24/08/2025
#मेडिकल में मरीज के साथ बहुत बड़ी लापरवाही, इस कृत्य से मरीज की जान खतरे में.....
#सर्पदंश हुए युवक को देखने हेतु "हेल्प फॉर एनिमल वेलफेयर असोसिएशन संस्था" के स्वप्निल बोधाने, आशिष खाड़े, सचिन काकडे दि. 22/08/2025 के रात 9.30 बजे मेडिकल पहुंचे, पार्किंग में वाहन लगाते समय वहां बैठे व्यक्ति के ऊपर नजर पड़ी, इस व्यक्ति से गंदी बदबू आ रही थी, नजदीक जाकर देखा तो, उसके पैर पर पॉलीथिन बंधी हुई थी, पालीथीन खोलने पर उसके पैर में हजारों इल्ली रेंगती हुई दिखी, इल्लीयो (maggots) ने उसकी उंगलियों को निवाला बना लिया था, पैर का आधा हिस्सा इल्लीयो ने खा लिया, लगातार गंदा खून बह रहा था, उसकी यह हालत देखकर, पूछताछ करने पर अपना नाम प्रदीप धुर्वे, उम्र 36 साल, काटोल तहसील भाजीपानी गांव का रहनेवाला हु ऐसा बताया, संस्था के अध्यक्ष आशीष खाड़े ने परिचित पुलिस पाटिल को संपर्क कर उस व्यक्ति की जानकारी निकाली और उसके परिवार से संपर्क किया।
#इस व्यक्ति की गंभीर हालत देखकर तुरंत "हितज्योती आधार फाउंडेशन सावनेर" के समाजसेवक Hitesh Bansod जी से संपर्क किया तो, उन्होंने तुरंत पहुंचकर उस पीड़ित व्यक्ति को सीएमओ से बात कर वार्ड न. 69 में एडमिट करवाया, इस व्यक्ति के पैर से आ रही गंदी बदबू देखकर हर कोई दूरी बना रहा था, मरीज की ऐसी हालत देखकर चिकित्सक भी इलाज करने के लिए आना कानी कर रहे थे, डॉक्टरों से उचित सहयोग नही मिल रहा था, बड़े विलंब के बाद डॉक्टर ने उसके पैर पर तारपीन तेल डाला, इल्ली झटपटाने लगी, रात 1 बजे तक यह सब कार्यवाही होती रही।
"हेल्प फॉर एनिमल वेलफेयर असोसिएशन संस्था" के अध्यक्ष आशीष खाड़े, इस व्यक्ति के हालत का जायजा लेने पहुंचे तो पता चला कि दि. 23-08-2025 को सुबह उसे डॉक्टर ने सोनोग्राफी, एक्सरे निकालने के लिए बताया, मगर वो वापिस नहीं आया ऐसा वहां के डॉक्टर, स्टाफ, सिक्योरिटी का कहना है, यह एक झूठी कहानी भी हो सकती है, इस विषय की जांच होनी चाहिए।
यह व्यक्ति इतनी तकलीफ दर्द में था कि ठीक से चल भी नहीं सकता था, तो डॉक्टर ने किसी वार्ड बॉय को साथ क्यों नहीं भेजा ? वार्ड बॉय, स्टाफ ने स्वय ध्यान क्यों नहीं रखा ? यह प्रश्न उपस्थित हो रहा है, या जानबूझकर बदबू के कारण उसे वहां से बाहर निकालने का षडयंत्र था ? उसे ढूंढने का प्रयास तक नहीं किया गया, पैर में लगी इल्ली जिंदा है या मर गई इस बात की भी पुष्टि नहीं हो पाई, अगर इल्ली जिंदा है तो सोचिए ? यह व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से मेडिकल के कैजुल्टी के बाहर ऐसे हालत में था तो प्रशासन को क्यों नहीं दिखाई दिया? मेडिकल प्रशासन की यह बहुत बड़ी लापरवाही है।
संस्था को सिक्योरिटी और अन्य लोगों से जानकारी मिली कि, यह व्यक्ति वार्ड के आसपास दिख रहा था, उस आधार पर उसे ढूंढा जा रहा है, इस व्यक्ति के परिवार को बार बार संपर्क किया जा रहा है फिर भी इस मामले को गम्भीरता से नहीं ले रहे है।
#लोगों के साथ ऐसे मामले यहां अक्सर होते रहते है इसलिए मेडिकल प्रशासन द्वारा समिती गठित होनी चाहिए ताकि दोषियों के ऊपर कार्यवाही हो सके, और पीड़ितों का उचित इलाज हो।
#स्वप्निल बोधाने (हेल्प फॉर एनिमल वेलफेअर असोसिएशन संस्था नागपूर)
゚viralシviralシfypシ゚viralシalシ Nagpur Police Commissionerate