Holistic Healing Sessions and Yog Training

Holistic Healing Sessions and Yog Training All energies around us effect our chakra system.We give you a holistic approach towards a self awareness and better lifestyle.

18/10/2020

*दुनिया में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके जीवन में दैवीय सहायता मिलती है। किसी को ज्यादा तो किसी को कम। कुछ तो ऐसे हैं जिनके माध्यम से ऊपरी या दैवीय शक्तियां अच्छा काम करवाती हैं। सवाल यह उठता है कि आम व्यक्ति कैसे पहचानें कि उसकी दैवीय शक्तियां मदद कर रही है या उसकी पूजा-पाठ-प्रार्थना का असर हो रहा है? आओ जानते हैं इस बारे में 11 संक्षिप्त जानकारी।*

*1. अच्छा चरित्र*

शास्त्र कहते हैं कि दैवीय शक्तियां सिर्फ उसकी ही मदद करती है, जो दूसरों के दुख को समझता है, जो बुराइयों से दूर रहता है, जो नकारात्मक विचारों से दूर रहता है, जो नियमित अपने ईष्ट की आराधना करता है या जो पुण्य के काम में लगा हुआ है। यदि आप समझते हैं कि मैं ऐसा ही हूं तो निश्‍चित ही दैवीय शक्तियां आपकी मदद कर रही हैं। आपको बस थोड़ा सा इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि आप अच्छे मार्ग पर हैं और आपको ऊपरी शक्तियां देख रही हैं।

*2. ब्रह्म मुहूर्त*

विद्वान लोग कहते हैं कि यदि आपकी आंखें प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में अर्थात रात्रि 3 से 5 के बीच अचानक ही खुल जाती हैं तो आप समझ जाएं कि दैवीय शक्तियां आपके साथ हैं, क्योंकि यही वह समय होता है जबकि देवता लोग जाग्रत रहते हैं। यदि आप अपने बचपन से लेकर जवानी तक इस समय के बीच उठते रहे हैं तो समझ जाएं कि दैवीय शक्तियां आपके माध्यम से कुछ करवाना चाहती हैं या कि वे आपको एक अच्छी आत्मा समझकर यह संकेत दे रही हैं कि अब उठ जाओ। यह जीवन सोने के लिए नहीं है। आपको दुनिया में बहुत कुछ करना है। यह भी कहा जाता है कि सत्व गुण प्रधान लोग इस काल में स्वत: ही उठ जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार इस समय बहने वाली वायु को अमृततुल्य कहा गया है। यह अमृत वेला होती है। कहते हैं कि इस काल में दुनिया के मात्र 13 प्रतिशत लोगों की ही नींद खुलती है।

3. *सपने में देव दर्शन*

यदि आपको बारंबार मंदिर या किसी देव स्थान के ही सपने आते रहते हैं। सपने में आप आसमान में ही उड़ते रहते हैं या सपने में आप देवी-देवताओं से वार्तालाप करते रहते हैं तो आप समझ जाइए कि दैवीय शक्तियां आप पर मेहरबान हैं।

*4. पूर्वाभास*

यदि आपको आने वाली घटनाओं का पहले से ही ज्ञान हो जाता है या आपको पूर्वाभास हो जाता है तो आप समझ जाइए कि दैवीय शक्तियों की आप पर कृपा है।

*5. पारिवारिक प्रेम*

आपकी पत्नी, बेटा, बेटी और आपके सभी परिजन आपकी आज्ञा का पालन कर रहे हैं, वे सभी आपसे प्यार करते हैं एवं आप भी उनसे प्यार कर रहे हैं तो आप समझ जाइए कि दैवीय शक्तियां आप से प्रसन्न हैं।

*6. भाग्य से भी तेज*

जीवन में आपको अचानक से लाभ प्राप्त हो जाता है। आपके किसी भी कार्य में किसी भी प्रकार की आपको बाधा उत्पन्न नहीं होती है और सभी कुछ आपको बहुत आसानी से मिल जाता है, तो आप समझ जाइए कि दैवीय शक्तियां आपकी मदद कर रही हैं।

*7. सुगंधित वातावरण का अहसास*

यदि कभी-कभी आपको यह महसूस होता है कि मेरे आसपास कोई है या आपको बिना किसी कारण ही अपने आसपास सुगंध का अहसास हो तो समझ जाइए कि अलौकिक शक्तियां आपके आसपास आपकी मदद के लिए हैं।

*8. सुहानी हवा*

आप पूजा कर रहे हैं और यदि आपको लगे कि अचानक सुहानी हवा का झोंका या प्रकाश पुंज आ गया और शरीर में सिहरन दौड़ने लगे। ऐसा तो पहले कभी हुआ नहीं तो समझिए कि देवी या देवता आप पर प्रसन्न हैं।

*9. ठंडी हवा का घेरा*

भूमि पर रहते हुए भी कभी-कभी आपको यह अहसास हो कि मेरे आसपास बादल या ठंडी हवा का एक पुंज है जिसने मुझे घेरा हुआ है तो आप समझ जाइए कि अलौकिक या दैवीय शक्ति ने आपको घेर रखा है। ऐसा अक्सर बहुत ज्यादा पूजा-पाठ करने वाले व्यक्ति के साथ होता है।

*10. रोशनी का पुंज*

अचानक ही आपको तेज रोशनी का पुंज दिखाई दे जिसकी कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते या आपको अचानक ही कानों में मधुर संगीत सुनाई दे और आप आश्‍चर्य करें कि यहां आसपास तो कोई संगीत बज ही नहीं रहा फिर भी वह कानों में सीटी बजने की तरह सुनाई दे, तो आप समझ जाइए कि आप दैवीय शक्ति के सान्निध्य में हैं। ऐसा अक्सर उन लोगों के साथ होता है, जो निरंतर ही अपने ईष्टदेव का मंत्र जप कर रहे होते हैं।

*11. किसी की आवाज सुनाई देना*

आप रात्रि में गहरी नींद में सो रहे हैं और आपको लगता है कि किसी ने मुझे आवाज दी और आप अचानक ही उठ जाते हैं, लेकिन फिर आपको आभास होता है कि यहां तो कोई नहीं है। लेकिन आवाज तो स्पष्ट थी। ऐसा आपके साथ कई बार हो जाता है तो आप समझ जाइए कि आप पर किसी अलौकिक शक्ति की मेहरबानी है। ऐसे में आप हनुमानजी का ध्यान करें और धन्यवाद दें। शिवोम 🙏

13/09/2020

एक मन्दिर था उसमें सभी लोग पगार पर थे।
आरती वाला,
पूजा कराने वाला आदमी,
घण्टा बजाने वाला भी पगार पर था...

घण्टा बजाने वाला आदमी आरती के समय, भाव के साथ इतना मसगुल हो जाता था कि होश में ही नहीं रहता था।

घण्टा बजाने वाला व्यक्ति पूरे भक्ति भाव से खुद का काम करता था।मन्दिर में आने वाले सभी व्यक्ति भगवान के साथ साथ घण्टा बजाने वाले व्यक्ति के भाव के भी दर्शन करते थे।उसकी भी वाह वाह होती थी...

एक दिन मन्दिर का ट्रस्ट बदल गया,और नये ट्रस्टी ने ऐसा आदेश जारी किया कि अपने मन्दिर में *काम करते सब लोग पढ़े लिखे होना जरूरी है। जो पढ़े लिखें नही है, उन्हें निकाल दिया जाएगा।*

उस घण्टा बजाने वाले भाई को ट्रस्टी ने कहा कि 'तुम्हारी आज तक का पगार ले लो। कल से तुम नौकरी पर मत आना।'

उस घण्टा बजाने वाले व्यक्ति ने कहा, "साहेब भले मैं पढ़ा लिखा नही हूं,परन्तु इस कार्य में मेरा भाव भगवान से जुड़ा हुआ है, देखो!"

ट्रस्टी ने कहा,"सुन लो तुम पढ़े लिखे नही हो, इसलिए तुम्हे रखने में नही आएगा..."

दूसरे दिन मन्दिर में नये लोगो को रखने में आया। परन्तु आरती में आये लोगो को अब पहले जैसा मजा नहीं आता था। घण्टा बजाने वाले व्यक्ति की सभी को कमी महसूस होती थी।

कुछ लोग मिलकर घण्टा बजाने वाले व्यक्ति के घर गए, और विनती करी तुम मन्दिर आओ ।

उस भाई ने जवाब दिया, "मैं आऊंगा तो ट्रस्टी को लगेगा कि मैं नौकरी लेने के लिए आया है। इसलिए मैं नहीं आ सकता।"

वहा आये हुए लोगो ने एक उपाय बताया कि 'मन्दिर के बराबर सामने आपके लिए एक दुकान खोल के देते है। वहाँ आपको बैठना है और आरती के समय घण्टा बजाने आ जाना, फिर कोई नहीं कहेगा तुमको नौकरी की जरूरत है ..."

उस भाई ने मन्दिर के सामने दुकान शुरू की और वो इतनी चली कि एक दुकान से सात दुकान और सात दुकानो से एक फैक्ट्री खोली।

अब वो आदमी मर्सिडीज़ से घण्टा बजाने आता था।

समय बीतता गया। ये बात पुरानी सी हो गयी।

मन्दिर का ट्रस्टी फिर बदल गया .

नये ट्रस्ट को नया मन्दिर बनाने के लिए दान की जरूरत थी

मन्दिर के नये ट्रस्टी को विचार आया कि सबसे पहले उस फैक्ट्री के मालिक से बात करके देखते है ..

ट्रस्टी मालिक के पास गया ।सात लाख का खर्चा है, फैक्ट्री मालिक को बताया।

फैक्ट्री के मालिक ने कोई सवाल किये बिना एक खाली चेक ट्रस्टी के हाथ में दे दिया और कहा चैक भर लो ट्रस्टी ने चैक भरकर उस फैक्ट्री मालिक को वापस दिया । फैक्ट्री मालिक ने चैक को देखा और उस ट्रस्टी को दे दिया।

ट्रस्टी ने चैक हाथ में लिया और कहा सिग्नेचर तो बाकी है"

मालिक ने कहा मुझे सिग्नेचर करना नंही आता है लाओ *अंगुठा मार देता हुँ,* "वही चलेगा ..."

*ये सुनकर ट्रस्टी चौक गया और कहा*, "साहेब तुमने अनपढ़ होकर भी इतनी तरक्की की, यदि पढे लिखे होते तो कहाँ होते ...!!!"

तो वह सेठ हँसते हुए बोला,
*"भाई, मैं पढ़ा लिखा होता तो बस मन्दिर में घण्टा बजा रहा होता"*

*सारांश:*

कार्य कोई भी हो, परिस्थिति कैसी भी हो, तुम्हारी *काबिलियत* तुम्हारी *भावनाओ* पर निर्भर करती है ।
भावनायें *शुद्ध* होगी, *कर्म* सत्यमार्ग पर होगा तो *ईश्वर* और *सुंदर भविष्य* पक्का तुम्हारा साथ देगा ।

।। 🤝🏻🤝🏻🤝🏻🤝🏻।।
मन उज्ज्वल रखें, ईश्वर सदैव साथ रहेगा।
🌹🌹🌹🌹शिवोम 🙏

08/09/2020
13/02/2019

We are providing a comprehensive healing session this coming sunday. All are welcome to join and experience the divinity of chakra meditation.
Please call us for registration or whatsapp on 9899165069,9868357950

Note: The session can be taken online with following of certain steps.

Address

Rohini
New Delhi
110085

Opening Hours

Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm
Sunday 9am - 5pm

Telephone

9899165069

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