजात शिशुओं में विभिन्न विकारों का कारण बन सकता है। वहीं पुरुषों में भी इसका प्रभाव प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि तंबाकू में मौजूद निकोटिन, नाइट्रोसामाइंस, आर्सेनिक और अन्य रसायन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं।
डॉ. बी.एन. सतपथी ने कहा कि धूम्रपान से फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, अल्सर, दमा और अवसाद जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि तंबाकू की लत छोड़ने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा पद्धतियां भी उपलब्ध हैं।
डॉ. अंशुल बंसल ने बताया कि तंबाकू के सेवन से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर और अन्य कैंसरों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि लगातार वजन कम होना, असामान्य रक्तस्राव, शरीर में गांठ, निगलने में परेशानी और लंबे समय तक रहने वाले घाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डॉ. निधि अग्रवाल ने कैंसर की प्रारंभिक पहचान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता चलने पर उसका उपचार सफलतापूर्वक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों को पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। साथ ही महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए नियमित रूप से पैप स्मीयर और आवश्यक स्क्रीनिंग कराने के लिए जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए लोगों से तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहने की अपील की।
• तंबाकू और धूम्रपान से कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ता है
• कैंसर की समय पर पहचान से उपचार संभव
• स्वस्थ जीवनशैली और जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा