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Aashu rajput जय जय श्री राम जय बालाजी महाराज 🚩 🚩 🚩 क्षत्रिय धर्म, युगे युगे! 🔥
🙏आराध्य बालाजी🙏
🚩 कट्टर हिन्दू🚩

“राम जैसा चरित्र रखो, सीता जैसा धैर्य रखो, लक्ष्मण जैसा समर्पण रखो और हनुमान जैसी भक्ति रखो। फिर जीवन की कोई भी कठिनाई त...
13/10/2026

“राम जैसा चरित्र रखो, सीता जैसा धैर्य रखो, लक्ष्मण जैसा समर्पण रखो और हनुमान जैसी भक्ति रखो। फिर जीवन की कोई भी कठिनाई तुम्हें तुम्हारे धर्म और कर्तव्य से डिगा नहीं सकती।”
🙏 जय श्री राम 🚩 जय बजरंगबली 🙏
#रामायण #हनुमान #लक्ष्मण #दुर्गा

12/10/2026

#महात्मागांधी

12/10/2026

राम कहानी सुनो रे राम कहानी (लिरिक्स)राम कहानी सुनो रे राम कहानी,कहत सुनत आवे अँखियों में पानी।श्री राम जय राम, जय जय रा...
03/10/2026

राम कहानी सुनो रे राम कहानी (लिरिक्स)
राम कहानी सुनो रे राम कहानी,
कहत सुनत आवे अँखियों में पानी।
श्री राम जय राम, जय जय राम
श्री राम जय राम, जय जय राम...
दशरथ के राज दुलारे, कौशल्या की आँख के तारे,
वे सूर्य वंश के सूरज, वे रघुकुल के उज्जयारे।
राजीव नयन बोलें मधुभरी वाणी।
॥ राम कहानी सुनो रे राम कहानी... ॥
शिव धनुष भंग प्रभु करके, ले आए सीता वर के,
घर त्याग भये वनवासी, पितु की आज्ञा सिर धर के।
लखन सिया ले संग, छोड़ी रजधानी।
॥ राम कहानी सुनो रे राम कहानी... ॥
खल भेष भिक्षु धर के, भिक्षा का आग्रह करके,
उस जनक सुता सीता को, छल बल से ले गया हर के।
बड़ा दुःख पावे राजा राम जी की रानी।
॥ राम कहानी सुनो रे राम कहानी... ॥
श्री राम ने मोहे पठायो, मैं राम दूत बन आयो,
सीता माँ की सेवा में, रघुवर को संदेसा लायो।
और संग लायो, प्रभु मुद्रिका निसानी।
॥ राम कहानी सुनो रे राम कहानी... ॥
श्री राम जय राम, जय जय राम,
श्री राम जय राम, जय जय राम।
#बालाजीमहराज #हनुमान #रामायण

भारतीय संस्कृति में अटूट भक्ति, भाईचारे और धर्म की जीत की सबसे महान गाथा है। रामायण के अनुसार, इन तीनों का मिलन तब हुआ ज...
03/10/2026

भारतीय संस्कृति में अटूट भक्ति, भाईचारे और धर्म की जीत की सबसे महान गाथा है। रामायण के अनुसार, इन तीनों का मिलन तब हुआ जब भगवान श्री राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण के साथ माता सीता की खोज में वनों में भटक रहे थे।
उनकी दिव्य और ऐतिहासिक कहानी के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. पहली मुलाकात (ऋष्यमूक पर्वत)
जब श्री राम और लक्ष्मण सीता जी को खोजते हुए किष्किंधा के पास ऋष्यमूक पर्वत पहुंचे, तो वानर राज सुग्रीव को डर हुआ कि कहीं ये उनके शत्रु बाली द्वारा भेजे गए योद्धा तो नहीं हैं। सुग्रीव के कहने पर, हनुमान जी ने एक ब्राह्मण का रूप धारण किया और दोनों भाइयों का भेद जानने के लिए उनके पास गए।
जब हनुमान जी ने श्री राम की मधुर वाणी सुनी और उनका परिचय जाना, तो वे तुरंत पहचान गए कि ये उनके आराध्य साक्षात भगवान विष्णु के अवतार हैं। हनुमान जी अपने वास्तविक रूप में आ गए और प्रभु के चरणों में गिरकर क्षमा मांगी। श्री राम ने उन्हें गले से लगाया और कहा कि तुम मुझे लक्ष्मण और भरत के समान ही प्रिय हो।
2. सुग्रीव से मित्रता और सीता की खोज
हनुमान जी ने राम-लक्ष्मण को अपनी पीठ पर बैठाया और ऋष्यमूक पर्वत पर ले जाकर सुग्रीव से उनकी मित्रता कराई। अग्नि को साक्षी मानकर राम और सुग्रीव ने एक-दूसरे की सहायता करने का वचन दिया। इसके बाद, हनुमान जी ने अपनी शक्तियों को याद कर समुद्र लांघा, लंका में माता सीता का पता लगाया और श्री राम का संदेश उन तक पहुँचाया।
3. लक्ष्मण मूर्छा और हनुमान जी का संजीवनी लाना
लंका युद्ध के दौरान एक समय ऐसा आया जब रावण के पुत्र मेघनाद ने लक्ष्मण पर वीरघातिनी शक्ति का प्रहार किया, जिससे लक्ष्मण मूर्छित हो गए। लक्ष्मण की दशा देखकर श्री राम साधारण मनुष्यों की तरह विलाप करने लगे। तब लंका के राजवैद्य सुषेण के परामर्श पर, हनुमान जी सूर्योदय से पहले हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लेने आकाश मार्ग से उड़कर गए।
वहाँ औषधियों की पहचान न हो पाने के कारण, हनुमान जी ने अपनी असीम शक्ति से पूरा द्रोणागिरी पर्वत ही उठा लिया और लंका लेकर लौट आए। इस प्रकार उन्होंने लक्ष्मण के प्राण बचाए। इस घटना ने श्री राम और लक्ष्मण के प्रति हनुमान जी की अटूट निष्ठा और प्रेम को सिद्ध कर दिया। #हनुमान #बालाजीमहराज

28/09/2026

जय श्री बालाजी महाराज 🚩🚩

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