29/05/2020
नमस्ते ,
ध्यान क्या है ? ध्यान कैसे करें ?
ज़्यादातर लोगों को जैसे ही ध्यान शब्द सुनने में आया कि तुरंत उन लोगों के दिमाग़ मे एक तस्वीर बन जाती हैं कोई साधु , संन्यासी या संत की .....
जी हा , आप में से कही लोगों को लगता है कि ध्यान इन सभी लोगों के लिए है , हालाँकि पहले के मुक़ाबले आज कल कहीं अधिक लोग ध्यान करते हैं और ये अच्छी बात है । किन्तु में यदि ये कहूँ कि आप सभी लोग रोज़ ध्यान करते हो तो ? !!!!!
मेरी बात सुन कर हेरानीं हो रही है ? !! लेकिन यह बात सच है , क्या आप ने कभी अपने बच्चों को
यह कहा है ... ध्यान से पढ़ना , ध्यान से जाना ,
ये काम ध्यान से करना इत्यादि , आप लोगों ने या तो ऐसा किसी को कहा होगा या आप ने किसी से
सुना होगा , इस का अथँ ये है कि आप सभी ने जब जब ओर जो जो कायँ में सफलता पाई वो सभी कार्य ध्यान से किया यानि पुरी एकाग्रता से किया ।
आप खो गये उस समय उस काम को करने में , आप खाना बना रहे हो , आप प्रश्नों के उत्तर दे रहे हो या फिर अन्य कोई भी कार्य कर रहे हो , आप जो कायँ कर रहे हो उस के अलावा कुच ओर पता ही नहीं न समय का पता है ना भोजन किया या नहीं , कहा हो वो भी ख़बर नहीं , बस पुरी एकाग्रता से जो कुच भी कर रहे हो वो कर रहे हो । किन्तु यह ध्यान जो तक़रीबन आप सभी लोग हर कार्य करते वक़्त करते हैं वो भौतिक चीज़ों को पाने के लिए करते हो , परंतु जब आप आत्मिक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हो तब एकांत में शांत स्थान में बेठे कर अपने स्वयं के भीतर बेठे आत्म रुपी परमात्मा से प़ेम करना यानि परमात्मा हमारे भीतर बिराजमान है ऐसे शुद्ध भाव के साथ स्वयं के भीतर ध्यान केंद्रित करना चाहिए , यह सरल सी विधि नये साधकों के लिए है । नियमित ध्यान में बेठने का अभ्यास करते रहेना यह अति आवश्यक है ध्यान हो ना हो कोई बात नहीं बस केवल अपना नित्य अभ्यास करते रहे , हो सकता है कि कुच दिनों बाद , कुच महीने बाद या शायद कुच सालों बाद आप ध्यान में प़वेश कर जाओगे .....
जी हा, आप शुरू में जो प्रयत्नपूवँक कुच कर रहे थे वो अब बिलकुल बंध हो गया , अब आप बैठते हो और ध्यान में सहज ही प़वेश कर जाते हो अब कुच भी करना नहीं होता क्योंकि जब तक आप कुच कर रहे थे तब तक आपका जागृत मन सक़िय था और तब आप भूत या भविष्य में बार बार चक्कर लगाते रहते हो किन्तु जैसे ही आपका यह मन शांत हो गया कोई विचार नहीं रहा तब आपका मन वतँमान में आ जाता है , उस के बाद आपको ध्यान करना नहीं पड़ता अपितु ध्यान लग जाता है ।
( Effortlessly )
धन्यवाद । 🌹🙏🏻🌹
परेश शाह ( मुंबई )
वास्तु- ज्योतिष विशेषज्ञ
98205 75508