03/02/2026
आपकी संगति ही आपका मूल्य निर्धारण करती है।सब्जी तौलते समय अगर मक्खी कांटे पर बैठ गयी,तो कोई फर्क नहीं पड़ता है।मगर वही मक्खी सोना तौलते समय काँटे पर बैठ गई तो उसका मोल हजारों रुपये हो जाता है।
अतः आपकी कोई कीमत नहीं है, कीमत उस जगह की है जहाँ आप बैठे हैं।सही जगह का चुनाव करके बैठें।आपकी बैठक ही आपका मूल्य है।
सन्तों ने भी कहा है कि जैसा खाओगे अन्न,वैसा होगा मन।
जैसी संगत वैसी रंगत।